सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव का समर्थन करेगी डीएमके
डीएमके ने मंगलवार को कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में विपक्ष की ओर से लाए जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करेगी, लेकिन पार्टी आई.एन.डी.आई.ए. ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने कहा कि जब भी विपक्ष बीजेपी का विरोध करेगा, उनकी पार्टी साथ खड़ी होगी। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने 23 सितंबर को ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की थी। तमिलनाडु में कांग्रेस के टीवीके से गठबंधन पर रिश्ते तनावपूर्ण हैं।
स्रोत
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डेस्क जाँच · कुछ दावे ध्यान से पढ़ें
डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- DMK will support an opposition motion in Parliament to remove CEC Gyanesh Kumar. — Attributed to DMK spokesperson TKS Elangovan in the source.
- DMK says it is not part of the I.N.D.I.A. bloc. — Direct quote from Elangovan carried in the source.
- M.K. Stalin demanded Gyanesh Kumar's removal on 23 September, saying he had no right to remain in office. — Date and statement appear in the source, attributed to Stalin.
- Congress supported TVK in Tamil Nadu 'to get two ministerial posts'. — Allegation by Elangovan; no evidence or Congress response given in the source.
- Akhilesh Yadav is also staying away from meetings, with Congress the reason. — Claim by Elangovan, unattributed to any other source and not independently confirmed in the text.
विश्लेषकों की राय राय
DMK यहाँ एक बारीक राजनीतिक लकीर खींच रही है — मुद्दे पर विपक्ष के साथ, लेकिन गठबंधन की सदस्यता से इनकार। मकसद यह है कि बीजेपी-विरोधी मंच पर अपनी जगह बनी रहे और तमिलनाडु में टीवीके से हाथ मिलाने की कीमत कांग्रेस को चुकानी पड़े। यानी दिल्ली में सहयोग और चेन्नई में प्रतिस्पर्धा, दोनों एक साथ।
- स्टालिन के 23 सितंबर के बयान का हवाला देकर पार्टी दिखा रही है कि यह समर्थन उसका स्वतंत्र फैसला है, कांग्रेस के किसी आह्वान का जवाब नहीं।
- 'हम I.N.D.I.A. का हिस्सा नहीं' वाली सफाई मुख्य रूप से तमिलनाडु के मतदाताओं के लिए है, ताकि राज्य में कांग्रेस के बराबर की साझेदारी का संदेश न जाए।
- संख्याबल को देखते हुए CEC को हटाने का प्रस्ताव पारित होना कठिन है, इसलिए यह मुख्यतः राजनीतिक संदेश है, संसदीय नतीजा नहीं।
- अखिलेश यादव की गैरहाजिरी का जिक्र गठबंधन के कमजोर तालमेल का ठीकरा कांग्रेस नेतृत्व पर फोड़ने की कोशिश है।
- कांग्रेस के लिए स्थिति असहज है — तमिलनाडु में नया साथी चुनने की कीमत राष्ट्रीय स्तर पर DMK के कमजोर सहयोग के रूप में सामने आ सकती है।
किस पर नज़र रखें — देखना यह है कि प्रस्ताव संसद में वाकई आता है या नहीं, और DMK उसके पक्ष में वोट देकर भी विपक्षी बैठकों से दूर रहती है या नहीं — इससे इस दोहरी रणनीति की असलियत पता चलेगी।
खबर एक प्रवक्ता के बयान पर आधारित है और यह तय नहीं करती कि प्रस्ताव कब और कौन लाएगा, कांग्रेस या ज्ञानेश कुमार की प्रतिक्रिया क्या होगी, और तमिलनाडु के गठबंधन समीकरण का क्या बनेगा।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 2 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर विपक्ष संसद में प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत लगभग पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार पर हमलावर है। इसी बीच तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके ने मंगलवार को कहा कि वह ऐसे किसी भी प्रस्ताव का समर्थन करेगी, लेकिन यह स्पष्ट किया कि वह I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। तमिलनाडु में कांग्रेस के टीवीके के साथ जाने के बाद डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में तनाव है।
मुख्य तथ्य
- डीएमके ने मंगलवार को कहा कि संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के विपक्षी प्रस्ताव का वह समर्थन करेगी।
- डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने स्पष्ट किया कि पार्टी I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं है।
- डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 23 सितंबर को ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की थी।
- स्टालिन ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
- इलंगोवन के अनुसार विपक्षी दल वैचारिक रूप से कई मुद्दों पर एक साथ हैं, और जब भी विपक्ष बीजेपी का विरोध करेगा डीएमके साथ खड़ी होगी।
- इलंगोवन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तमिलनाडु में टीवीके का साथ 'दो मंत्री पद पाने के लिए' दिया।
- इलंगोवन ने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी डीएमके की तरह बैठकों में शामिल नहीं हो रहे और इसके पीछे कांग्रेस है।
