डूमा चुनाव से पहले रूस में युद्ध-विरोधी नेता किनारे
यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के हमले के बाद हुए पहले रूसी स्टेट डूमा चुनाव (18-20 सितंबर) से पहले अधिकारियों ने बचे हुए युद्ध-विरोधी स्वरों पर कार्रवाई की। निर्दलीय उम्मीदवार बोरिस नदेज्दिन (63) को 10 जुलाई को न्याय मंत्रालय ने 'विदेशी एजेंट' घोषित कर चुनाव लड़ने से अयोग्य कर दिया; वे देश छोड़कर अब पेरिस में हैं। अदालत ने युद्ध-विरोधी याब्लोको पार्टी को पार्टी-सूची मतपत्र से बाहर कर दिया। इसके उपाध्यक्ष लेव श्लोसबर्ग को सेना को बदनाम करने के आरोप में 11 साल एक माह की जेल हुई।
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- Boris Nadezhdin, 63, was branded a 'foreign agent' by the Justice Ministry on July 10, barring him from office, and left Russia for Paris via Kazakhstan. — Detailed dated account based on the reporter's video interview with Nadezhdin; figures appear in source.
- A Moscow court barred the anti-war Yabloko party from the party-list ballot after a lawsuit filed by the nationalist Rodina party on Aug. 7; its appeal was rejected. — Attributed to court action described in source; no court document cited.
- Yabloko deputy chairman Lev Shlosberg was sentenced to 11 years and one month for discrediting the armed forces. — Figure appears in source; no case number or court named.
- Duma elections were held Sept. 18-20; United Russia holds 70 percent of the 450 seats and its approval dipped in July to its lowest since the invasion. — Dates and seat share stated in source; the polling claim is given without naming the pollster.
- Yabloko's Instagram following grew by 100,000 in a few weeks. — Attributed in source to a Wall Street Journal report.
विश्लेषकों की राय राय
डूमा चुनाव से पहले युद्ध-विरोधी आवाज़ों की सफ़ाई का मामला चुनावी गणित से ज़्यादा एक लंबी जंग के घरेलू मोर्चे को संभालने का है। बोरिस नदेज़्दिन को 'विदेशी एजेंट' घोषित कर अयोग्य ठहराना, याब्लोको को पार्टी-सूची मतपत्र से बाहर करना और उसके उप अध्यक्ष लेव श्लोसबर्ग को 11 साल एक महीने की जेल — यह संकेत देता है कि अब मामूली, इकाई अंकों वाला युद्ध-विरोधी असंतोष भी राजनीतिक झुंझलाहट नहीं, सुरक्षा जोखिम माना जा रहा है। सामरिक रूप से यह ऐसे नेतृत्व की तस्वीर है जो लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहा है और यूक्रेन पर बातचीत हो या न हो, देश के भीतर कोई मापी जा सकने वाली 'शांति समर्थक' आवाज़ नहीं छोड़ना चाहता।
- रिपोर्ट कार्रवाई को युद्ध की घरेलू कीमत से जोड़ती है — मॉस्को पर ड्रोन, ईंधन की लंबी कतारें, आपूर्ति में गड़बड़ी — यानी दबाव का बिंदु विपक्ष की ताकत नहीं, घरेलू सहनशक्ति है।
- कहानी में उद्धृत विश्लेषक याब्लोको पर आपाधापी में लगे प्रतिबंध को एक गलत आकलन बताते हैं: क्रेमलिन कम वोट को 'सहमति का सबूत' दिखाना चाहता था, लेकिन लोकप्रियता बढ़ते देख रोक लगा दी, जो खुद संवेदनशीलता जाहिर करता है।
