समानता नहीं, मुसलमानों को निशाना बनाना: यूसीसी पर ओवैसी
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को हैदराबाद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर आपत्ति जताई कि एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लाई जाएगी। उन्होंने कहा, "भाजपा यह समानता के लिए नहीं कर रही, यह केवल मुसलमानों को निशाना बनाने के लिए है।" ओवैसी ने इसे अनुच्छेद 25 और 14 का उल्लंघन बताया और कहा कि एनडीए द्वारा नियुक्त विधि आयोग ने यूसीसी को अनावश्यक बताया था। उन्होंने एनआरसी, एसआईआर, वंदे मातरम, ब्रिक्स और पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों के बंद होने पर भी सवाल उठाए।
स्रोत
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डेस्क जाँच · कुछ दावे ध्यान से पढ़ें
डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- Amit Shah said NDA governments in 21 states would introduce the UCC before 2029. — Directly quoted in source, attributed to Shah's Sunday remarks in Mumbai.
- Owaisi said the UCC push violates Articles 25 and 14 and targets Muslims. — Attributed to Owaisi at a press interaction in Hyderabad; opinion/allegation, not verified fact.
- West Bengal ordered the closure of 252 madrassas over lack of approvals. — Figure appears in source; no document or official cited beyond Owaisi's criticism.
- The NDA-appointed Law Commission concluded a UCC was neither necessary nor desirable. — Claim made by Owaisi; source gives no independent confirmation.
- China supplied weapons to Pakistan during Operation Sindoor. — Allegation by Owaisi, unsourced in the article.
विश्लेषकों की राय राय
అమిత్ షా 2029కి ముందు 21 ఎన్డీఏ రాష్ట్రాల్లో యూసీసీ అనే ప్రకటన చేయడం, ఒవైసీ దానిపై వెంటనే స్పందించడం — ఇద్దరూ తమ తమ ఓటర్లతో మాట్లాడుతున్న సూచన. బీజేపీకి యూసీసీ అనేది "సమానత్వం, ముస్లిం మహిళల హక్కులు" అనే ఫ్రేమ్లో మెజారిటీ ఏకీకరణకు, ట్రిపుల్ తలాక్ తరహా విజయ కథనాన్ని కొనసాగించడానికి పనికొచ్చే అంశం; ఒవైసీకి అది రాజ్యాంగ హక్కుల ఉల్లంఘనగా చూపి ముస్లిం రాజకీయ స్థలంలో తన స్వరాన్ని బలపరచుకునే అవకాశం. ఆసక్తికరమైన రాజకీయ మెలిక ఒవైసీ లేవనెత్తిన మిత్రపక్షాల ప్రశ్న — చంద్రబాబు, నితీశ్, చిరాగ్ పాశ్వాన్ వైఖరి ఏమిటన్నది, ఎందుకంటే "21 రాష్ట్రాలు" అనే లెక్క ఎన్డీఏ భాగస్వాముల సమ్మతిపైనే ఆధారపడుతుంది.
- యూసీసీను రాష్ట్రాల స్థాయిలో అమలు చేసే వ్యూహం బీజేపీకి రాజకీయంగా సురక్షితం — కేంద్ర స్థాయి ఒకే చట్టం కోసం అవసరమైన విస్తృత ఏకాభిప్రాయాన్ని తప్పించుకుంటూ, ప్రతి రాష్ట్ర ఎన్నికల ముందు అంశాన్ని సజీవంగా ఉంచవచ్చు.
- ఒవైసీ యూసీసీ, ఎన్ఆర్సీ, ఎస్ఐఆర్, వందేమాతరం, మదర్సాల మూసివేత అన్నింటినీ ఒకే 'లక్ష్యంగా చేసుకోవడం' కథనంగా కూర్చడం — వేర్వేరు అంశాలను ఒకే భావోద్వేగ చట్రంలో పెట్టే క్లాసిక్ ప్రతిపక్ష ఏకీకరణ వ్యూహం.
- ఎన్డీఏ మిత్రపక్షాలను పేరుపెట్టి ప్రశ్నించడం ద్వారా ఒవైసీ బీజేపీ కూటమిలో ఒత్తిడి బిందువును తాకుతున్నారు; తెలుగుదేశం, జేడీయూ వంటి పార్టీలకు మైనారిటీ ఓటు, లౌకిక ఇమేజ్ లెక్కలు ఉన్నందున ఇది ఇబ్బందికర ప్రశ్నే.
- గోవా–ఉత్తరాఖండ్ మధ్య నిబంధనల తేడాను ప్రస్తావించడం 'ఉమ్మడి' అనే పదానికే సవాలు విసిరే వాదన — ఇది న్యాయపరమైన కాకుండా రాజకీయ విశ్వసనీయత దాడి.
- ఎన్డీఏ నియమించిన లా కమిషనే యూసీసీ అవసరం లేదని తేల్చిందన్న వాదనను ఒవైసీ ముందుకు తెస్తున్నారు; అయితే ప్రభుత్వ వైపు నుంచి దీనిపై ఈ కథనంలో ప్రతిస్పందన లేదు.
