18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संपन्न, नई दिल्ली घोषणापत्र स्वीकृत
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 13 सितंबर को नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जबकि नई दिल्ली घोषणापत्र 12 सितंबर को स्वीकृत हुआ। 45 पृष्ठों और 140 पैराग्राफ के दस्तावेज़ में व्यापार, स्वास्थ्य, एआई और पर्यटन शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क और निरंतरता एवं कार्यान्वयन तंत्र प्रस्तावित किया। चार कृषि पहलें तथा बेंगलुरु के निमहांस के समन्वय में मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र घोषित हुए। एकपक्षीय प्रतिबंधों व शुल्कों की निंदा, डब्ल्यूटीओ सुधार का समर्थन और 22 अप्रैल 2025 के जम्मू-कश्मीर हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए, की निंदा की गई। यूक्रेन और साझा मुद्रा का उल्लेख नहीं।
स्रोत
BRICS / G20 / SCO / Quad · मूल ख़बर पढ़ें ↗
डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की
डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- The 18th BRICS Summit concluded on September 13 in New Delhi, with the New Delhi Declaration adopted on September 12. — Dates appear in the source and are internally consistent across the article and its summary boxes.
- The declaration runs 45 pages with 140 paragraphs covering trade, health, AI and tourism. — Figures appear in the source; no independent document citation given beyond the declaration itself.
- PM Narendra Modi proposed a Seafarers' Emergency Support Network; India provides over 12% of the world's trained seafarers. — Attributed to the Prime Minister in the source; the 12% figure is stated without a named data source.
- Leaders condemned the April 22, 2025 terror attack in Jammu and Kashmir in which 26 people were killed. — Quoted directly from the declaration text in the source.
- The declaration made no reference to Ukraine and did not address a common BRICS currency. — Presented as the article's reading of the 45-page declaration; framed as analysis rather than an official statement.
विश्लेषकों की राय राय
న్యూఢిల్లీ డిక్లరేషన్ ప్రధానంగా ఒక దౌత్య సమతుల్య ప్రదర్శన — 140 పేరాల్లో వాణిజ్యం, ఆరోగ్యం, వ్యవసాయం, ఏఐ లాంటి 'సహకార' అంశాలను నింపి, ఘర్షణాత్మక అంశాలను పక్కన పెట్టడం ద్వారా భారత్ ఆతిథ్య దేశంగా ఏకాభిప్రాయం సాధించింది. ఉక్రెయిన్ ప్రస్తావన లేకపోవడం, ఉమ్మడి కరెన్సీ అంశాన్ని తప్పించడం రెండూ ఒకే వ్యూహాన్ని సూచిస్తున్నాయి: రష్యాతో సంబంధాలకు ఇబ్బంది కలిగించకుండా, అదే సమయంలో పశ్చిమ దేశాలతో ఘర్షణ ముద్ర పడకుండా చూసుకోవడం. దేశీయ రాజకీయ కోణంలో పహల్గామ్ దాడిని ఖండించే భాషను డిక్లరేషన్లో నిలబెట్టుకోవడం, నిమ్హాన్స్ వంటి భారతీయ సంస్థలకు కేంద్ర స్థానం దక్కడం ప్రధాని మోదీ ప్రభుత్వానికి చెప్పుకోదగిన ఫలితాలు.
- ఆతిథ్య దేశంగా ఎజెండాను నిర్దేశించే అవకాశాన్ని భారత్ ఉపయోగించుకుంది — సీఫేరర్స్ నెట్వర్క్, కొనసాగింపు–అమలు యంత్రాంగం, నిమ్హాన్స్ సమన్వయ కేంద్రం అన్నీ 'భారత ముద్ర'గా ప్రచారానికి అనుకూలమైన అంశాలు.
- ఉక్రెయిన్పై ఒక్క పేరా కూడా లేకపోవడం రియో 2025 కంటే వెనక్కి వెళ్లడమే; ఇది రష్యాకు దౌత్య లాభం, అదే సమయంలో భారత్కు వివాదాన్ని తప్పించుకునే సౌలభ్యం.
