संशोधित उड़ान चरण के लिए 21 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों के एमओयू

उड़ान क्षेत्रीय संपर्क योजना के अगले चरण के तहत 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक ₹28,840 करोड़ के परिव्यय से लागू होने वाली संशोधित उड़ान योजना में 100 एयरोड्रोम और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे। मंत्रालय के अनुसार, यह चरण चार करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को सेवा देने और 120 नए गंतव्यों को जोड़ने का लक्ष्य रखता है। मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने 22 सितंबर को एयरोड्रोम विकास के लिए चैलेंज मोड शुरू किया।

स्रोत

Civil Aviation — Ram Mohan Naidu · मूल ख़बर पढ़ें ↗

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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • 21 States and UTs have signed MoUs with the Civil Aviation Ministry for the next phase of UDAN. — Stated in source and attributed to the Ministry of Civil Aviation; figure consistent across headline and body.
  • Modified UDAN runs 10 years from FY 2026-27 to FY 2035-36 with an outlay of ₹28,840 crore. — Figures appear in source, attributed to the scheme details; no independent verification possible.
  • Scheme targets 100 aerodromes, 200 modern helipads, 120 new destinations and four crore additional passengers. — Attributed to the Civil Aviation Ministry; internally consistent within the source.
  • Since UDAN's launch, 95 airports, heliports and water aerodromes have been connected, benefiting over 1.7 crore passengers. — Attributed to the ministry; cumulative figure stated without underlying data.
  • Challenge Mode for Aerodrome Development was launched by the minister on September 22. — Date and attribution given in source; minister named as Kinjarapu Ram Mohan Naidu.

विश्लेषकों की राय राय

AI राजनीतिक विश्लेषक

मोडिफाइड उड़ान के तहत 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एमओयू केवल प्रशासनिक कदम नहीं हैं — ये केंद्र को एक टिकाऊ राजनीतिक वितरण का औज़ार देते हैं। दस साल की अवधि, ₹28,840 करोड़ का परिव्यय, 100 एयरोड्रोम और 200 हेलिपैड का मतलब है अगले दो आम चुनाव चक्रों तक शिलान्यास और उद्घाटन की लगातार आपूर्ति। चैलेंज मोड में राज्यों को खुद जगहें नामित करनी हैं, इसलिए सक्रिय राज्य फ़ायदे में और सुस्त राज्य नुकसान में रहेंगे — और इससे 'केंद्र पक्षपात कर रहा है' जैसे आरोपों की गुंजाइश भी बनती है।

  • एमओयू का ढाँचा केंद्र को राजनीतिक कवच देता है — परियोजनाएँ अटकीं तो ज़िम्मेदारी राज्यों पर डाली जा सकती है।
  • चैलेंज मोड में राज्यों की होड़ इस योजना को सहकारी संघवाद से अधिक प्रतिस्पर्धी संघवाद की दिशा में ले जाती है।
  • पहाड़ी, दूरदराज़, द्वीपीय और आकांक्षी क्षेत्रों पर ज़ोर उन सीटों को छूता है जो संख्या में कम, मगर प्रतीकात्मक रूप से मज़बूत हैं।
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय टीडीपी के किंजरापु राममोहन नायडू के पास होने से योजना एनडीए सहयोगियों की दृश्यता भी बढ़ाती है।
  • जिन राज्यों ने एमओयू नहीं किए, वे 'हमारा हिस्सा नहीं मिला' का विमर्श खड़ा कर सकते हैं — हालाँकि खबर में यह नहीं बताया गया कि कौन बाहर रहे।

किस पर नज़र रखें — देखना यह है कि चैलेंज मोड के पहले दौर में किन राज्यों और किन क्षेत्रों को चुना जाता है — वहीं से योजना का असली राजनीतिक भूगोल साफ़ होगा।

खबर यह नहीं बताती कि वे 21 राज्य कौन हैं, कौन बाहर रहे, या धनराशि कैसे बँटेगी; ये अभी घोषित लक्ष्य हैं, पूरा हुआ ढाँचा नहीं।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 4 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) क्षेत्रीय संपर्क योजना का उद्देश्य असेवित और अल्पसेवित क्षेत्रों तक हवाई यात्रा पहुँचाना है। अब इसके अगले चरण—संशोधित उड़ान—के लिए 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह चरण वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों के लिए ₹28,840 करोड़ के परिव्यय से लागू होगा और इसमें 100 एयरोड्रोम तथा 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का प्रावधान है। एमओयू केंद्र, राज्यों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के बीच समन्वित कार्रवाई का ढाँचा तैयार करते हैं।

