भारत-अमेरिका सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' औली, महाजन में शुरू

भारत और अमेरिका ने मंगलवार को संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' उत्तराखंड के औली और बीकानेर के निकट महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एक साथ शुरू किया, भारतीय सेना ने बताया। 22वें संस्करण में दोनों पक्षों के 600 सैनिक शामिल हैं। इसका लक्ष्य पर्वतीय क्षेत्रों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के प्रयोग और परस्पर तालमेल को बढ़ाना है। दो सप्ताह के अभ्यास में ड्रोन, पर्वतीय युद्ध तथा हिमार्स, स्टिंगर और एम-लिड्स के साथ लाइव-फायर प्रशिक्षण शामिल है।

स्रोत

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • Yudh Abhyas began Tuesday at Auli, Uttarakhand and Mahajan field firing range near Bikaner. — Attributed to the Indian Army statement in the source.
  • This is the 22nd edition, with 600 personnel from each side. — Figures appear in the source, attributed to the Indian Army.
  • Drills run two weeks and include HIMARS, Stinger and M-LIDS live-fire at Mahajan range. — Attributed to a US Army statement quoted in the source.
  • The Indian Army operationalised the integrated battle group concept two months ago. — Stated in the source without direct attribution or date.
  • Quotes from Colonel Benjamin Jackman on synchronising combined-arms operations. — Directly quoted and attributed in the source.

विश्लेषकों की राय राय

AI राजनीतिक विश्लेषक

22वें संस्करण तक पहुंचा 'युद्ध अभ्यास' सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि यह राजनीतिक संकेत है कि भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी दोनों देशों में सरकारों के बदलाव से आगे टिक चुकी है। स्थलों का चयन — उत्तराखंड के औली में पर्वतीय और शीत-मौसम युद्ध प्रशिक्षण, राजस्थान के महाजन में लाइव फायर — बिना कहे एक कूटनीतिक संदेश देता है। अहम बात यह है कि इसमें भारतीय सेना की उस इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) अवधारणा को परखा जा रहा है जो दो महीने पहले ही लागू हुई, यानी स्वदेशी सैन्य सुधार को अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी मिल रही है।

  • लगातार 22 संस्करण दोनों राजधानियों को यह संदेश देते हैं कि यह सहयोग किसी एक सरकार या पार्टी से बंधा नहीं है।
  • नई-नई लागू आईबीजी अवधारणा को संयुक्त मंच पर परखना सरकार के लिए रक्षा सुधार का दिखाने योग्य नतीजा है।
  • हिमार्स, स्टिंगर और एम-लिड्स जैसी अमेरिकी प्रणालियों के साथ लाइव फायर प्रशिक्षण खरीद और तकनीकी साझेदारी की बातचीत की पृष्ठभूमि को परोक्ष रूप से मजबूत करता है।
  • रणनीतिक स्वायत्तता पर जोर देने वाले स्वर इसे वाशिंगटन के करीब जाने के रूप में सवालों के घेरे में ला सकते हैं; सरकार का तर्क होगा कि यह प्रशिक्षण है, गठबंधन नहीं।
  • ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रशिक्षण पर जोर आधुनिक युद्ध की तैयारी की सार्वजनिक बहस को सरकार के अनुकूल धरातल पर रखता है।

किस पर नज़र रखें — दो हफ्ते के अभ्यास के समापन पर आने वाले आधिकारिक बयानों की भाषा और आईबीजी मॉडल को मिली सराहना को सरकार राजनीतिक संदेश में कितना बदलती है, इस पर नजर रखें।

यह खबर अभ्यास तक सीमित है और यह स्थापित नहीं करती कि यह किसी विशेष देश को लक्ष्य कर रहा है, इससे कोई हथियार सौदा या नीतिगत बदलाव होगा, या इस पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया आई है।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 3 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

भारत और अमेरिका की थल सेनाओं का द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' मंगलवार को शुरू हुआ। यह 22वां संस्करण है और पहली बार दो स्थानों — उत्तराखंड के औली तथा बीकानेर के निकट महाजन फील्ड फायरिंग रेंज — पर एक साथ चलाया जा रहा है। अभ्यास का मुख्य केंद्र पर्वतीय व अर्ध-पर्वतीय इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) के प्रयोग तथा पैदल सेना-प्रधान अभियानों पर है। भारतीय सेना ने आईबीजी संकल्पना को दो माह पहले क्रियान्वित किया था।