- ఏకపక్ష ఆంక్షలు, విచక్షణారహిత సుంకాలు, సీబీఏఎం వ్యతిరేకత — ఇవన్నీ పశ్చిమ దేశాల విధానాలను పరోక్షంగా లక్ష్యంగా చేసుకున్నవే, కానీ ఏ దేశాన్నీ పేరు పెట్టి ప్రస్తావించని 'సురక్షిత' భాషలో ఉన్నాయి.
- ఉమ్మడి కరెన్సీపై మౌనం, స్థానిక కరెన్సీ లావాదేవీలకే పరిమితం కావడం — డాలర్కు ప్రత్యామ్నాయం అనే కథనాన్ని ఉద్దేశపూర్వకంగా తగ్గించే ప్రయత్నంగా చదవవచ్చు.
- యూఎన్ఎస్సీ సంస్కరణలపై చైనా, రష్యా మద్దతు భాష 2022, 2023 డిక్లరేషన్ల పునరుక్తి మాత్రమే — కొత్త పురోగతి కనిపించడం లేదు, అంటే భారత్కు ఇది ప్రతీకాత్మక లాభమే.
किस पर नज़र रखें — ప్రధాని ప్రతిపాదించిన కొనసాగింపు–అమలు యంత్రాంగం ట్రోయికా ద్వారా నిజంగా పనిచేస్తుందా, లేక ఇతర బ్రిక్స్ ప్రకటనల్లా కాగితంపైనే ఉంటుందా అన్నది తదుపరి అధ్యక్ష దేశం చేతిలో ఉంటుంది — దీనిపైనే భారత ఆతిథ్య సదస్సు వారసత్వం నిలుస్తుంది.
ఏ దేశం ఏ అంశంపై పట్టుబట్టిందో, ఉక్రెయిన్ ప్రస్తావన ఎవరి ఒత్తిడితో తొలగిందో, ప్రతిపక్షాలు లేదా ఇతర సభ్య దేశాల ప్రతిస్పందన ఏమిటో ఈ కథనం ఏమీ నిర్ధారించలేదు; ఇక్కడ ఉన్నది డిక్లరేషన్ కంటెంట్ మాత్రమే, చర్చల లోపలి వివరాలు కాదు.
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 10 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में 13 सितंबर को संपन्न हुआ और समूह ने 12 सितंबर को 'नई दिल्ली घोषणापत्र' स्वीकार किया। यह सम्मेलन शुल्कों, व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक विखंडन की पृष्ठभूमि में हुआ और इसका विषय था "Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability"; यह ब्रिक्स का 20वां वर्ष भी है। ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में BRIC के रूप में हुई थी और अब इसमें 11 पूर्ण सदस्य हैं। घोषणापत्र 45 पृष्ठ और 140 पैराग्राफ का है, जिसमें व्यापार, स्वास्थ्य, एआई और पर्यटन पर विस्तार से चर्चा है।
मुख्य तथ्य
- 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 13 सितंबर को नई दिल्ली में संपन्न; नई दिल्ली घोषणापत्र 12 सितंबर को स्वीकृत।
- घोषणापत्र 45 पृष्ठ और 140 पैराग्राफ का, जिसमें व्यापार, स्वास्थ्य, एआई और पर्यटन शामिल।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क' और 'ब्रिक्स कंटीन्यूइटी एंड इम्प्लीमेंटेशन मैकेनिज्म' (ट्रोइका के माध्यम से) प्रस्तावित किया।
- भारत विश्व के 12% से अधिक प्रशिक्षित नाविक (seafarers) उपलब्ध कराता है।
- चार नई कृषि पहलें, जिनमें किसान-केंद्रित, गैर-बाध्यकारी BRICS AGRIN (कृषि-इनपुट, आनुवंशिक संसाधन एवं सूचना नेटवर्क) शामिल।
- मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रशिक्षण हब व उत्कृष्टता केंद्रों के नेटवर्क को समर्थन; बेंगलुरु स्थित निमहांस (NIMHANS) समन्वयक केंद्र।
- पैरा 22 में 'एकपक्षीय दंडात्मक उपायों', एकपक्षीय आर्थिक व द्वितीयक प्रतिबंधों की निंदा; CBAM का विरोध और डब्ल्यूटीओ सुधार का समर्थन।
- 22 अप्रैल 2025 के जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए, की कड़ी निंदा; यूक्रेन और साझा ब्रिक्स मुद्रा का कोई उल्लेख नहीं।
समयरेखा
- 2006गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के बाद ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन को मिलाकर BRIC की शुरुआत।
- 2009पहला नेताओं का शिखर सम्मेलन रूस के येकातेरिनबर्ग में।