मुख्य तथ्य

  • 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने उड़ान के अगले चरण के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
  • संशोधित उड़ान योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक, यानी 10 वर्षों के लिए, ₹28,840 करोड़ के कुल परिव्यय से लागू होगी।
  • योजना में मौजूदा असेवित एयरस्ट्रिप्स से 100 एयरोड्रोम तथा पहाड़ी, दूरदराज, द्वीपीय और आकांक्षी क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।
  • अगला चरण चार करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को यात्रा सुविधा देने और 120 नए गंतव्यों को जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।
  • उड़ान की शुरुआत के बाद से 95 हवाई अड्डे, हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रोम सैकड़ों मार्गों से जुड़े हैं, जिससे 1.7 करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित हुए।
  • नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने 22 सितंबर को 'चैलेंज मोड फॉर एयरोड्रोम डेवलपमेंट' शुरू किया।
  • योजना में एयरलाइन ऑपरेटरों के लिए पाँच वर्षीय क्रमिक रूप से घटती (tapered) वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) सहायता का प्रावधान है।
  • चैलेंज मोड के तहत राज्य सरकारें और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से एयरस्ट्रिप और हेलीपैड नामित कर सकते हैं।

समयरेखा

  1. 22 सितंबरनागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने एयरोड्रोम विकास के लिए चैलेंज मोड की शुरुआत की।
  2. 23 सितंबर (नई दिल्ली)21 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा संशोधित उड़ान के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर की घोषणा।
  3. वित्त वर्ष 2026-27संशोधित उड़ान योजना का कार्यान्वयन शुरू होगा।
  4. वित्त वर्ष 2035-36दस वर्षीय संशोधित उड़ान योजना की अवधि पूरी होगी।

किसका दाँव

  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय — योजना का कार्यान्वयन, ₹28,840 करोड़ परिव्यय का प्रबंधन और राज्यों के साथ समन्वय।
  • 21 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश — एमओयू के तहत एयरस्ट्रिप/हेलीपैड नामित करना और हवाई अड्डा ढाँचे के विकास में सहयोग।
  • भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) — केंद्र-राज्य समन्वित कार्रवाई के ढाँचे में एयरोड्रोम विकास में भागीदार।
  • क्षेत्रीय एयरलाइन ऑपरेटर — पाँच वर्षीय घटती वीजीएफ सहायता और नए मार्गों की बोली के अवसर।
  • दूरदराज, पहाड़ी, द्वीपीय व आकांक्षी क्षेत्रों के यात्री — 120 नए गंतव्यों से जुड़ाव; चार करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को हवाई पहुँच।
  • स्वदेशी विमान/हेलीकॉप्टर निर्माण क्षमता — योजना स्वदेशी विमान एवं हेलीकॉप्टर क्षमताओं को बढ़ावा देती है।

क्यों अहम है

21 एमओयू पर हस्ताक्षर संशोधित उड़ान के नीति-नियोजन से कार्यान्वयन की ओर बढ़ने का संकेत हैं, क्योंकि एयरोड्रोम और हेलीपैड के लिए भूमि व ढाँचा राज्यों के सहयोग पर निर्भर है। 100 एयरोड्रोम, 200 हेलीपैड और 120 नए गंतव्य पहाड़ी, द्वीपीय और आकांक्षी क्षेत्रों की पहुँच बदल सकते हैं। साथ ही वीजीएफ को पाँच वर्ष में क्रमिक रूप से घटाना मार्गों की परिचालन स्थिरता की परीक्षा होगी।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • उड़ान का पूर्ण रूप: उड़े देश का आम नागरिक; क्रियान्वयन नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा।
  • संशोधित उड़ान: वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36, परिव्यय ₹28,840 करोड़।
  • लक्ष्य: 100 एयरोड्रोम, 200 आधुनिक हेलीपैड, 120 नए गंतव्य, 4 करोड़ अतिरिक्त यात्री।
  • अब तक उड़ान के तहत 95 हवाई अड्डे/हेलीपोर्ट/वाटर एयरोड्रोम जुड़े, 1.7 करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित।
  • चैलेंज मोड फॉर एयरोड्रोम डेवलपमेंट 22 सितंबर को शुरू; राज्य पोर्टल से एयरस्ट्रिप नामित करेंगे।
  • वर्तमान नागरिक उड्डयन मंत्री: किंजरापु राम मोहन नायडू।