- मतपत्र जैसा सुरक्षा-वाल्व हटाने से असंतोष सांकेतिक, ऑनलाइन और अनौपचारिक रास्तों में चला जाता है, जिसे कोई भी सत्ता ठीक से भांप नहीं पाती — यह राजनीतिक जितनी ही निगरानी की समस्या है।
- कीव और पश्चिमी राजधानियों के लिए, बिना किसी दृश्य शांति-गुट वाला डूमा इस धारणा को कमज़ोर करता है कि भीतरी दबाव रूस की युद्ध नीति बदल सकता है, और तर्क युद्धक्षेत्र तथा प्रतिबंधों की तरफ झुकता है।
- विपक्ष का निर्वासन में सिमटना — नदेज़्दिन पेरिस में, याशिन बर्लिन में अपनी नई 'पीसफुल रशिया' पार्टी के साथ — रूसी असहमति को मेज़बान देशों के लिए एक प्रवासी-नीति का सवाल बना देता है, जबकि रिपोर्ट मानती है कि इनका देश के भीतर व्यावहारिक असर अभी कम है।
किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि 18-20 सितंबर के मतदान के बाद याब्लोको को पूरी तरह भंग किया जाता है या नहीं, और 'सेना को बदनाम करने' के मुकदमे और बढ़ते हैं या नहीं — दोनों बताएंगे कि चुनाव बीतने पर नियंत्रण ढीले होंगे या और कसे जाएंगे।
यह रिपोर्ट यह स्थापित नहीं करती कि रूस में युद्ध-विरोधी भावना वास्तव में कितनी गहरी है — उद्धृत सर्वेक्षण आपस में भिन्न और इकाई अंकों में हैं — न ही यह कि इस कार्रवाई के पीछे युद्ध के अगले चरण से जुड़ा कोई खास निर्णय है।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 10 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के हमले (2022) के बाद पहली बार रूस की संसद के निचले सदन स्टेट डूमा के चुनाव 18 से 20 सितंबर तक हुए। डूमा में 450 सांसद होते हैं, जिनमें सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया के पास 70 प्रतिशत सीटें हैं और शेष दल 'सिस्टमिक विपक्ष' कहे जाते हैं, जो व्यापक रूप से सरकार का समर्थन करते हैं। चुनाव से पहले अधिकारियों ने शांति की पैरवी करने वाले बचे-खुचे राजनीतिक तत्वों पर कार्रवाई की—निर्दलीय उम्मीदवार बोरिस नदेज्दिन को अयोग्य ठहराया गया और युद्ध-विरोधी याब्लोको पार्टी को पार्टी-सूची मतपत्र से बाहर कर दिया गया। 2022 से रूस में सेना को 'बदनाम' करने जैसे अपराधों के लिए जेल का प्रावधान है।
मुख्य तथ्य
- रूसी स्टेट डूमा चुनाव 18 से 20 सितंबर तक हुए; यह यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव था।
- 10 जुलाई को न्याय मंत्रालय ने 63 वर्षीय बोरिस नदेज्दिन को 'विदेशी एजेंट' घोषित किया, जिससे वे चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गए।
- नदेज्दिन जुलाई के अंत में देश छोड़कर पत्नी के साथ कजाखस्तान गए, फ्रांसीसी वीजा लिया और अब पेरिस में हैं।
- दो वर्ष पूर्व राष्ट्रपति पद की दावेदारी में 1,00,000 से अधिक रूसियों ने नदेज्दिन का समर्थन किया था; केंद्रीय चुनाव आयोग ने 9,000 कथित त्रुटिपूर्ण हस्ताक्षरों का हवाला देकर उन्हें रोक दिया।
- 1993 में स्थापित याब्लोको पार्टी 2003 के बाद से डूमा में कोई सीट नहीं जीत पाई; यह यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी है।
- 7 अगस्त को राष्ट्रवादी रोदिना पार्टी ने पश्चिमी दानदाताओं से धन लेने के आरोप में याब्लोको के पंजीकरण को चुनौती दी; मॉस्को अदालत ने सहमति दी और अपील खारिज हुई।
- याब्लोको के उपाध्यक्ष लेव श्लोसबर्ग को सशस्त्र बलों को बदनाम करने के आरोप में 11 वर्ष एक माह की जेल हुई।