- 2010दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने से BRIC बना BRICS।
- 2024मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई समूह में शामिल।
- जनवरी 2025इंडोनेशिया 11वां पूर्ण सदस्य बना।
- 22 अप्रैल 2025जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला, 26 लोगों की मौत (घोषणापत्र में निंदा)।
- 2025 (रियो)रियो घोषणापत्र में यूक्रेन संघर्ष पर राष्ट्रीय स्थितियों का उल्लेख करने वाला पैराग्राफ था।
- पिछले माह (भुवनेश्वर)13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक, जिसके परिणामों का स्वागत किया गया।
- 12 सितंबरनई दिल्ली घोषणापत्र स्वीकृत।
- 13 सितंबर18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में संपन्न।
किसका दाँव
- भारत (मेजबान) एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी — नाविक सुरक्षा नेटवर्क, कार्यान्वयन तंत्र, निमहांस व औद्योगिक दक्षता केंद्र के माध्यम से एजेंडा पर भारतीय छाप।
- ब्रिक्स के 11 सदस्य देश — व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष और शिक्षा में सहयोग तथा एकपक्षीय शुल्क-प्रतिबंधों पर साझा रुख।
- रूस — घोषणापत्र में यूक्रेन या उसके आक्रमण/प्रतिबंधों का कोई उल्लेख न होना।
- चीन और रूस (यूएनएससी स्थायी सदस्य) — भारत और ब्राज़ील की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बड़ी भूमिका की आकांक्षाओं का समर्थन दोहराया।
- निमहांस, बेंगलुरु — ब्रिक्स मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्रों का समन्वयक केंद्र बनना।
- भारतीय नाविक और उनके परिवार — समुद्र में सुरक्षा व समय पर सहायता; हज़ारों परिवार वाणिज्यिक जहाजों पर काम करने वालों पर निर्भर।
- डब्ल्यूटीओ एवं बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था — नियम-आधारित, गैर-भेदभावपूर्ण व्यवस्था के सुधार की मांग; CBAM जैसे उपायों का विरोध।
क्यों अहम है
45 पृष्ठों के इस घोषणापत्र ने शुल्क-युद्ध और भू-राजनीतिक विखंडन के दौर में ब्रिक्स को टकराव के बजाय सहयोग के मंच के रूप में पेश किया, और भारत ने नाविक सुरक्षा, कृषि, मानसिक स्वास्थ्य व कार्यान्वयन तंत्र जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर एजेंडा तय किया। यूएनएससी सुधार पर चीन-रूस के समर्थन और पहलगाम हमले की निंदा से भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताएं दर्ज हुईं। साथ ही यूक्रेन और साझा मुद्रा की अनुपस्थिति दिखाती है कि 11 सदस्यों वाले विस्तारित समूह में सहमति कितनी सावधानी से गढ़ी जाती है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: नई दिल्ली, 13 सितंबर को संपन्न; घोषणापत्र 12 सितंबर को स्वीकृत; विषय — Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability।
- ब्रिक्स सदस्य (11): ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूएई।
- ट्रोइका = ब्रिक्स के पूर्व, वर्तमान और आगामी अध्यक्षों का ढांचा; इसके जरिये 'कंटीन्यूइटी एंड इम्प्लीमेंटेशन मैकेनिज्म'।
- RSSC ब्रिक्स देशों के मौजूदा उपग्रहों का वर्चुअल नेटवर्क — भारत का रिसोर्ससैट 2 व 2A, चीन का गाओफेन-6 व जियुआन III 02, रूस का कानोपस-V।
- CBAM: यूरोप द्वारा अधिक कार्बन उत्सर्जन वाली प्रक्रियाओं से बने आयातित सामान पर लगाया जाने वाला शुल्क; ब्रिक्स ने विरोध किया।
