तमिलनाडु में कक्षा 6 से 8 तक मुफ्त नाश्ता योजना विस्तारित
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने मंगलवार को चेन्नई के तिरुवन्मियूर स्थित गांधी ग्रामम के सरकारी मिडिल स्कूल में विस्तारित पेरुनथलैवर कामराजर मुफ्त नाश्ता योजना शुरू की। विस्तार के तहत 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 के करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र शामिल होंगे। अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ के साथ कुल आवंटन ₹724 करोड़ हुआ। मेन्यू में उपमा, किचड़ी, पोंगल और सप्ताह में दो बार मोटे अनाज के व्यंजन हैं। 6 अक्टूबर उपचुनाव आचार संहिता के कारण चेंगलपट्टू और तिरुपुर में अमल टला।
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- CM C Joseph Vijay launched the expanded Perunthalaivar Kamarajar Free Breakfast scheme at a government middle school in Gandhi Gramam, Tiruvanmiyur, Chennai, on Tuesday. — Reported directly by the source with place, date and event detail; no independent confirmation possible.
- The expansion covers about 15.30 lakh additional students in Classes 6 to 8 across 15,454 government and government-aided schools. — Specific figures appear in the source; no issuing authority named for the numbers.
- An additional ₹217.63 crore has been allocated this financial year, taking the total breakfast programme allocation to ₹724 crore. — Figure appears in source; attribution implied to government budget documents.
- Implementation is deferred in Chengalpattu and Tirupur due to the Model Code of Conduct for the October 6 Assembly by-elections. — Stated in source without named official attribution.
- Scheme history: Chennai Corporation school meals, statewide expansion under Kamaraj in 1962, Nutritious Meal Programme under MGR in 1982, eggs added in 1989, breakfast scheme by M K Stalin in 2022, extended to aided urban primary schools in August 2025. — Attributed in part to state government records and budget documents; dates are internally consistent.
विश्लेषकों की राय राय
यह कोई बिल्कुल नई योजना नहीं, बल्कि तमिलनाडु के छह दशक पुराने स्कूल-पोषण ढांचे पर चढ़ी एक और मंज़िल है। नाश्ता योजना को कक्षा 1-5 से कक्षा 6-8 तक बढ़ाने का अर्थ है उसी आयु वर्ग को सुबह का भोजन देना जो दोपहर के भोजन से पहले ही आच्छादित है — यानी नई व्यवस्था खड़ी करने के बजाय मौजूदा तंत्र का अधिक उपयोग। ₹217.63 करोड़ के अतिरिक्त आवंटन से कुल राशि ₹724 करोड़ होने के बाद असली परीक्षा खर्च की नहीं, अमल की गुणवत्ता की है।
- 15,454 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के करीब 15.30 लाख विद्यार्थियों तक विस्तार — लाभार्थी मुख्यतः सरकारी स्कूलों पर निर्भर कम आय वाले परिवार हैं।
- कामराज कालीन भोजन योजना, एमजीआर का पोषाहार कार्यक्रम और 2022 की कक्षा 1-5 नाश्ता योजना — इस क्रम में ताज़ा कदम नीतिगत निरंतरता दिखाता है, टूट नहीं।
- सप्ताह में दो बार मोटे अनाज के व्यंजन जोड़ना मेन्यू विविधता का संकेत है, पर मात्रा, पोषण मानक और गुणवत्ता निगरानी पर खबर कुछ नहीं बताती।
- दोपहर के भोजन के साथ दूसरा भोजन पकाने से रसोई कर्मियों, रसोई ढांचे और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ने की आशंका है — ऐसी योजनाएं यहीं कमज़ोर पड़ती हैं।
- 6 अक्टूबर के उपचुनावों की आचार संहिता के कारण चेंगलपट्टू और तिरुपुर में अमल टलना दिखाता है कि चुनावी समयसीमा कल्याणकारी शुरुआतों को कैसे प्रभावित करती है।
किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि उपस्थिति और ड्रॉपआउट दरों में मापनीय बदलाव आता है या नहीं, दोनों स्थगित ज़िले कब जुड़ते हैं, और अगले बजट में ₹724 करोड़ की प्रतिबद्धता बनी रहती है या नहीं।