- जुलाई में यूनाइटेड रशिया की लोकप्रियता पूर्ण पैमाने के हमले की शुरुआत के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई; डूमा में प्रवेश के लिए 5 प्रतिशत की सीमा है।
समयरेखा
- 1993याब्लोको पार्टी की स्थापना; शुरुआती वर्षों में लोकतांत्रिक सुधारों की पैरवी।
- 2003इसके बाद याब्लोको ने डूमा में एक भी सीट नहीं जीती।
- 2011-2016दिमित्री गुदकोव डूमा में निर्दलीय प्रतिनिधि रहे।
- 2022यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने का हमला; युद्ध पर बोलने को सीमित करने वाले व्यापक कानून, सेना को 'बदनाम' करने पर जेल।
- 2023नदेज्दिन ने सोशल मीडिया पर नवलनी की तस्वीर वाले वीडियो का लिंक साझा किया, जिस पर बाद में 'चरमपंथी प्रतीक' प्रदर्शित करने का दोष सिद्ध हुआ।
- दो वर्ष पूर्व (राष्ट्रपति चुनाव)नदेज्दिन का युद्ध-विरोधी अभियान; 1 लाख से अधिक समर्थन, फिर CEC ने रोका, कानूनी चुनौती खारिज।
- 10 जुलाईन्याय मंत्रालय ने नदेज्दिन को 'विदेशी एजेंट' घोषित किया।
- जुलाई के अंतजांच समिति का नोटिस मिलने के बाद यात्रा प्रतिबंध हटा; नदेज्दिन देश छोड़कर चले गए। इसी सप्ताह याब्लोको के चार बड़े सोशल मीडिया मंचों का ट्रैफिक दोगुना हुआ।
- 7 अगस्तरोदिना पार्टी ने याब्लोको के पंजीकरण के खिलाफ मुकदमा दायर किया।
- अगस्तयूनाइटेड रशिया की कांग्रेस में पुतिन ने कहा कि चुनाव 'राज्य की स्थिरता की पुष्टि' करेंगे।
किसका दाँव
- बोरिस नदेज्दिन (63), निर्दलीय उम्मीदवार — 'विदेशी एजेंट' घोषित होने से अयोग्य, आपराधिक आरोपों का खतरा; अब पेरिस में निर्वासन में और वकीलों की सलाह पर राजनीति से दूर।
- याब्लोको पार्टी — पार्टी-सूची मतपत्र से बाहर; अस्तित्व दांव पर—गुदकोव के अनुसार परिसमापन (liquidation) संभव। एकल-सदस्यीय क्षेत्रों में उम्मीदवार अब भी लड़ सकते हैं।
- लेव श्लोसबर्ग, याब्लोको उपाध्यक्ष — सेना को बदनाम करने के आरोप में 11 वर्ष एक माह की जेल की सजा।
- क्रेमलिन और यूनाइटेड रशिया — युद्ध को जन-समर्थन का आभास देना जरूरी; जुलाई में रेटिंग सबसे नीचे, युद्ध-विरोधी मतदान से समर्थन की दरारें उजागर होने का डर।
- रूसी मतदाता — नियंत्रित चुनाव में युद्ध पर असंतोष दर्ज करने का एकमात्र अवसर घटा; ड्रोन हमले, ईंधन की लंबी कतारें, वाइल्डबेरीज की अविश्वसनीय आपूर्ति।
- निर्वासित विपक्ष (इल्या याशिन, दिमित्री गुदकोव) — याशिन ने बर्लिन से 'पीसफुल रशिया' पार्टी बनाई; देश के भीतर घटनाओं को प्रभावित करने का व्यावहारिक साधन नहीं।
क्यों अहम है
यह दिखाता है कि युद्धकालीन रूस में चुनाव सत्ता-परिवर्तन का साधन नहीं, बल्कि 'जन-समर्थन' प्रदर्शित करने का उपकरण बन गए हैं—और जहां भी युद्ध-विरोधी भावना उभरने के संकेत मिले, वहां कानूनी और आपराधिक औजारों से उसे बंद कर दिया गया। भारत जैसे लोकतंत्रों के लिए यह 'विदेशी एजेंट' कानूनों, चुनाव आयोग की भूमिका और असहमति की जगह पर एक तुलनात्मक सबक है। साथ ही यह संकेत भी कि यूक्रेन युद्ध के घरेलू दबाव—ड्रोन हमले, ईंधन की कतारें—रूसी राजनीति में दिख रहे हैं।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- स्टेट डूमा: रूसी संसद का निचला सदन, 450 सांसद; यूनाइटेड रशिया के पास 70% सीटें; प्रवेश के लिए 5% मत सीमा।
- 2025 डूमा चुनाव 18-20 सितंबर को—यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव।
