मनोरंजन नई दिल्ली

दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल

भारत, रूस, ईरान और दक्षिण अफ्रीका सहित नौ देश दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक होने वाले ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल में अपनी नाट्य प्रस्तुतियां देंगे। केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने गुरुवार को यह जानकारी दी। थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम, कजाखस्तान और इथियोपिया भी हिस्सा लेंगे। भारत दो प्रस्तुतियां देगा और रूस का प्रतिनिधित्व दो नाट्य समूह करेंगे। 'शेयर्ड स्टोरीज, शेयर्ड फ्यूचर्स' थीम वाले इस महोत्सव में 100 से अधिक रंगकर्मी, विद्वान और छात्र शामिल होंगे। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नोडल एजेंसी है।

स्रोत

Hindustan Times — India · मूल ख़बर पढ़ें ↗

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • Nine countries including India, Russia, Iran and South Africa will present productions at the BRICS Theatre Festival in Delhi from October 12-14. — Attributed to Union Culture Secretary Vivek Aggarwal and the culture ministry; country list appears in source.
  • Over 100 theatre practitioners, scholars, students and cultural representatives will participate. — Figure attributed to the culture ministry in the source.
  • India will stage two productions and Russia will be represented by two theatre groups. — Attributed to the culture secretary; internally consistent with the schedule given.
  • The festival builds on the Bhopal Declaration adopted at the BRICS Culture Ministers' Meeting in August. — Attributed to the culture secretary; no independent verification possible here.
  • India hosted the BRICS Summit in Delhi on September 12-13. — Stated in source without separate attribution; editor may wish to confirm dates.

विश्लेषकों की राय राय

AI मनोरंजन विश्लेषक

यह बॉक्स ऑफिस की कहानी नहीं है, लेकिन रंगमंच उद्योग के लिए दृश्यता के लिहाज़ से अहम है। नौ देशों के नाट्य दलों को दिल्ली के मंचों पर लाना उस लाइव थिएटर को सरकारी समर्थन वाला मंच देता है, जो लंबे समय से सिनेमा और ओटीटी के दबाव में रहा है। साथ ही इसे सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में भी गढ़ा गया है — खबर खुद बताती है कि यह दिल्ली में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एक महीने बाद हो रहा है।

  • तीन दिन, पांच प्रमुख सभागार और 100 से अधिक रंगकर्मी — यह कोई मेगा इवेंट नहीं, पर एक ऐसे क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय संस्थागत ध्यान है जिसे यह कम मिलता है।
  • राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के नोडल एजेंसी होने से सबसे बड़ा लाभ छात्रों और युवा रंगकर्मियों को हो सकता है, जो अंतरराष्ट्रीय पद्धतियों और मंच शिल्प को नज़दीक से देखेंगे।
  • कार्यशालाएं और निर्देशकों के साथ चर्चाएं इसे केवल प्रदर्शनों का पैकेज नहीं, बल्कि पेशेवर नेटवर्किंग का मंच बनाती हैं।
  • भारत दो प्रस्तुतियों के साथ शामिल है, और सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर आधारित नाटक से समापन चयन में एक विशेष विषयगत झुकाव दर्शाता है।
  • भोपाल घोषणापत्र में प्रस्तावित स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री लागू हुई तो भविष्य में कलाकारों की आवाजाही के लिए व्यावहारिक आधार बन सकती है।

किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि टिकट या आम दर्शकों की पहुंच कैसे तय होती है, दर्शकों की प्रतिक्रिया कितनी रहती है, और यह आयोजन सालाना सिलसिला बनता है या एक बार का प्रयोग।

खबर से आयोजन का बजट, टिकट दरें, अपेक्षित दर्शक संख्या, प्रसारण या स्ट्रीमिंग की योजना और आगामी संस्करणों के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं होता।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 6 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

