स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए 2027 से गुणवत्ता मानक

सरकार ने सोमवार को जारी अधिसूचना में कहा कि मोटाई, आकार, प्रकाश पारगमन, दोष और मजबूती से जुड़ी शर्तें पूरी न करने वाले और 'स्टैंडर्ड' मार्क रहित स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर 1 अप्रैल 2027 के बाद भारत में न बनाए, न आयात, न बिक्री के लिए रखे, बेचे या वितरित किए जा सकेंगे। MeitY ने इन्हें IS 19348:2025 के तहत अनिवार्य पंजीकरण सूची में 66वीं वस्तु के रूप में जोड़ा। आईसीईए अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू के अनुसार, सालाना 50 करोड़ से अधिक यूनिट के बाजार में इससे ₹12,000–16,000 करोड़ का उद्योग और करीब 60,000 नौकरियां बन सकती हैं।

स्रोत

Hindustan Times — India · मूल ख़बर पढ़ें ↗

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • From April 1, 2027, smartphone screen protectors without the 'Standard' mark cannot be made, stored for sale, imported, sold or distributed in India. — Attributed to a government notification issued Monday; date and conditions appear in source.
  • MeitY added 'screen protectors for smartphones' as the 66th item to the Compulsory Registration Order list, against IS 19348:2025. — Figure and standard number appear in source, attributed to MeitY notification; source notes the September 21 amendment.
  • IS 19348:2025 covers smartphones, tablets, laptops, PC screens and e-readers, but the MeitY notification refers only to smartphones. — Stated in source as a clarification; internally consistent.
  • The move will catalyse a ₹12,000–16,000 crore industry, about 60,000 jobs and ₹2,000 crore in GST, in a market of over 500 million units a year. — Attributed to Pankaj Mohindroo, Chairman, India Cellular and Electronics Association; projection, not verified.
  • Over 90% of screen protector demand is currently met through low-cost imports. — Attributed vaguely to 'industry stakeholders'; no specific data source given.

विश्लेषकों की राय राय

AI टेक्नोलॉजी विश्लेषक

यह देखने में एक मामूली एक्सेसरी से जुड़ी अधिसूचना लगती है, लेकिन दरअसल यह भारत की उस कोशिश का हिस्सा है जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन के सबसे निचले स्तर पर भी गुणवत्ता मानक थोपे जा रहे हैं। मोटाई, आयाम, प्रकाश पारगमन, दोष और मजबूती जैसे मानक तय करके सरकार एक बड़े हद तक असंगठित बाज़ार को — जिसकी 90% से अधिक मांग सस्ते आयात से पूरी होती है — अनिवार्य पंजीकरण के दायरे में ला रही है। उपभोक्ता के लिए मतलब सीधा है: 1 अप्रैल 2027 के बाद बाज़ार में सिर्फ 'स्टैंडर्ड' मार्क वाले उत्पाद दिखने चाहिए और टच सेंसिटिविटी, स्पष्टता तथा टिकाऊपन में अनिश्चितता घटेगी। कीमतों और छोटे विक्रेताओं की तैयारी पर अधिसूचना चुप है।

  • IS 19348:2025 का दायरा टैबलेट, लैपटॉप, पीसी स्क्रीन और ई-रीडर तक फैला है, लेकिन MeitY की अधिसूचना केवल स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर पर लागू है — आगे अन्य श्रेणियों तक विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है।
  • 1 अप्रैल 2027 की समयसीमा लगभग दो साल का संक्रमण काल देती है, जो घरेलू निर्माण और परीक्षण क्षमता खड़ी करने के लिए बनाया गया लगता है।
  • सालाना 50 करोड़ से अधिक यूनिट के बाज़ार में 90% से ज्यादा हिस्सा आयात का होने से अनुपालन का बोझ मुख्यतः सस्ते विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर पड़ेगा, जो आयात-प्रतिस्थापन की व्यापक दिशा से मेल खाता है।
  • ₹12,000–16,000 करोड़ के उद्योग और 60,000 नौकरियों के आंकड़े ICEA के चेयरमैन के हैं, यानी उद्योग संगठन का अनुमान, कोई सरकारी प्रक्षेपण नहीं।
  • निर्यात के लिए बने सामान इस आदेश से बाहर हैं, इसलिए विदेश भेजे जाने वाले उत्पाद विदेशी खरीदार के मानकों पर चलेंगे — घरेलू और निर्यात उत्पादन लाइनें अलग हो सकती हैं।

किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि बीआईएस पंजीकरण और परीक्षण प्रयोगशालाओं की क्षमता कितनी तेज़ी से बढ़ती है, और छोटे असंगठित विक्रेता समय रहते ढल पाते हैं या बाज़ार कुछ बड़े ब्रांडों के हाथ में सिमट जाता है।