मेन्स दृष्टिकोण

संशोधित उड़ान भारत में क्षेत्रीय हवाई संपर्क की दूसरी पीढ़ी की पहल है, जिसमें केवल मार्ग-सब्सिडी से आगे बढ़कर ढाँचागत विकास, परिचालन स्थिरता और केंद्र-राज्य सहयोग पर जोर है। मूल कारण यह है कि असेवित एयरस्ट्रिप्स तथा पहाड़ी, द्वीपीय व आकांक्षी क्षेत्रों में हवाई पहुँच सीमित रही, और एयरलाइनों के लिए ऐसे मार्ग व्यावसायिक रूप से कठिन हैं—इसीलिए वायबिलिटी गैप फंडिंग जारी रखी गई है, पर पाँच वर्ष में क्रमिक रूप से घटती हुई, ताकि मार्ग अंततः स्वावलंबी बनें। 21 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के एमओयू और चैलेंज मोड पोर्टल राज्यों को स्थल-चयन में सक्रिय भागीदार बनाते हैं, जिससे बोली और मार्ग विकास की गति बढ़ सकती है; एएआई तकनीकी भागीदार है। निहितार्थ हैं—दूरदराज क्षेत्रों की आर्थिक व आपदा-कालीन पहुँच, पर्यटन, तथा स्वदेशी विमान-हेलीकॉप्टर क्षमताओं को बाजार। आगे की राह में समयबद्ध एयरोड्रोम निर्माण, राज्यों द्वारा भूमि व सहायक ढाँचा, हेलीपैड संचालन की व्यवहार्यता, और सब्सिडी समाप्त होने के बाद मार्गों के टिकाऊपन की निगरानी निर्णायक होगी।

मुख्य शब्द

उड़ान (UDAN)
उड़े देश का आम नागरिक—क्षेत्रीय संपर्क योजना, जो असेवित/अल्पसेवित क्षेत्रों तक सस्ती हवाई यात्रा पहुँचाती है।
संशोधित उड़ान
उड़ान का अगला चरण: FY 2026-27 से 2035-36 तक ₹28,840 करोड़ के परिव्यय से, ढाँचे व स्थायित्व पर अधिक जोर।
वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ)
घाटे वाले क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन के लिए एयरलाइनों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता; यहाँ पाँच वर्ष में घटती हुई।
चैलेंज मोड फॉर एयरोड्रोम डेवलपमेंट
22 सितंबर को शुरू तंत्र, जिसमें राज्य/केंद्रशासित प्रदेश पोर्टल पर एयरस्ट्रिप व हेलीपैड नामित कर विकास हेतु प्रस्तावित करते हैं।
एएआई (भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण)
हवाई अड्डा विकास व संचालन से जुड़ी संस्था, जो एमओयू ढाँचे में केंद्र-राज्य समन्वय की भागीदार है।
एयरोड्रोम
विमान के उड़ान भरने/उतरने के लिए निर्धारित क्षेत्र व सुविधाएँ; योजना में 100 ऐसे स्थल असेवित एयरस्ट्रिप्स से विकसित होंगे।

अभ्यास प्रश्न

  1. संशोधित उड़ान योजना के प्रमुख प्रावधानों की चर्चा करते हुए बताइए कि यह मूल उड़ान योजना से किन पहलुओं में भिन्न है।
  2. क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार में वायबिलिटी गैप फंडिंग की भूमिका और उसे क्रमिक रूप से घटाने के संभावित प्रभावों का परीक्षण कीजिए।
  3. 'चैलेंज मोड' जैसे तंत्र केंद्र-राज्य सहकारी संघवाद को कैसे मजबूत कर सकते हैं? एयरोड्रोम विकास के संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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