मुख्य तथ्य

  • 'युद्ध अभ्यास' का 22वां संस्करण मंगलवार को औली (उत्तराखंड) और महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (बीकानेर के निकट) में एक साथ शुरू हुआ।
  • दोनों पक्षों से 600-600 सैनिक भाग ले रहे हैं।
  • अभ्यास दो सप्ताह चलेगा और तैयारी (readiness), इंटरऑपरेबिलिटी तथा सहयोग पर केंद्रित है।
  • उद्देश्य: पर्वतीय व अर्ध-पर्वतीय भूभाग में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) के प्रयोग हेतु संयुक्त सैन्य क्षमता बढ़ाना, पैदल सेना-प्रधान अभियानों पर बल।
  • भारतीय सेना ने आईबीजी संकल्पना को दो माह पूर्व क्रियान्वित किया, जिससे फुर्तीले, आत्मनिर्भर और मिशन-केंद्रित फॉर्मेशन बनें।
  • उद्घाटन समारोह औली विदेशी प्रशिक्षण नोड पर हुआ; मेजर जनरल अमरेश गुंजन (जीओसी, 14 इन्फैंट्री डिवीजन) और कर्नल बेंजामिन जैकमैन (कमांडर, 1st मोबाइल ब्रिगेड कॉम्बैट टीम, 11वीं एयरबोर्न डिवीजन, अमेरिकी सेना) ने संबोधित किया।
  • महाजन रेंज में हिमार्स (HIMARS), स्टिंगर और एम-लिड्स (M-LIDS) के साथ लाइव-फायर अभ्यास होगा।
  • औली में पर्वतीय युद्ध, शीत-मौसम अभियान, काउंटर-अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम प्रशिक्षण, ब्रिगेड-स्तरीय कमांड पोस्ट अभ्यास, फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास और विशेषज्ञ अकादमिक चर्चाएं शामिल।

समयरेखा

  1. अभ्यास से दो माह पूर्वभारतीय सेना ने इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) संकल्पना को क्रियान्वित किया।
  2. मंगलवार (अभ्यास का पहला दिन)औली विदेशी प्रशिक्षण नोड पर 22वें 'युद्ध अभ्यास' का उद्घाटन समारोह; औली व महाजन में अभ्यास एक साथ शुरू।
  3. आगामी दो सप्ताहकमांड पोस्ट अभ्यास, पर्वतीय युद्ध व शीत-मौसम अभियान, ड्रोन-रोधी प्रशिक्षण तथा हिमार्स/स्टिंगर/एम-लिड्स के लाइव-फायर अभ्यास।

किसका दाँव

  • भारतीय सेना — पर्वतीय भूभाग में आईबीजी की परिचालन क्षमता परखना तथा संयुक्त योजना-निष्पादन मजबूत करना।
  • अमेरिकी सेना (11वीं एयरबोर्न डिवीजन) — तैयारी, इंटरऑपरेबिलिटी और संयुक्त-शस्त्र अभियानों के समन्वय का मूल्यांकन।
  • 14 इन्फैंट्री डिवीजन / मेजर जनरल अमरेश गुंजन — भारतीय दल का नेतृत्व और औली प्रशिक्षण नोड पर अभ्यास संचालन।
  • कर्नल बेंजामिन जैकमैन, 1st मोबाइल ब्रिगेड कॉम्बैट टीम — अमेरिकी दल की कमान; सैनिकों को 'अधिक घातक, समन्वित और तैयार बल' बनाना।
  • औली व महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (उत्तराखंड, राजस्थान) — उच्च-ऊंचाई तथा रेगिस्तानी लाइव-फायर प्रशिक्षण अवसंरचना के रूप में भूमिका।

क्यों अहम है

पर्वतीय व अर्ध-पर्वतीय इलाकों में पैदल सेना-प्रधान अभियानों तथा नवगठित इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के प्रयोग पर केंद्रित यह अभ्यास भारत की उच्च-ऊंचाई युद्ध तैयारी और तेज प्रतिक्रिया क्षमता को परखता है। ड्रोन, स्वायत्त प्रणालियों और ड्रोन-रोधी प्रशिक्षण का समावेश आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को दर्शाता है। साथ ही यह भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग और इंटरऑपरेबिलिटी की गहराई का संकेत है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • 'युद्ध अभ्यास' भारत-अमेरिका थल सेना का द्विपक्षीय अभ्यास; 22वां संस्करण औली (उत्तराखंड) व महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (बीकानेर के निकट) में।
  • प्रत्येक पक्ष से 600 सैनिक; अभ्यास की अवधि दो सप्ताह।
  • फोकस: पर्वतीय/अर्ध-पर्वतीय भूभाग में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) का प्रयोग व पैदल सेना-प्रधान अभियान।
  • आईबीजी संकल्पना भारतीय सेना ने दो माह पूर्व क्रियान्वित की — फुर्तीले, आत्मनिर्भर, मिशन-केंद्रित फॉर्मेशन।
  • लाइव-फायर हथियार प्रणालियाँ: हिमार्स (HIMARS), स्टिंगर, एम-लिड्स (M-LIDS) — महाजन रेंज में।
  • अमेरिकी दल: 1st मोबाइल ब्रिगेड कॉम्बैट टीम, 11वीं एयरबोर्न डिवीजन; भारतीय पक्ष: 14 इन्फैंट्री डिवीजन।