यह खबर प्रवर्तन तंत्र, दंड के प्रावधान, परीक्षण ढांचे की तैयारी या खुदरा कीमतों पर असर स्थापित नहीं करती; उद्योग आकार और रोजगार के आंकड़े असत्यापित अनुमान हैं।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 6 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण के दायरे में ला दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी गुड्स (रिक्वायरमेंट ऑफ कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर, 2021 में संशोधन कर इस उत्पाद को अनिवार्य पंजीकरण सूची में 66वीं वस्तु के रूप में जोड़ा है, जिसके लिए भारतीय मानक IS 19348:2025 लागू होगा। यह सूची 2012 से बनाई और अद्यतन की जाती रही है और इसमें वे आईटी व इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद शामिल हैं जिन्हें बीआईएस द्वारा जारी विशिष्ट भारतीय मानकों के अनुरूप होना जरूरी है। उद्योग के अनुसार, अभी स्क्रीन प्रोटेक्टर की 90% से अधिक मांग सस्ते आयात से पूरी होती है।

मुख्य तथ्य

  • 1 अप्रैल 2027 के बाद भारत में ऐसे स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर न बनाए, न भंडारित, आयात, बेचे या वितरित किए जा सकेंगे जो निर्धारित शर्तें पूरी न करें और जिन पर 'स्टैंडर्ड' मार्क न हो।
  • निर्धारित शर्तें मोटाई, आकार (dimensions), प्रकाश पारगमन (light transmission), दोष (defects) और मजबूती (strength) से जुड़ी हैं।
  • MeitY ने 21 सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिये इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी गुड्स (कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर, 2021 में संशोधन किया।
  • सोमवार की अधिसूचना में 'स्क्रीन प्रोटेक्टर्स फॉर स्मार्टफोन्स' को सूची में 66वीं वस्तु के रूप में जोड़ा गया, संबद्ध मानक IS 19348:2025 है।
  • IS 19348:2025 को बीआईएस ने जुलाई 2025 में पेश किया था; इसका दायरा स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, पीसी स्क्रीन, ई-रीडर आदि को कवर करता है, लेकिन MeitY अधिसूचना केवल 'स्मार्टफोन' का उल्लेख करती है।
  • आईसीईए अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू के अनुसार, सालाना 50 करोड़ (500 मिलियन) यूनिट के बाजार में यह कदम ₹12,000–16,000 करोड़ के गुणवत्ता-आधारित उद्योग को गति देगा।
  • मोहिंद्रू के अनुसार इससे लगभग 60,000 सीधे और अप्रत्यक्ष रोजगार तथा अनुमानित ₹2,000 करोड़ जीएसटी राजस्व मिलेगा।
  • उद्योग हितधारकों के मुताबिक अभी स्क्रीन प्रोटेक्टर की 90% से अधिक मांग सस्ते आयात से पूरी होती है, जिससे गुणवत्ता असमान और बाजार बड़े पैमाने पर असंगठित है।

समयरेखा

  1. 2012 सेआईटी व इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की अनिवार्य पंजीकरण सूची बनाई और अद्यतन की जा रही है।
  2. 2021इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गुड्स (रिक्वायरमेंट ऑफ कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर लागू।
  3. जुलाई 2025बीआईएस ने मानक IS 19348:2025 पेश किया।
  4. 21 सितंबरMeitY ने अधिसूचना जारी कर 2021 के आदेश में संशोधन किया।
  5. सोमवार (अधिसूचना)स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण सूची में 66वीं वस्तु के रूप में जोड़ा गया।
  6. 1 अप्रैल 2027 के बादमानक पूरे न करने वाले और 'स्टैंडर्ड' मार्क रहित स्क्रीन प्रोटेक्टर के निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री व वितरण पर रोक।

किसका दाँव

  • MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) — अनिवार्य पंजीकरण आदेश में संशोधन और नई वस्तु जोड़ने वाला प्राधिकरण; गुणवत्ता अनुपालन लागू कराना।
  • भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) — IS 19348:2025 जारी करने वाली संस्था; 'स्टैंडर्ड' मार्क और मानक अनुपालन की व्यवस्था।
  • उपभोक्ता / स्मार्टफोन उपयोगकर्ता — 1 अप्रैल से बाजार में 'स्टैंडर्ड' मार्क वाले उत्पाद अधिक दिखेंगे; मोटाई, मजबूती व प्रकाश पारगमन में एकरूप गुणवत्ता।
  • आयातक व असंगठित विक्रेता — 90% से अधिक मांग पूरी करने वाले सस्ते आयात पर मानक अनुपालन का दबाव।
  • घरेलू निर्माता और आईसीईए (पंकज मोहिंद्रू) — ₹12,000–16,000 करोड़ का उद्योग, ~60,000 रोजगार और ₹2,000 करोड़ जीएसटी राजस्व की संभावना।
  • निर्यातक — MeitY का 2021 आदेश निर्यात हेतु बने सामान पर लागू नहीं; वे विदेशी खरीदार की विशिष्टता के अनुरूप रहेंगे।

क्यों अहम है

स्क्रीन प्रोटेक्टर जैसे रोजमर्रा के सहायक उत्पाद का बाजार अब तक बड़े पैमाने पर असंगठित और सस्ते आयात पर निर्भर था, जिससे गुणवत्ता असमान रही। अनिवार्य भारतीय मानक लागू होने से उपभोक्ता को मापे जा सकने वाली गुणवत्ता मिलेगी और घरेलू विनिर्माण, रोजगार तथा कर राजस्व बढ़ने की संभावना बनती है। यह दिखाता है कि सरकार इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला के छोटे कलपुर्जों व सहायक उत्पादों तक गुणवत्ता नियंत्रण का दायरा बढ़ा रही है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर अनिवार्य पंजीकरण सूची में 66वीं वस्तु; संबद्ध मानक IS 19348:2025।
  • IS 19348:2025 बीआईएस द्वारा जुलाई 2025 में पेश; दायरा स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, पीसी स्क्रीन, ई-रीडर तक।
  • संशोधित कानून: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गुड्स (रिक्वायरमेंट ऑफ कंपल्सरी रजिस्ट्रेशन) ऑर्डर, 2021।
  • प्रतिबंध की तिथि: 1 अप्रैल 2027 के बाद गैर-मानक व 'स्टैंडर्ड' मार्क रहित उत्पाद वर्जित।
  • 2021 का आदेश निर्यात के लिए बने सामान पर लागू नहीं होता।
  • आईसीईए (इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन) के अध्यक्ष: पंकज मोहिंद्रू।

मेन्स दृष्टिकोण

स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण आदेश, 2021 के दायरे में लाकर सरकार ने एक ऐसे उत्पाद वर्ग को मानकों से जोड़ा है जिसकी 90% से अधिक मांग सस्ते आयात से पूरी होती रही है और जिसका बाजार बड़े पैमाने पर असंगठित रहा है। इसका कारण स्पष्ट है — मोटाई, आकार, प्रकाश पारगमन, दोष और मजबूती जैसे मापदंडों में एकरूपता के अभाव से उपभोक्ता हित प्रभावित होता है; इसलिए IS 19348:2025 और 'स्टैंडर्ड' मार्क अनिवार्य किया गया है और 1 अप्रैल 2027 से गैर-अनुरूप उत्पादों के निर्माण, आयात, भंडारण, बिक्री व वितरण पर रोक होगी। प्रभाव दोहरे हैं: उपभोक्ता के लिए गुणवत्ता आश्वासन, और उद्योग के लिए आईसीईए के अनुमान अनुसार ₹12,000–16,000 करोड़ का उद्योग, ~60,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार तथा ₹2,000 करोड़ जीएसटी राजस्व; साथ ही सस्ते आयात पर निर्भर छोटे विक्रेताओं के लिए अनुपालन लागत की चुनौती। आगे का रास्ता परीक्षण व प्रमाणन क्षमता का विस्तार, अनुपालन में पर्याप्त संक्रमण-अवधि का उपयोग, और यह स्पष्टता है कि मानक का दायरा टैबलेट-लैपटॉप जैसी अन्य स्क्रीनों तक कब बढ़ेगा, क्योंकि MeitY अधिसूचना अभी केवल 'स्मार्टफोन' तक सीमित है।

मुख्य शब्द

अनिवार्य पंजीकरण आदेश (CRO), 2021
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी गुड्स से जुड़ा आदेश जिसमें सूचीबद्ध उत्पादों का निर्दिष्ट भारतीय मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
IS 19348:2025
बीआईएस द्वारा जुलाई 2025 में पेश भारतीय मानक, जिसके दायरे में स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप, पीसी स्क्रीन व ई-रीडर के स्क्रीन प्रोटेक्टर आते हैं।
बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो)
भारतीय मानक जारी करने वाली संस्था, जिसके मानकों के अनुरूप होने पर उत्पाद 'स्टैंडर्ड' मार्क धारण करता है।
'स्टैंडर्ड' मार्क
वह चिह्न जो दर्शाता है कि उत्पाद निर्धारित भारतीय मानक की शर्तें पूरी करता है; इसके बिना बिक्री 1 अप्रैल 2027 के बाद वर्जित।
MeitY
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, जिसने 21 सितंबर की अधिसूचना से 2021 के आदेश में संशोधन किया।
आईसीईए
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन; उद्योग निकाय, अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू।

अभ्यास प्रश्न

  1. अनिवार्य पंजीकरण आदेश, 2021 के तहत स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर पर भारतीय मानक लागू करने के उपभोक्ता हित और घरेलू विनिर्माण पर संभावित प्रभावों की समीक्षा कीजिए।
  2. भारत में गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों और बीआईएस मानकों का विस्तार आयात-निर्भरता घटाने में किस हद तक कारगर हो सकता है? स्क्रीन प्रोटेक्टर के उदाहरण से समझाइए।
  3. IS 19348:2025 का दायरा टैबलेट, लैपटॉप व ई-रीडर तक होने के बावजूद अधिसूचना केवल स्मार्टफोन तक सीमित है — इस नीतिगत सीमा के निहितार्थ क्या हैं?

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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