खबर योजना की शुरुआत और आवंटन बताती है, पोषण पर्याप्तता, उपस्थिति पर असर या ज़मीनी तैयारी का कोई स्वतंत्र आकलन प्रमाणित नहीं करती।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 8 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
तमिलनाडु में स्कूली बच्चों को पोषण देने की परंपरा दशकों पुरानी है — चेन्नई कॉर्पोरेशन स्कूलों से शुरू होकर 1962 में के कामराज के कार्यकाल में यह राज्यव्यापी मध्याह्न भोजन बनी, 1982 में एमजीआर के तहत पौष्टिक भोजन कार्यक्रम बनी और 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कक्षा 1 से 5 के लिए मुख्यमंत्री नाश्ता योजना शुरू की। अब मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने 22 सितंबर 2026 को चेन्नई के तिरुवन्मियूर स्थित गांधी ग्रामम के सरकारी मिडिल स्कूल से विस्तारित पेरुनथलैवर कामराजर मुफ्त नाश्ता योजना की शुरुआत की। विस्तार के तहत अब कक्षा 6 से 8 के छात्र भी योजना के दायरे में आ गए हैं। उद्देश्य वही है — भूख बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने।
मुख्य तथ्य
- मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को चेन्नई के तिरुवन्मियूर स्थित गांधी ग्रामम सरकारी मिडिल स्कूल में विस्तारित पेरुनथलैवर कामराजर मुफ्त नाश्ता योजना शुरू की।
- विस्तार से 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 के करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र लाभान्वित होंगे।
- चालू वित्त वर्ष में अतिरिक्त ₹217.63 करोड़ आवंटित; नाश्ता कार्यक्रम का कुल आवंटन ₹724 करोड़ हो गया।
- मेन्यू में उपमा, किचड़ी और पोंगल शामिल हैं; सप्ताह में दो बार मोटे अनाज (मिलेट) आधारित व्यंजन दिए जाएंगे।
- 6 अक्टूबर के विधानसभा उपचुनावों की आदर्श आचार संहिता के कारण चेंगलपट्टू और तिरुपुर में अमल टाल दिया गया है।
- राज्य सरकार के अभिलेखों के अनुसार भोजन सबसे पहले चेन्नई कॉर्पोरेशन स्कूलों में दिया गया, जिसे 1962 में कामराज के कार्यकाल में राज्यव्यापी किया गया।
- 1982 में एम जी रामचंद्रन के तहत यह पौष्टिक भोजन कार्यक्रम बना; 1989 में पोषण मूल्य बढ़ाने के लिए अंडे जोड़े गए।
- अगस्त 2025 में नाश्ता योजना का दायरा शहरी क्षेत्रों के सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों की कक्षा 1 से 5 तक बढ़ाया गया।
समयरेखा
- 1954-1963के कामराज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री; इसी दौर में स्कूल भोजन कार्यक्रम को गति मिली।
- 1962चेन्नई कॉर्पोरेशन स्कूलों की भोजन पहल राज्यव्यापी की गई — लक्ष्य नामांकन बढ़ाना और ड्रॉपआउट घटाना।
- 1982एम जी रामचंद्रन के नेतृत्व में कार्यक्रम 'पौष्टिक भोजन कार्यक्रम' में बदला गया।
- 1989भोजन का पोषण मूल्य बढ़ाने के लिए अंडे शामिल किए गए।
- 2022तत्कालीन मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कक्षा 1 से 5 के लिए मुख्यमंत्री नाश्ता योजना शुरू की।
- अगस्त 2025शहरी क्षेत्रों के सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक स्कूलों की कक्षा 1 से 5 तक योजना विस्तारित।
- 22 सितंबर 2026 (मंगलवार)मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने कक्षा 6 से 8 के लिए विस्तारित नाश्ता योजना शुरू की; उन्होंने बच्चों को नाश्ता परोसा और उनके साथ भोजन किया।
- 6 अक्टूबरविधानसभा उपचुनाव — आचार संहिता के कारण चेंगलपट्टू और तिरुपुर में अमल टला।
किसका दाँव
- कक्षा 6 से 8 के करीब 15.30 लाख छात्र — सुबह की भूख से राहत, कक्षा में बेहतर एकाग्रता और नियमित उपस्थिति की संभावना।
- तमिलनाडु सरकार — कुल ₹724 करोड़ का वित्तीय बोझ; पोषण, उपस्थिति और अधिगम को जोड़ने की नीतिगत प्रतिबद्धता।
- मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय — कामराज से एमजीआर और स्टालिन तक चली आ रही स्कूल पोषण विरासत का विस्तार करने वाले नेता के रूप में पहचान।
- 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल — नाश्ता तैयार करने, परोसने और मेन्यू पालन की क्रियान्वयन जिम्मेदारी।
- चेंगलपट्टू और तिरुपुर के छात्र — 6 अक्टूबर उपचुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण लाभ मिलने में देरी।