- 'सिस्टमिक विपक्ष': ऐसे दल जो प्राथमिकताओं में भिन्न हैं पर व्यापक रूप से यूनाइटेड रशिया का समर्थन करते हैं।
- 10 जुलाई: न्याय मंत्रालय द्वारा बोरिस नदेज्दिन को 'विदेशी एजेंट' घोषित करने से चुनावी अयोग्यता।
- याब्लोको (रूसी में 'सेब'): 1993 में स्थापित उदार दल, 2003 के बाद डूमा में कोई सीट नहीं; युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी।
- इल्या याशिन ने निर्वासन में 'पीसफुल रशिया' नामक पार्टी बनाई।
मेन्स दृष्टिकोण
रूस का 2025 डूमा चुनाव दिखाता है कि एक नियंत्रित चुनावी व्यवस्था में असहमति को कानूनी औजारों से कैसे बाहर किया जाता है: 'विदेशी एजेंट' पदनाम (नदेज्दिन, 10 जुलाई), 'चरमपंथी प्रतीक' जैसे प्रशासनिक आरोप, विदेश यात्रा प्रतिबंध, सेना को 'बदनाम' करने पर लंबी सजा (श्लोसबर्ग को 11 वर्ष एक माह) और अदालत के जरिये पार्टी का पंजीकरण रद्द करना (याब्लोको, रोदिना की 7 अगस्त की याचिका पर)। कारण दोहरे हैं—जुलाई में यूनाइटेड रशिया की रेटिंग हमले के बाद न्यूनतम स्तर पर, और युद्ध का रोजमर्रा की जिंदगी में प्रवेश (मॉस्को पर ड्रोन, आधा मील लंबी ईंधन कतारें, वाइल्डबेरीज की बाधित आपूर्ति)। विश्लेषक निकोलाई पेत्रोव के अनुसार क्रेमलिन ने याब्लोको के कमजोर प्रदर्शन पर दांव लगाया था कि इससे 'युद्ध समाप्त करने की कोई जन-अपील नहीं' साबित होगी; जब पार्टी को अप्रत्याशित समर्थन मिला तो प्रतिबंध ही एकमात्र रास्ता बचा—जो प्रतीकात्मक रूप से याब्लोको की 'बड़ी जीत' भी है। निहितार्थ: विपक्ष के लिए विकल्प केवल भूमिगत, निर्वासन या जेल (याशिन); निर्वासित नेताओं के पास घरेलू प्रभाव के व्यावहारिक साधन नहीं। आगे का रास्ता स्रोत में नीतिगत रूप से नहीं दिया गया—याशिन के अनुसार पुतिन के जाने पर ही राजनीतिक संघर्ष और व्यवस्था के रूपांतरण की जगह खुलेगी।
मुख्य शब्द
- स्टेट डूमा
- रूसी संसद का निचला विधायी सदन, जिसमें 450 सांसद होते हैं।
- 'विदेशी एजेंट' पदनाम
- न्याय मंत्रालय द्वारा दिया जाने वाला ठप्पा; इससे व्यक्ति चुनावी पद के लिए अयोग्य हो जाता है।
- सिस्टमिक विपक्ष
- डूमा में मौजूद वे दल जो प्राथमिकताओं में भिन्न हैं पर मोटे तौर पर यूनाइटेड रशिया का समर्थन करते हैं।
- सेना को 'बदनाम' करना (discrediting the military)
- 2022 के बाद लागू अपराध, जिसमें युद्ध पर बोलने के लिए जेल की सजा दी जाती है।
- याब्लोको
- 1993 में बना उदार दल ('सेब'), 2003 के बाद डूमा में सीट नहीं; युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी।
- पीसफुल रशिया
- बर्लिन में निर्वासित नेता इल्या याशिन द्वारा हाल में गठित राजनीतिक दल।
अभ्यास प्रश्न
- नियंत्रित चुनावी व्यवस्थाओं में चुनाव सत्ता-परिवर्तन के बजाय वैधता-निर्माण का उपकरण कैसे बन जाते हैं? रूस के 2025 डूमा चुनाव के उदाहरण से चर्चा करें।
- 'विदेशी एजेंट' जैसे कानूनी पदनाम और सेना को 'बदनाम' करने जैसे प्रावधान असहमति की जगह को कैसे सीमित करते हैं? स्रोत में दिए उदाहरणों से समझाएं।
- निर्वासन में रहने वाला विपक्ष घरेलू राजनीति को प्रभावित करने में किन सीमाओं का सामना करता है? नदेज्दिन और याशिन के मामलों के आधार पर मूल्यांकन करें।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