ब्रिक्स (BRICS) समूह के सांस्कृतिक सहयोग एजेंडे के तहत केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक 'ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल' आयोजित कर रहा है। इसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के नौ देश अपनी नाट्य प्रस्तुतियां देंगे। यह महोत्सव अगस्त में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए 'भोपाल घोषणापत्र' की भावना को आगे बढ़ाता है, जिसमें सांस्कृतिक सहयोग और जन-से-जन संपर्क पर जोर दिया गया था। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) इसकी नोडल एजेंसी है।

मुख्य तथ्य

  • ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक आयोजित होगा; जानकारी केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
  • भाग लेने वाले नौ देश: भारत, रूस, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम, कजाखस्तान और इथियोपिया।
  • भारत दो नाट्य प्रस्तुतियां देगा; रूस का प्रतिनिधित्व दो नाट्य समूह करेंगे।
  • महोत्सव की थीम 'शेयर्ड स्टोरीज, शेयर्ड फ्यूचर्स' है और इसमें 100 से अधिक रंगकर्मी, विद्वान, छात्र व सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
  • 12 अक्टूबर को भारतीय प्रस्तुति 'समुद्र मंथन' का मंचन; 13 अक्टूबर को रूस की 'सर्कस ऑन स्ट्रिंग्स', ईरान की 'हिडन' और थाईलैंड की 'लाक सीदा'।
  • समापन सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन व विरासत पर आधारित नाटक 'लौह पुरुष' से होगा।
  • आयोजन स्थल: NSD का अभिमंच व सम्मुख ऑडिटोरियम, कमानी ऑडिटोरियम, LTG ऑडिटोरियम और मेघदूत थिएटर; उद्घाटन 12 अक्टूबर को NSD में।
  • यह महोत्सव भारत द्वारा 12-13 सितंबर को दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एक महीने बाद हो रहा है।

समयरेखा

  1. अगस्तब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में 'भोपाल घोषणापत्र' अपनाया गया; भारत ने स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री का प्रस्ताव रखा।
  2. 12-13 सितंबरभारत ने दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की; नेताओं के घोषणापत्र में भोपाल घोषणापत्र का स्वागत किया गया।
  3. गुरुवार (प्रेस कॉन्फ्रेंस का दिन)संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने NSD में महोत्सव का विवरण साझा किया।
  4. 12 अक्टूबरNSD में महोत्सव का उद्घाटन; भारतीय प्रस्तुति 'समुद्र मंथन' का मंचन।
  5. 13 अक्टूबररूस की 'सर्कस ऑन स्ट्रिंग्स', ईरान की 'हिडन' और थाईलैंड की 'लाक सीदा' का मंचन।
  6. 14 अक्टूबर'लौह पुरुष' नाटक के साथ महोत्सव का समापन।

किसका दाँव

  • केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय — महोत्सव का आयोजक; ब्रिक्स सांस्कृतिक सहयोग एजेंडे को मूर्त रूप देना।
  • राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) — मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान, आयोजन की नोडल एजेंसी और मुख्य स्थल।
  • विवेक अग्रवाल, केंद्रीय संस्कृति सचिव — महोत्सव की घोषणा व इसे जन-से-जन संपर्क बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल बताया।
  • नौ भागीदार देशों के रंगकर्मी, निर्देशक व छात्र — 100 से अधिक प्रतिभागी; प्रस्तुतियों, कार्यशालाओं व चर्चाओं से पेशेवर आदान-प्रदान।
  • ब्रिक्स सदस्य व भागीदार देश — सांस्कृतिक सहयोग, कलाकारों के नेटवर्क और आपसी संपर्क की मजबूती।