- निर्वाचन आयोग / आदर्श आचार संहिता तंत्र — चुनावी अवधि में नई योजनाओं के अमल पर रोक सुनिश्चित करना।
क्यों अहम है
यह विस्तार स्कूली पोषण को केवल मध्याह्न भोजन से आगे बढ़ाकर सुबह की भूख तक ले जाता है, जिसे राज्य के बजट दस्तावेज कुपोषण घटाने और बच्चों की एकाग्रता सुधारने के प्रयास के रूप में वर्णित करते हैं। 15.30 लाख अतिरिक्त छात्रों और ₹724 करोड़ के कुल आवंटन के साथ यह देश में स्कूल-आधारित पोषण हस्तक्षेप के सबसे बड़े राज्य प्रयोगों में से एक है। साथ ही चेंगलपट्टू और तिरुपुर में टला अमल दिखाता है कि कल्याणकारी योजनाओं का समय चुनावी आचार संहिता से कैसे बंधा होता है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- पेरुनथलैवर कामराजर मुफ्त नाश्ता योजना — तमिलनाडु; कक्षा 6 से 8 तक विस्तार 22 सितंबर 2026 को शुरू।
- विस्तार का दायरा: 15,454 सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, करीब 15.30 लाख अतिरिक्त छात्र।
- अतिरिक्त आवंटन ₹217.63 करोड़; नाश्ता कार्यक्रम का कुल आवंटन ₹724 करोड़।
- के कामराज तमिलनाडु के मुख्यमंत्री 1954 से 1963; 1962 में स्कूल भोजन राज्यव्यापी हुआ।
- 1982 — एम जी रामचंद्रन के तहत पौष्टिक भोजन कार्यक्रम; 1989 — अंडे शामिल।
- 2022 — एम के स्टालिन ने कक्षा 1 से 5 के लिए मुख्यमंत्री नाश्ता योजना शुरू की।
मेन्स दृष्टिकोण
तमिलनाडु की स्कूल पोषण यात्रा — चेन्नई कॉर्पोरेशन स्कूलों की शुरुआती भोजन पहल, 1962 में कामराज के कार्यकाल में राज्यव्यापी विस्तार, 1982 में एमजीआर का पौष्टिक भोजन कार्यक्रम, 1989 में अंडों का समावेश, 2022 में कक्षा 1-5 के लिए नाश्ता योजना और अब कक्षा 6-8 तक विस्तार — यह दर्शाती है कि राज्य ने पोषण, विद्यालय उपस्थिति और अधिगम को एक ही नीतिगत श्रृंखला के रूप में देखा है। मूल कारण स्पष्ट है: सुबह की भूख और कुपोषण बच्चों की एकाग्रता घटाते हैं और नामांकन-ड्रॉपआउट पर असर डालते हैं; राज्य के बजट दस्तावेज भी योजना को कुपोषण से लड़ने और पढ़ाई पर ध्यान बढ़ाने के प्रयास के रूप में रखते हैं। निहितार्थ तीन स्तरों पर हैं — शैक्षिक (उपस्थिति व एकाग्रता), पोषणिक (मोटे अनाज आधारित व्यंजन सप्ताह में दो बार), और राजकोषीय (कुल ₹724 करोड़, जिसमें ₹217.63 करोड़ अतिरिक्त)। आगे की राह के लिए स्रोत में नीतिगत घोषणाएँ नहीं दी गई हैं; तथ्यात्मक रूप से उल्लेखनीय यह है कि 15,454 स्कूलों में एकरूप क्रियान्वयन और चेंगलपट्टू-तिरुपुर जैसे आचार संहिता-प्रभावित जिलों में स्थगित लाभ की पूर्ति प्रशासनिक चुनौतियाँ बनी रहेंगी।
मुख्य शब्द
- पेरुनथलैवर कामराजर मुफ्त नाश्ता योजना
- तमिलनाडु की सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में मुफ्त नाश्ता देने वाली योजना, जिसका नाम पूर्व मुख्यमंत्री के कामराज पर है।
- आदर्श आचार संहिता (MCC)
- चुनाव अवधि में लागू नियम, जिसके कारण चेंगलपट्टू और तिरुपुर में योजना का अमल 6 अक्टूबर के उपचुनाव तक टाल दिया गया।
- पौष्टिक भोजन कार्यक्रम (1982)
- एम जी रामचंद्रन के नेतृत्व में तमिलनाडु के स्कूल भोजन कार्यक्रम का रूपांतरित संस्करण।
- मुख्यमंत्री नाश्ता योजना (2022)
- एम के स्टालिन द्वारा कक्षा 1 से 5 के लिए शुरू की गई नाश्ता योजना, जो सुबह की भूख दूर करने पर केंद्रित थी।
- मिलेट आधारित व्यंजन
- मोटे अनाज से बने पकवान, जो विस्तारित मेन्यू में सप्ताह में दो बार दिए जाएंगे।
- सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल
- निजी प्रबंधन वाले पर सरकारी अनुदान पाने वाले स्कूल, जिन्हें भी इस योजना में शामिल किया गया है।
अभ्यास प्रश्न
- तमिलनाडु के स्कूल भोजन कार्यक्रमों के 1962 से 2026 तक के विकासक्रम का परीक्षण करते हुए बताइए कि पोषण, उपस्थिति और अधिगम के बीच संबंध को नीतियों ने कैसे संबोधित किया।
- स्कूल-आधारित नाश्ता योजनाओं के शैक्षिक और पोषणिक लाभों का मूल्यांकन कीजिए। तमिलनाडु के हालिया विस्तार के वित्तीय आयामों पर चर्चा कीजिए।
- आदर्श आचार संहिता कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को कैसे प्रभावित करती है? चेंगलपट्टू और तिरुपुर के उदाहरण से समझाइए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
