15 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट पांच साल या 18 वर्ष तक वैध
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को जारी 36 पृष्ठों का साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल तक या बच्चे के 18 वर्ष पूरे होने तक, जो पहले हो, वैध रहेगा। पहले यह 15 वर्ष की आयु तक वैध था। पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत अधिसूचित पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 गजट में 15 सितंबर को प्रकाशित होते ही लागू हो गए। नियम 8 में संशोधन कर शुल्क अनुसूची IV के अनुसार तय किया गया।
स्रोत
Hindustan Times — India · मूल ख़बर पढ़ें ↗
डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की
डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- A 36-page ordinary passport for a child under 15 is valid five years or until the child turns 18, whichever is earlier. — Attributed to substituted Sub-Rule (1A) of Rule 12 in the Passports (Amendment) Rules, 2026; figure appears in source.
- The rules were signed by Joint Secretary and Chief Passport Officer BS Mubarak and came into force on publication in the Official Gazette on September 15. — Named official and date given in source; not independently verifiable here.
- Earlier the passport was valid five years or until the child turned 15. — Stated in source as the previous provision; internally consistent with the amendment described.
- Fresh or reissued 36-page adult passport fee rises from Rs 1,500 to Rs 2,500 and 60-page from Rs 2,000 to Rs 3,500, with Tatkaal fees at Rs 5,000 and Rs 6,000. — Figures appear in source, attributed to an earlier MEA fee revision effective July 1.
- Rule 8 was amended so fees follow rates in Schedule IV of the Passports Rules, 1980. — Described in the notification as reported; no external confirmation possible.
विश्लेषकों की राय राय
कागज़ पर यह एक छोटा प्रशासनिक संशोधन है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह सीधे मध्यवर्गीय परिवार की जेब पर असर डालता है। "बच्चे के 15 वर्ष होने तक" वाली पुरानी व्यवस्था की जगह "पाँच वर्ष या 18 वर्ष की उम्र, जो पहले हो" आने से कुछ अभिभावकों का नवीनीकरण चक्र बदलेगा — और यह उस समय हो रहा है जब बढ़ी हुई पासपोर्ट फीस पहले से लागू है। सरकार इसे नियमित आधुनिकीकरण और दस्तावेज़-सुरक्षा से जोड़कर पेश कर सकती है, जबकि विपक्ष इसे फीस बढ़ोतरी के साथ जोड़कर "घरेलू खर्च बढ़ाने" के रूप में उठा सकता है।
- यह बदलाव नए कानून से नहीं, बल्कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत गजट अधिसूचना से हुआ है, इसलिए तत्काल राजनीतिक टकराव सीमित रहने की संभावना है।
- सरकार के पास सहज बचाव है — बढ़ती उम्र में बच्चों के चेहरे की बनावट बदलती है, इसलिए कम वैधता पहचान-सत्यापन और सुरक्षा मानकों के अनुकूल है।
- फीस से जुड़े नियम 8 का संशोधन और 1 जुलाई से लागू बढ़ी दरों का ज़िक्र मिलकर इस अधिसूचना को "राजस्व" वाली छवि दे देते हैं।
- सबसे प्रभावित वर्ग — विदेश यात्रा, पढ़ाई और नौकरी से जुड़े शहरी मध्यवर्ग और प्रवासी परिवार — राजनीतिक रूप से सबसे मुखर वर्ग भी है।
- अगर अमल के दौरान पासपोर्ट केंद्रों पर भीड़ और देरी बढ़ी, तो यह छोटा नियम-परिवर्तन स्थानीय स्तर पर दिखने वाली नाराज़गी बन सकता है।