- शिक्षा एजेंडा: ECCE, FLN, BRICS-TCA (TVET सहयोग गठबंधन) और ब्रिक्स नेटवर्क विश्वविद्यालय।
मेन्स दृष्टिकोण
नई दिल्ली घोषणापत्र को शुल्कों, व्यापार-प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक विखंडन के माहौल में सावधानीपूर्ण कूटनीतिक संतुलन से सर्वसम्मति तक पहुंचाया गया — 140 पैराग्राफ मुख्यतः व्यापार, स्वास्थ्य, एआई और पर्यटन जैसे सहयोगात्मक विषयों पर केंद्रित रहे, टकराव पर नहीं। कारण स्पष्ट हैं: 2024-25 के विस्तार के बाद 11 सदस्यों के हितों में विविधता, पश्चिमी प्रतिबंध-व्यवस्थाओं व CBAM जैसे उपायों पर साझा असंतोष, और डब्ल्यूटीओ-केंद्रित नियम-आधारित व्यवस्था के क्षरण की चिंता। भारत के लिए निहितार्थ दोहरे हैं — एक ओर सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क (भारत विश्व के 12% से अधिक प्रशिक्षित नाविक देता है), चार कृषि पहलें, AGRIN, निमहांस-समन्वित मानसिक स्वास्थ्य CoEs, DPI रिपॉजिटरी और औद्योगिक दक्षता केंद्र जैसी ठोस भारतीय छाप; दूसरी ओर पहलगाम हमले की निंदा तथा यूएनएससी सुधार पर चीन-रूस का समर्थन। सीमाएं भी उतनी ही अहम हैं: यूक्रेन का कोई उल्लेख नहीं और साझा मुद्रा पर चुप्पी, जिसके बदले स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटान का क्रमिक लक्ष्य ("no one-size-fits-all approach")। आगे का रास्ता ट्रोइका आधारित कंटीन्यूइटी एंड इम्प्लीमेंटेशन मैकेनिज्म से घोषणाओं की निगरानी, वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के लिए "mutually reinforcing policy levers" और डब्ल्यूटीओ सुधार की सामूहिक पैरवी में निहित है।
मुख्य शब्द
- नई दिल्ली घोषणापत्र
- 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 12 सितंबर को स्वीकृत 45 पृष्ठ, 140 पैराग्राफ का साझा दस्तावेज़।
- ट्रोइका
- ब्रिक्स के पूर्व, वर्तमान और आगामी अध्यक्ष देशों का ढांचा, जिसके जरिये पहलों की निगरानी होगी।
- BRICS AGRIN
- सहयोगात्मक, गैर-बाध्यकारी और किसान-केंद्रित कृषि-इनपुट, आनुवंशिक संसाधन एवं सूचना नेटवर्क।
- निमहांस (NIMHANS)
- बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान; ब्रिक्स मानसिक स्वास्थ्य CoE का समन्वयक।
- CBAM
- कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म — अधिक कार्बन उत्सर्जन वाली विदेशी उत्पादन प्रक्रियाओं पर यूरोप का आयात शुल्क।
- RSSC
- ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन — सदस्य देशों के मौजूदा पृथ्वी-निगरानी उपग्रहों का वर्चुअल नेटवर्क।
अभ्यास प्रश्न
- नई दिल्ली घोषणापत्र में व्यापार, प्रौद्योगिकी और आतंकवाद पर बनी सहमति तथा यूक्रेन व साझा मुद्रा की अनुपस्थिति के आलोक में विस्तारित ब्रिक्स की सर्वसम्मति-निर्माण क्षमता का परीक्षण कीजिए।
- 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की पहलों (सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क, कृषि पहलें, निमहांस-समन्वित मानसिक स्वास्थ्य CoEs, कार्यान्वयन तंत्र) का मूल्यांकन कीजिए।
- एकपक्षीय शुल्क, द्वितीयक प्रतिबंध और CBAM पर ब्रिक्स की आपत्तियां डब्ल्यूटीओ सुधार की मांग को किस प्रकार पुष्ट करती हैं? चर्चा कीजिए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