- विपक्षी दल पहले से ही ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की कोशिश कर रहे हैं।
समयरेखा
- 23 सितंबरडीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।
- मंगलवार (स्रोत में तारीख नहीं दी गई)डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने कहा कि पार्टी संसद में ज्ञानेश कुमार को हटाने के प्रस्ताव का समर्थन करेगी, पर वह I.N.D.I.A. ब्लॉक में नहीं है।
किसका दाँव
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार — विपक्ष उनके पद पर बने रहने को चुनौती दे रहा है; संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की कोशिश हो रही है।
- डीएमके — बीजेपी विरोध में विपक्ष के साथ, लेकिन कांग्रेस से दूरी बनाकर अपनी अलग पहचान और तमिलनाडु में गठबंधन हित।
- कांग्रेस — तमिलनाडु में टीवीके के साथ जाने के फैसले पर डीएमके के आरोप; विपक्षी एकता और I.N.D.I.A. ब्लॉक का नेतृत्व दांव पर।
- एमके स्टालिन — तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, जिनके 23 सितंबर के बयान के आधार पर डीएमके ने समर्थन का फैसला लिया।
- समाजवादी पार्टी/अखिलेश यादव — डीएमके के अनुसार वे भी विपक्षी बैठकों से दूर हैं, जिससे ब्लॉक की एकजुटता पर सवाल।
- टीवीके — तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ गठबंधन, जिससे डीएमके-कांग्रेस रिश्तों में तनाव।
क्यों अहम है
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत विश्वास से जुड़ा सवाल बनाती है, जिसे विपक्ष संसद के मंच पर उठाना चाहता है। साथ ही डीएमके का रुख दिखाता है कि विपक्षी एकता मुद्दा-आधारित हो सकती है, गठबंधन-आधारित जरूरी नहीं। तमिलनाडु में कांग्रेस-टीवीके समीकरण से डीएमके-कांग्रेस रिश्तों में आया तनाव आने वाले चुनावी गणित को प्रभावित कर सकता है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- मुख्य चुनाव आयुक्त: ज्ञानेश कुमार (स्रोत के अनुसार विपक्ष उन्हें हटाने का प्रस्ताव लाने की कोशिश में)।
- डीएमके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री: एमके स्टालिन; उन्होंने 23 सितंबर को सीईसी को हटाने की मांग की।
- डीएमके प्रवक्ता: टीकेएस इलंगोवन।
- डीएमके का दावा: वह I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं है, पर प्रस्ताव का समर्थन करेगी।
- तमिलनाडु में कांग्रेस का गठबंधन टीवीके के साथ — डीएमके की आपत्ति का कारण।
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी विपक्षी बैठकों से दूर बताए गए।
मेन्स दृष्टिकोण
यह घटनाक्रम दो स्तरों पर महत्वपूर्ण है — संस्थागत और गठबंधन-राजनीति। संस्थागत स्तर पर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संसद के माध्यम से पद से हटाने की विपक्ष की कोशिश चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे भरोसे के सवाल को दर्शाती है; स्टालिन का यह कहना कि सीईसी को पद पर बने रहने का 'कोई अधिकार नहीं है', इस टकराव की तीव्रता बताता है। गठबंधन स्तर पर, डीएमके का यह कहना कि वह वैचारिक रूप से विपक्ष के साथ है पर I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा नहीं, दिखाता है कि विपक्षी सहयोग अब मुद्दा-आधारित होता जा रहा है। कारण के रूप में डीएमके तमिलनाडु में कांग्रेस के टीवीके के साथ जाने को गिनाती है और आरोप लगाती है कि यह 'दो मंत्री पद' के लिए किया गया; प्रवक्ता के अनुसार समाजवादी पार्टी भी बैठकों से दूर है। निहितार्थ यह कि संसद में प्रस्ताव को संख्याबल जुटाने के लिए ऐसे बाहरी समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। आगे का रास्ता संवाद और राज्य-स्तरीय सीट/गठबंधन विवादों के समाधान में है, ताकि राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख बना रहे; साथ ही चुनाव आयोग से जुड़े सवालों का निपटारा संवैधानिक प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
मुख्य शब्द
- मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी)
- चुनाव आयोग का प्रमुख; स्रोत के अनुसार वर्तमान सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव विपक्ष संसद में लाना चाहता है।
- I.N.D.I.A. ब्लॉक
- विपक्षी दलों का गठबंधन; डीएमके का कहना है कि वह इसका हिस्सा नहीं है।
- डीएमके
- द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी, प्रमुख एमके स्टालिन।
- टीवीके
- तमिलनाडु की पार्टी जिसके साथ कांग्रेस के गठबंधन पर डीएमके ने आपत्ति जताई; स्रोत में विस्तृत विवरण नहीं।
- हटाने का प्रस्ताव
- संसद में लाया जाने वाला प्रस्ताव, जिसके जरिए विपक्ष सीईसी को पद से हटाना चाहता है।
अभ्यास प्रश्न
- मुद्दा-आधारित विपक्षी सहयोग और औपचारिक गठबंधन में क्या अंतर है? डीएमके के हाल के रुख के आलोक में परीक्षण करें।
- चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों का लोकतांत्रिक विश्वास पर क्या प्रभाव पड़ता है? चर्चा करें।
- राज्य-स्तरीय गठबंधन समीकरण राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को कैसे प्रभावित करते हैं? तमिलनाडु के उदाहरण से समझाएं।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