किस पर नज़र रखें — देखना यह है कि नवीनीकरण आवेदनों का दबाव पासपोर्ट केंद्रों पर कितना पड़ता है और विपक्षी सांसद इसे फीस बढ़ोतरी से जोड़कर सवाल उठाते हैं या नहीं।
यह खबर न सरकार का घोषित कारण बताती है, न प्रभावित बच्चों की संख्या, न किसी दल की प्रतिक्रिया — ये सब मेरे विश्लेषणात्मक अनुमान हैं।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 5 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के तहत पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन किया है। संशोधन नाबालिगों को जारी पासपोर्ट की वैधता से जुड़े नियम 12 और आवेदन शुल्क से जुड़े नियम 8 को बदलता है। अब 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को जारी 36 पृष्ठों का साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल तक या बच्चे के 18 वर्ष पूरे होने तक — जो पहले हो — वैध रहेगा। पहले यह वैधता पांच साल या बच्चे के 15 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, थी।
मुख्य तथ्य
- पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 आधिकारिक गजट में 15 सितंबर को प्रकाशित होते ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गए।
- संशोधन पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के प्रावधानों के तहत किया गया और पासपोर्ट नियम, 1980 के नियम 12 को बदलता है।
- नियम 12 के नए प्रतिस्थापित उप-नियम (1A) के अनुसार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे का 36 पृष्ठों वाला साधारण पासपोर्ट 5 साल या 18 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो, वैध रहेगा।
- पहले नियम में वैधता 5 साल या बच्चे के 15 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो पहले हो, थी।
- अधिसूचना पर संयुक्त सचिव एवं मुख्य पासपोर्ट अधिकारी बी एस मुबारक के हस्ताक्षर हैं।
- नियम 8(1) में संशोधन से सभी प्रकार के आवेदनों का शुल्क पासपोर्ट नियम, 1980 की अनुसूची IV में दी गई दरों के अनुसार लिया जाएगा।
- 1 जुलाई से लागू संशोधित शुल्क में वयस्कों के 36 पृष्ठों वाले नए/पुन: जारी पासपोर्ट का शुल्क ₹1,500 से ₹2,500 और 60 पृष्ठों वाले का ₹2,000 से ₹3,500 हुआ।
- तत्काल योजना में 36 पृष्ठों वाले पासपोर्ट का शुल्क ₹3,500 से ₹5,000 और 60 पृष्ठों वाले का ₹4,000 से ₹6,000 किया गया।
समयरेखा
- 1967पासपोर्ट अधिनियम, 1967 — जिसके प्रावधानों के तहत यह संशोधन किया गया।
- 1980पासपोर्ट नियम, 1980 बनाए गए, जिनके नियम 12 और नियम 8 में अब बदलाव हुआ है।
- 1 जुलाईविदेश मंत्रालय द्वारा संशोधित पासपोर्ट सेवा शुल्क दरें लागू हुईं।
- जून 2026पासपोर्ट नियम, 1980 को हाल ही में अद्यतन किया गया।
- 15 सितंबरपासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 गजट में प्रकाशित और तत्काल प्रभाव से लागू।
किसका दाँव
- विदेश मंत्रालय (MEA) — पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत नियम बनाने और पासपोर्ट सेवाओं व शुल्क ढांचे को तय करने वाला प्राधिकरण।
- 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और उनके अभिभावक — पासपोर्ट की वास्तविक वैधता अब जारी होने के समय बच्चे की उम्र पर निर्भर करेगी; नवीनीकरण का समय बदलेगा।
- संयुक्त सचिव एवं मुख्य पासपोर्ट अधिकारी बी एस मुबारक — अधिसूचना पर हस्ताक्षरकर्ता; नियमों के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार पद।
- पासपोर्ट आवेदक (वयस्क एवं तत्काल श्रेणी) — अनुसूची IV की संशोधित दरों के अनुसार बढ़ा हुआ शुल्क चुकाना होगा।
क्यों अहम है
