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गेल ने कौशल विकास के लिए आंध्र प्रदेश को 10 करोड़ रुपये दिए

गेल (इंडिया) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बी सी त्रिपाठी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को युवाओं के कौशल विकास और आजीविका सृजन के लिए 10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। यह राशि गेल की सीएसआर पहल के तहत 24 अप्रैल 2016 को नई दिल्ली के आंध्र भवन में एपीएसएसडीसी को दी गई। परियोजना के तहत हाइड्रोकार्बन तथा तेल एवं गैस क्षेत्र में वेल्डिंग, इलेक्ट्रिकल, पाइपिंग फिटर, मेंटेनेंस मैकेनिक और असेंबली मैकेनिक ट्रेडों में 2,000 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। गेल शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करता है।

स्रोत

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • GAIL CMD B C Tripathi handed a Rs 10 crore cheque to Andhra Pradesh CM Chandra Babu Naidu on 24 April 2016 at Andhra Bhawan, New Delhi. — Date, venue and names appear in the source; presented as a company/CSR announcement with no external source cited.
  • The contribution was made to APSSDC under GAIL's CSR initiative for skill training of 2,000 candidates in hydrocarbon and oil and gas trades. — Figure and trade list appear in the source; no supporting document referenced.
  • GAIL is contributing Rs 10 crore towards construction of KG Hospital in Vizag. — