राजनीति Uttar Pradesh

यूपी कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण मंजूर किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी गई, साथ ही अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। प्रांतीय रक्षक दल स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से 600 रुपये किया गया, जिससे 27,794 स्वयंसेवकों को लाभ होगा और सालाना 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा। मथुरा की बंद छाता शुगर मिल में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत का इथेनॉल प्लांट भी मंजूर हुआ।

स्रोत

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (4)
  • UP Cabinet approved 20% horizontal reservation for former Agniveers in direct recruitment to Jail Warder and Transport Department Enforcement Constable posts, with three-year age relaxation. — Attributed to Finance Minister Suresh Kumar Khanna after the Cabinet meeting; figures appear in source.
  • PRD volunteers' daily duty allowance raised from Rs 500 to Rs 600, benefiting 27,794 volunteers at an extra annual cost of Rs 101.44 crore, with Rs 45 crore through supplementary grants. — Attributed to Khanna; all figures appear in the source text.
  • Ethanol plant at the closed Chhata Sugar Mill in Mathura will cost over Rs 200 crore, run 11 months a year and produce 3.96 crore litres annually. — Attributed to Sugarcane Development Minister Laxmi Narayan Chaudhary; figures appear in source, not independently verified.
  • The mill had been closed 19 years and the previous Samajwadi Party government paid nothing towards it. — Political claim made by the minister; no supporting documentation given in the source.

विश्लेषकों की राय राय

AI राजनीतिक विश्लेषक

अगले साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए यूपी कैबिनेट के ये फैसले एक सधे हुए राजनीतिक पैकेज की तरह दिखते हैं। पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देकर भाजपा अग्निपथ योजना पर उठने वाली सबसे तीखी आपत्ति की धार कम करने की कोशिश कर रही है — उत्तर प्रदेश में सैन्य भर्ती भावनात्मक और रोज़गार, दोनों का मुद्दा है। पीआरडी भत्ते में बढ़ोतरी और मथुरा का एथेनॉल प्लांट भी खास वर्गों — ज़मीनी स्वयंसेवक और गन्ना बेल्ट — को लक्षित करते हैं।

  • अग्निपथ पर विपक्ष के लगातार हमलों के बीच, राज्य सरकार द्वारा सेवा के बाद नौकरी का भरोसा देना केंद्रीय योजना को राजनीतिक सुरक्षा कवच देने जैसा है।
  • तीन साल की आयु छूट और चार साल की सेवा अवधि को उम्र गणना से घटाने से पात्र पूर्व अग्निवीरों की संख्या बढ़ेगी, यानी प्रभावित मतदाता वर्ग भी बड़ा होगा।
  • 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों को महीने में 3,000 रुपये अतिरिक्त और कैशलेस इलाज — संख्या छोटी है, पर स्थानीय प्रभाव बड़ा; सालाना 101.44 करोड़ रुपये का बोझ चुनाव-पूर्व वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर सकता है।
  • 19 साल से बंद छाता मिल को फिर शुरू करने की घोषणा और मंत्री का पिछली सपा सरकार पर तंज बताता है कि पश्चिमी यूपी की गन्ना पट्टी पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो चुकी है।
  • आरक्षण को 'क्षैतिज' बताया गया है, इसलिए भाजपा दावा कर सकती है कि मौजूदा वर्गीय कोटा प्रभावित नहीं होगा, फिर भी विपक्ष और नौकरी के अभ्यर्थी अमल के ब्योरे पर सवाल उठा सकते हैं।

किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि यह आरक्षण अन्य विभागों की भर्तियों तक बढ़ता है या नहीं, और विपक्ष इसे अग्निपथ की कमियों की स्वीकारोक्ति के रूप में पेश करता है या नहीं।

खबर चुनावी समय-संदर्भ की ओर इशारा करती है, लेकिन सरकार की मंशा, कितने पूर्व अग्निवीरों को वास्तव में लाभ मिलेगा, या मतदान पर इसका असर — इनमें से कुछ भी स्थापित नहीं करती।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 3 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में कई निर्णय लिए गए। अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने पुलिस-प्रकार के पदों पर आरक्षण देने का फैसला किया। साथ ही प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों के भत्ते में बढ़ोतरी और मथुरा की बंद छाता शुगर मिल में इथेनॉल प्लांट लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