किस पर नज़र रखें — ఎన్డీఏ మిత్రపక్షాలు — ప్రత్యేకించి తెలుగుదేశం, జేడీయూ, ఎల్జేపీ — యూసీసీపై బహిరంగంగా ఏమి చెబుతారో, మరో ఏ ఏ బీజేపీ రాష్ట్రాలు ముసాయిదా/బిల్లు దిశగా కదులుతాయో గమనించాలి; అలాగే ఎస్ఐఆర్–ఎన్ఆర్సీ అనుసంధానం అనే ఆరోపణ ప్రతిపక్షాల ఉమ్మడి ప్రచారాంశంగా మారుతుందా అన్నది కీలకం.
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 5 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि भाजपा-एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लाई जाएगी। इसके अगले दिन एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में पत्रकारों से बात करते हुए इस योजना को मुसलमानों को निशाना बनाने वाला बताया और इसे अनुच्छेद 25 व 14 का उल्लंघन कहा। ओवैसी ने इसके साथ एनआरसी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), वंदे मातरम के पूर्ण गायन, भारत-चीन संबंध, भारत-पाक खेल, ब्रिक्स और पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों के बंद होने पर भी सवाल उठाए।
मुख्य तथ्य
- अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि 21 भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लाई जाएगी।
- शाह ने कहा कि तीन तलाक समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए और कई राज्यों में यूसीसी लाई गई है।
- ओवैसी ने यूसीसी को संविधान के अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 14 (समता का अधिकार) का उल्लंघन बताया।
- ओवैसी के अनुसार एनडीए सरकार द्वारा नियुक्त विधि आयोग ने निष्कर्ष दिया था कि यूसीसी न आवश्यक है न वांछनीय।
- ओवैसी ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मंजूरी के अभाव में 252 मदरसों को बंद करने के आदेश को अनुच्छेद 30 का उल्लंघन कहा।
- ओवैसी ने एसआईआर को "भद्दा मजाक" कहते हुए कहा कि सरकार 80 करोड़ लोगों को राशन देती है और उन्हें कतार में खड़ा कर रही है।
- ओवैसी ने कहा कि 2025 ब्रिक्स घोषणापत्र में सदस्यों की भुगतान प्रणालियों की अंतर-संचालनीयता की बात कही गई थी।
- मणिपुर में एनआरसी के लिए 1951 के आधार वर्ष पर शाह ने कहा कि केंद्र सहयोगियों और राज्य के राजनीतिक दलों से चर्चा कर रहा है।
समयरेखा
- 2019ओवैसी के अनुसार शाह की "क्रोनोलॉजी" और रवैये के कारण सीएए/एनआरसी विरोधी प्रदर्शन हुए; बाद में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि एनआरसी लागू नहीं होगा।
- 2025 (ब्रिक्स घोषणापत्र)ब्रिक्स घोषणापत्र में सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों के बीच अंतर-संचालनीयता का आह्वान; दिल्ली शिखर सम्मेलन में भारत-चीन संबंधों में सुधार।
- रविवार (13 सितंबर 2026, स्रोत के अनुसार शाह का बयान)मुंबई में शाह ने 21 एनडीए शासित राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लाने की घोषणा की।
- सोमवार, 14 सितंबर 2026हैदराबाद में ओवैसी ने यूसीसी योजना का विरोध किया और कई मुद्दों पर सरकार से सवाल किए।
- 2029 से पहले (प्रस्तावित)शाह के अनुसार एनडीए शासित 21 राज्यों में यूसीसी लागू करने का लक्ष्य।
किसका दाँव
- असदुद्दीन ओवैसी / एआईएमआईएम — यूसीसी, एनआरसी और मदरसा बंदी का विरोध; अल्पसंख्यक अधिकारों और बहुलतावाद के मुद्दे पर राजनीतिक स्थान।
- अमित शाह / भाजपा-एनडीए — 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू करने की घोषित प्रतिबद्धता।
- मुस्लिम समुदाय — व्यक्तिगत कानून, धार्मिक स्वतंत्रता (अनुच्छेद 25) और मदरसों जैसे अल्पसंख्यक संस्थान (अनुच्छेद 30)।
- एनडीए सहयोगी - एन चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान — ओवैसी ने पूछा कि क्ये ये नेता यूसीसी के प्रावधानों का समर्थन करेंगे।
- राज्य सरकारें (गोवा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल) — गोवा और उत्तराखंड में यूसीसी प्रावधानों में भिन्नता; पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों के बंद होने का आदेश।
- मतदाता / राशन लाभार्थी — एसआईआर और संभावित एनआरसी में दस्तावेज़ों के साथ कतार में खड़े होने की बाध्यता।
क्यों अहम है