बच्चों के पासपोर्ट की वैधता 15 वर्ष की आयु से बढ़ाकर 18 वर्ष तक जोड़ने से अधिकतर मामलों में पूरे पांच साल की वैधता मिल सकेगी, जिससे बार-बार पुन: जारी कराने की जरूरत कम होगी। साथ ही, नियम 8 में संशोधन शुल्क को स्पष्ट रूप से अनुसूची IV की दरों से जोड़ता है, जिससे शुल्क निर्धारण में एकरूपता आएगी। यह लाखों परिवारों की यात्रा योजना और खर्च को सीधे प्रभावित करता है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 — 15 सितंबर को गजट में प्रकाशन के साथ तत्काल लागू।
- मूल कानून: पासपोर्ट अधिनियम, 1967; मूल नियम: पासपोर्ट नियम, 1980।
- नियम 12 नाबालिगों को जारी पासपोर्ट की वैधता से संबंधित है; नया उप-नियम (1A) जोड़ा गया।
- नियम 8(1) में संशोधन — शुल्क अनुसूची IV की दरों के अनुसार।
- 1 जुलाई से: वयस्क 36 पृष्ठ पासपोर्ट ₹2,500; 60 पृष्ठ ₹3,500; तत्काल में क्रमश: ₹5,000 और ₹6,000।
- अधिसूचना पर हस्ताक्षर: संयुक्त सचिव एवं मुख्य पासपोर्ट अधिकारी बी एस मुबारक।
मेन्स दृष्टिकोण
पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 प्रशासनिक सरलीकरण का उदाहरण हैं: पहले 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे का 36 पृष्ठों वाला साधारण पासपोर्ट पांच साल या 15 वर्ष की आयु तक — जो पहले हो — वैध होता था, जिससे 11-14 वर्ष के बच्चों को पूरी पांच साल की वैधता नहीं मिल पाती थी और जल्दी पुन: जारी कराना पड़ता था। नई व्यवस्था में सीमा 18 वर्ष कर दी गई है, यानी वैधता अब जारी होने के समय बच्चे की उम्र पर निर्भर करेगी; स्रोत के उदाहरण के अनुसार 14 वर्ष की आयु में जारी पासपोर्ट 18 वर्ष पूरे होने पर समाप्त हो जाएगा और 18 से 19 वर्ष के बीच वैध नहीं रहेगा। दूसरा बदलाव नियम 8(1) में है, जो सभी श्रेणियों के आवेदन शुल्क को अनुसूची IV की अद्यतन दरों से जोड़ता है — यह 1 जुलाई से लागू बढ़ी हुई दरों (36 पृष्ठ ₹2,500, 60 पृष्ठ ₹3,500, तत्काल ₹5,000/₹6,000) के अनुरूप विधिक स्पष्टता देता है। आगे की राह के रूप में स्रोत में कोई अतिरिक्त नीतिगत घोषणा नहीं है; इसलिए मूल्यांकन इसी बिंदु तक सीमित रहना चाहिए कि नागरिक सुविधा और शुल्क-वृद्धि के बीच संतुलन तथा अभिभावकों तक स्पष्ट सूचना पहुंचाना महत्वपूर्ण है।
मुख्य शब्द
- पासपोर्ट अधिनियम, 1967
- वह मूल कानून जिसके प्रावधानों के तहत यह संशोधन अधिसूचित किया गया।
- पासपोर्ट नियम, 1980
- पासपोर्ट जारी करने, वैधता और शुल्क से जुड़े आधारभूत नियम, जिन्हें जून 2026 में भी अद्यतन किया गया था।
- नियम 12, उप-नियम (1A)
- नाबालिगों के पासपोर्ट की वैधता तय करने वाला प्रावधान; अब 5 साल या 18 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
- अनुसूची IV
- पासपोर्ट नियम, 1980 की वह अनुसूची जिसमें विभिन्न प्रकार के आवेदनों के लिए शुल्क दरें दी गई हैं।
- तत्काल योजना
- शीघ्र पासपोर्ट जारी कराने की श्रेणी; 36 पृष्ठ ₹5,000 और 60 पृष्ठ ₹6,000।
- मुख्य पासपोर्ट अधिकारी
- विदेश मंत्रालय का पद (संयुक्त सचिव स्तर) जिसने अधिसूचना पर हस्ताक्षर किए — बी एस मुबारक।
अभ्यास प्रश्न
- पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत नाबालिगों के पासपोर्ट की वैधता में हुए बदलाव की व्याख्या कीजिए और बताइए कि यह पहले की व्यवस्था से किस प्रकार भिन्न है।
- पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत नियम बनाने की शक्ति और प्रत्यायोजित विधान (delegated legislation) के रूप में गजट अधिसूचना की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- नागरिक सेवाओं में शुल्क वृद्धि और सेवा-सुविधा के बीच संतुलन के प्रश्न को पासपोर्ट शुल्क संशोधन के उदाहरण से समझाइए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