मुख्य तथ्य

  • जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों पर सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मंजूर किया गया।
  • पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की विशेष छूट दी जाएगी; आयु गणना में उनकी 4 वर्ष की सेवा अवधि घटाई जाएगी।
  • वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को यह आरक्षण सामाजिक श्रेणी में मिलेगा।
  • पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये किया गया।
  • 30 दिन ड्यूटी करने वाले पीआरडी स्वयंसेवक का मानदेय प्रति माह 3,000 रुपये बढ़ेगा; 27,794 स्वयंसेवकों को लाभ।
  • इस निर्णय से राज्य कोष पर सालाना 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार; चालू वित्त वर्ष के शेष महीनों के लिए अनुपूरक अनुदान से 45 करोड़ रुपये की तत्काल व्यवस्था।
  • मथुरा की छाता शुगर मिल में 200 करोड़ रुपये से अधिक लागत का इथेनॉल (एक्सटेंशन) प्लांट मंजूर; वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर, संचालन 11 माह।
  • गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के अनुसार यह मिल 19 वर्ष पहले बंद हुई थी; गन्ना पेराई सत्र के बाद मक्का और धान से भी इथेनॉल बनेगा।

समयरेखा

  1. 19 वर्ष पूर्वमथुरा की छाता शुगर मिल बंद हुई (गन्ना विकास मंत्री के अनुसार)।
  2. मंगलवार (कैबिनेट बैठक का दिन)लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने अग्निवीर आरक्षण, पीआरडी भत्ता वृद्धि और इथेनॉल प्लांट को मंजूरी दी।
  3. अगले वर्षउत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रस्तावित।

किसका दाँव

  • पूर्व अग्निवीर — जेल वार्डर व प्रवर्तन सिपाही पदों में 20% क्षैतिज आरक्षण और तीन वर्ष की आयु छूट से सेवा के बाद रोजगार का अवसर।
  • प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के 27,794 स्वयंसेवक व उनके परिवार — दैनिक भत्ता 600 रुपये तथा मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ।
  • उत्तर प्रदेश सरकार / राज्य कोष — पीआरडी निर्णय पर सालाना 101.44 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय और 45 करोड़ रुपये की अनुपूरक व्यवस्था।
  • मथुरा के गन्ना किसान व छाता क्षेत्र — बंद मिल में 200 करोड़ रुपये से अधिक के इथेनॉल प्लांट से गन्ना, मक्का व धान की खपत और स्थानीय आर्थिक गतिविधि।
  • अन्य भर्ती अभ्यर्थी — जेल वार्डर व प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में 20% पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होने का असर।

क्यों अहम है

अग्निपथ योजना के तहत चार वर्ष बाद सेवा से बाहर आने वाले युवाओं के भविष्य को लेकर उठे सवालों के बीच राज्य स्तर पर आरक्षण जैसे कदम पुनर्वास का ठोस रास्ता बनाते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले ये फैसले वर्दीधारी युवाओं, पीआरडी स्वयंसेवकों और गन्ना क्षेत्र जैसे बड़े मतदाता समूहों को सीधे छूते हैं। साथ ही बंद चीनी मिल को इथेनॉल इकाई में बदलना कृषि-आधारित ऊर्जा और मिल पुनर्जीवन की नीति दिशा दर्शाता है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर व परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों पर 20% क्षैतिज आरक्षण मंजूर किया।
  • पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट; 4 वर्ष की सेवा अवधि आयु गणना से घटाई जाएगी।
  • पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 से 600 रुपये; लाभार्थी 27,794; वार्षिक भार 101.44 करोड़ रुपये।
  • मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना का विस्तार स्वयंसेवकों व उनके परिवारों तक।
  • मथुरा की छाता शुगर मिल में इथेनॉल प्लांट: लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक, क्षमता 3.96 करोड़ लीटर सालाना, 11 माह संचालन।
  • बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की; घोषणाएं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कीं।