मेन्स दृष्टिकोण

भारत-अमेरिका 'युद्ध अभ्यास' का 22वां संस्करण दो कारणों से महत्वपूर्ण है: पहला, यह भारतीय सेना द्वारा दो माह पूर्व क्रियान्वित इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप संकल्पना का पर्वतीय व अर्ध-पर्वतीय परिवेश में व्यावहारिक परीक्षण है, जिसका लक्ष्य फुर्तीले, आत्मनिर्भर और मिशन-केंद्रित फॉर्मेशन तैयार करना है; दूसरा, यह दो भिन्न भूभागों — औली की ऊंची, ठंडी पहाड़ियाँ और महाजन का फायरिंग रेंज — में एक साथ संचालित होकर विविध परिचालन वातावरण में समन्वित अभियानों की क्षमता जाँचता है। प्रशिक्षण की विषय-वस्तु आधुनिक युद्ध के रुझानों से मेल खाती है: निगरानी-टोही के लिए ड्रोन व स्वायत्त प्रणालियाँ, काउंटर-यूएएस प्रशिक्षण, तथा हिमार्स, स्टिंगर और एम-लिड्स के साथ लाइव-फायर। निहितार्थ हैं — दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, सर्वोत्तम परिचालन प्रथाओं का आदान-प्रदान तथा संयुक्त योजना-निष्पादन में मजबूती। आगे की राह के रूप में स्रोत केवल इतना बताता है कि ब्रिगेड-स्तरीय कमांड पोस्ट अभ्यास, फील्ड ट्रेनिंग और विशेषज्ञ अकादमिक चर्चाओं के माध्यम से मुख्यालय व छोटी इकाइयों के स्तर पर क्षमताओं का सहज एकीकरण लक्ष्य है; इससे परे नीतिगत निष्कर्ष स्रोत में उपलब्ध नहीं हैं।

मुख्य शब्द

युद्ध अभ्यास
भारत और अमेरिका की थल सेनाओं का द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास; यह 22वां संस्करण है।
इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी)
फुर्तीले, आत्मनिर्भर व मिशन-केंद्रित सैन्य फॉर्मेशन जो विविध परिचालन परिदृश्यों में तेज़ प्रतिक्रिया दे सकें।
इंटरऑपरेबिलिटी
दो सेनाओं की मिलकर समन्वित अभियान चलाने और क्षमताओं को एकीकृत करने की योग्यता।
हिमार्स (HIMARS)
हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम; महाजन रेंज में लाइव-फायर अभ्यास में शामिल।
एम-लिड्स (M-LIDS)
मोबाइल लो, स्लो, स्मॉल अनमैन्ड एयरक्राफ्ट इंटीग्रेटेड डिफीट सिस्टम — छोटे ड्रोन नष्ट करने की प्रणाली।
काउंटर-यूएएस प्रशिक्षण
मानवरहित विमान प्रणालियों से निपटने का प्रशिक्षण, जो औली में आयोजित हो रहा है।

अभ्यास प्रश्न

  1. इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप संकल्पना क्या है और पर्वतीय भूभाग में इसके प्रयोग की चुनौतियाँ व संभावनाएँ क्या हैं? 'युद्ध अभ्यास' के संदर्भ में समझाइए।
  2. संयुक्त सैन्य अभ्यास किस प्रकार दो देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाते हैं? 22वें 'युद्ध अभ्यास' के घटकों के उदाहरण से विश्लेषण कीजिए।
  3. ड्रोन, स्वायत्त प्रणालियाँ और ड्रोन-रोधी तंत्र आधुनिक भूमि युद्ध को कैसे बदल रहे हैं? स्रोत में उल्लिखित प्रशिक्षण घटकों के आधार पर चर्चा कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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