क्यों अहम है

यह महोत्सव दिखाता है कि ब्रिक्स का एजेंडा केवल आर्थिक-राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति और जन-से-जन संपर्क तक फैला है। भारत के लिए यह शिखर सम्मेलन और भोपाल घोषणापत्र की प्रतिबद्धताओं को ठोस कार्यक्रमों में बदलने का अवसर है, जिसमें रंगमंच को साझा मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल: दिल्ली, 12-14 अक्टूबर; थीम 'शेयर्ड स्टोरीज, शेयर्ड फ्यूचर्स'।
  • नोडल एजेंसी: राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान।
  • भोपाल घोषणापत्र: अगस्त में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाया गया; भारत ने स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री प्रस्तावित की।
  • ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत में 12-13 सितंबर को आयोजित हुआ।
  • समापन नाटक 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और विरासत पर आधारित है।
  • भाग लेने वाले देश: भारत, रूस, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, इंडोनेशिया, वियतनाम, कजाखस्तान, इथियोपिया।

मेन्स दृष्टिकोण

ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण है, जिसमें बहुपक्षीय समूह की साझेदारी को कला के माध्यम से जन-स्तर तक पहुंचाया जाता है। इसका तात्कालिक कारण अगस्त में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाया गया भोपाल घोषणापत्र है, जिसने सांस्कृतिक सहयोग, जन-से-जन आदान-प्रदान और कलाकारों के मजबूत नेटवर्क पर जोर दिया; भारत ने कलाकारों के आवागमन को आसान बनाने के लिए एक स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री भी प्रस्तावित की। ब्रिक्स नेताओं के घोषणापत्र में भी इन पहलों का स्वागत किया गया, जो दर्शाता है कि सांस्कृतिक एजेंडा शीर्ष स्तर पर मान्यता पा रहा है। निहितार्थ यह है कि नौ देशों की शास्त्रीय, समकालीन और प्रयोगात्मक नाट्य विधाओं का एक मंच पर आना भारत की 'सॉफ्ट पावर' और NSD जैसी संस्थाओं की क्षमता को उभारता है, साथ ही निर्देशकों-कलाकारों के बीच अभिनय पद्धति, मंचशिल्प और तकनीकी डिजाइन पर कार्यशालाओं के जरिये पेशेवर क्षमता-निर्माण होता है। आगे का रास्ता ऐसे आयोजनों को एकबारगी न रखकर नियमित विनिमय, अनुवाद-सहयोग और प्रस्तावित कलाकार रजिस्ट्री जैसे संस्थागत ढांचों से जोड़ना है, ताकि सांस्कृतिक सहयोग टिकाऊ बने।

मुख्य शब्द

ब्रिक्स (BRICS)
बहुदेशीय समूह जिसके सदस्य व भागीदार देशों के नौ प्रतिनिधि इस नाट्य महोत्सव में शामिल हो रहे हैं।
भोपाल घोषणापत्र
अगस्त में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाया गया दस्तावेज; सांस्कृतिक सहयोग व जन-से-जन आदान-प्रदान पर जोर।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD)
संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान, महोत्सव की नोडल एजेंसी; अभिमंच व सम्मुख ऑडिटोरियम इसके स्थल।
स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री
भारत द्वारा प्रस्तावित व्यवस्था, जिससे ब्रिक्स देशों के बीच कलाकारों के आदान-प्रदान को सुगम बनाया जा सके।
'शेयर्ड स्टोरीज, शेयर्ड फ्यूचर्स'
महोत्सव की थीम, जो साझा कथाओं और साझा भविष्य के विचार पर आधारित है।
जन-से-जन संपर्क
देशों के नागरिकों, कलाकारों व समुदायों के बीच सीधा संवाद, जिसे महोत्सव मजबूत करना चाहता है।

अभ्यास प्रश्न

  1. सांस्कृतिक कूटनीति भारत की विदेश नीति का उपकरण कैसे बनती है? ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल और भोपाल घोषणापत्र के संदर्भ में चर्चा करें।
  2. ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय समूहों में आर्थिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक व जन-से-जन आदान-प्रदान का महत्व स्पष्ट कीजिए।
  3. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय जैसी स्वायत्त सांस्कृतिक संस्थाएं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजनों में क्या भूमिका निभा सकती हैं?

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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