मेन्स दृष्टिकोण

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती अग्निवीरों की चार वर्ष की सेवा के बाद पुनर्वास का प्रश्न नीति-चर्चा के केंद्र में रहा है; उत्तर प्रदेश कैबिनेट का जेल वार्डर और परिवहन प्रवर्तन सिपाही पदों पर 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा तीन वर्ष की आयु छूट का निर्णय इसी शून्य को भरने का राज्य-स्तरीय प्रयास है, जिसमें सेवा अवधि को आयु गणना से घटाने का प्रावधान भागीदारी बढ़ाने के लिए किया गया है। क्षैतिज आरक्षण होने के कारण यह लाभ सामाजिक श्रेणी के भीतर मिलेगा, जिससे मौजूदा आरक्षण ढांचे पर प्रभाव और अन्य अभ्यर्थियों के अवसरों का प्रश्न स्वाभाविक रूप से उठता है। दूसरी ओर 27,794 पीआरडी स्वयंसेवकों का भत्ता बढ़ाने से 101.44 करोड़ रुपये का वार्षिक राजकोषीय भार जुड़ेगा, जिसकी पूर्ति चालू वर्ष में 45 करोड़ रुपये के अनुपूरक अनुदान से होगी—यह कल्याण और राजकोषीय अनुशासन के संतुलन का प्रश्न है। छाता शुगर मिल में इथेनॉल इकाई, जो गन्ना सत्र के बाद मक्का और धान से भी उत्पादन करेगी, बंद इकाइयों के पुनर्जीवन और कृषि-ऊर्जा जुड़ाव का उदाहरण है। आगे की राह इन घोषणाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, पारदर्शी भर्ती नियमावली और प्लांट की कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में है।

मुख्य शब्द

अग्निवीर
अग्निपथ भर्ती व्यवस्था के तहत चार वर्ष की अवधि के लिए सशस्त्र बलों में सेवा देने वाले जवान; स्रोत में 4 वर्ष की सेवा अवधि का उल्लेख है।
क्षैतिज आरक्षण
मौजूदा सामाजिक श्रेणियों के भीतर दिया जाने वाला आरक्षण; स्रोत के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को यह लाभ सामाजिक श्रेणी में मिलेगा।
प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी)
उत्तर प्रदेश का स्वयंसेवक बल, जिसके सदस्यों को ड्यूटी के दिनों के अनुसार दैनिक भत्ता/मानदेय मिलता है।
मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना
पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारजनों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने वाली योजना, जिसका विस्तार कैबिनेट ने मंजूर किया।
अनुपूरक अनुदान
बजट में स्वीकृत राशि से अतिरिक्त व्यय के लिए विधानमंडल से ली जाने वाली अनुमति; यहां 45 करोड़ रुपये की व्यवस्था इससे की गई।
इथेनॉल एक्सटेंशन प्लांट
चीनी मिल परिसर में जोड़ा जाने वाला संयंत्र जो गन्ना, मक्का व धान से इथेनॉल बनाता है; छाता मिल में क्षमता 3.96 करोड़ लीटर सालाना।

अभ्यास प्रश्न

  1. पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य पुलिस/जेल सेवाओं में आरक्षण अग्निपथ योजना से जुड़ी पुनर्वास चिंताओं का समाधान कहां तक कर सकता है? उत्तर प्रदेश के हाल के निर्णय के आलोक में परीक्षण करें।
  2. क्षैतिज आरक्षण और ऊर्ध्वाधर आरक्षण में अंतर स्पष्ट करते हुए बताइए कि पूर्व अग्निवीरों को सामाजिक श्रेणी के भीतर 20% आरक्षण देने के व्यावहारिक प्रभाव क्या होंगे।
  3. बंद चीनी मिलों को इथेनॉल उत्पादन इकाइयों में परिवर्तित करना किसानों की आय और ऊर्जा जरूरतों को कैसे जोड़ता है? छाता शुगर मिल के उदाहरण से चर्चा करें।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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