यूसीसी संविधान के अनुच्छेद 44 से जुड़ा एक दीर्घकालिक विवाद है, जिसमें समानता के दावे और धार्मिक स्वतंत्रता तथा अल्पसंख्यक अधिकारों की चिंताएँ आपस में टकराती हैं। शाह की 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लाने की घोषणा इसे 2029 के आम चुनाव तक की केंद्रीय राजनीतिक बहस बना देती है। साथ ही एसआईआर, एनआरसी और मदरसा बंदी जैसे मुद्दे नागरिकता, मताधिकार और अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक शिक्षा-संस्थानों के अधिकार को एक ही राजनीतिक विमर्श में जोड़ देते हैं।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- अनुच्छेद 25 - धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार; अनुच्छेद 14 - विधि के समक्ष समता।
- अनुच्छेद 30 - अल्पसंख्यकों को शिक्षा संस्थान स्थापित और प्रशासित करने का अधिकार।
- गोवा में पहले से यूसीसी जैसे प्रावधान; उत्तराखंड भाजपा शासित राज्य जहाँ यूसीसी लाई गई।
- एसआईआर - मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण; एनआरसी - राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर।
- ओवैसी के अनुसार एनडीए-नियुक्त विधि आयोग ने यूसीसी को न आवश्यक, न वांछनीय बताया था।
- 2025 ब्रिक्स घोषणापत्र - सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों में अंतर-संचालनीयता का आह्वान।
मेन्स दृष्टिकोण
समान नागरिक संहिता की बहस में दो दावे टकराते हैं: सरकार का तर्क कि यह लैंगिक समानता और समान अधिकारों (जैसे तीन तलाक की समाप्ति) का विस्तार है, और आलोचकों का तर्क कि एकरूप संहिता व्यवहार में बहुसंख्यक विधि को अल्पसंख्यकों पर थोपेगी और अनुच्छेद 25 व 14 के तहत संरक्षित धार्मिक स्वतंत्रता और समता को कमजोर करेगी। ओवैसी की आपत्तियाँ तीन स्तरों पर हैं - संवैधानिक (अनुच्छेद 25, 14, 30), संस्थागत (एनडीए द्वारा नियुक्त विधि आयोग का यह निष्कर्ष कि यूसीसी न आवश्यक है न वांछनीय) और संघीय-राजनीतिक (गोवा और उत्तराखंड के प्रावधानों में भिन्नता, तथा नायडू, नीतीश कुमार व चिराग पासवान जैसे एनडीए सहयोगियों की सहमति का प्रश्न)। साथ में उठाए गए एसआईआर, एनआरसी और पश्चिम बंगाल के 252 मदरसों की बंदी जैसे मुद्दे दर्शाते हैं कि पहचान, नागरिकता और मताधिकार की प्रक्रियाएँ अल्पसंख्यक असुरक्षा से जुड़ती जा रही हैं। आगे का रास्ता व्यापक परामर्श, विधि आयोग की सिफारिशों पर पारदर्शी विचार, राज्यों के बीच प्रावधानों की एकरूपता पर स्पष्टता और प्रक्रियात्मक बोझ (दस्तावेज़, कतारें) को न्यूनतम रखने में है, ताकि सुधार का दावा बहिष्करण के अनुभव में न बदले।
मुख्य शब्द
- समान नागरिक संहिता (यूसीसी)
- सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानून; शाह के अनुसार 21 एनडीए राज्यों में 2029 से पहले लाया जाएगा।
- एसआईआर
- मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसे ओवैसी ने "भद्दा मजाक" कहा क्योंकि लोगों को दस्तावेज़ों के साथ कतार में खड़ा होना पड़ता है।
- एनआरसी
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर; ओवैसी का आरोप कि सरकार एसआईआर के बाद एनआरसी कराना चाहती है।
- अनुच्छेद 30
- अल्पसंख्यकों को अपने शिक्षण संस्थान स्थापित व संचालित करने का अधिकार; ओवैसी ने 252 मदरसों की बंदी को इसका उल्लंघन बताया।
- एआईएमआईएम
- ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन, हैदराबाद-केंद्रित दल, जिसके अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी हैं।
- ब्रिक्स घोषणापत्र (2025)
- शिखर सम्मेलन का दस्तावेज़ जिसमें ओवैसी के अनुसार सदस्य देशों की भुगतान प्रणालियों की अंतर-संचालनीयता का आह्वान था।
अभ्यास प्रश्न
- समान नागरिक संहिता के पक्ष में दिए जाने वाले समानता के तर्क और अनुच्छेद 25 व 14 के आधार पर उठाई जाने वाली आपत्तियों का परीक्षण कीजिए।
- गोवा और उत्तराखंड में यूसीसी प्रावधानों की भिन्नता के आलोक में राज्य-स्तरीय यूसीसी लागू करने की संघीय चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
- अनुच्छेद 30 के तहत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के अधिकार और नियामक मंजूरी की शर्तों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए? पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों के मामले के संदर्भ में उत्तर दें।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
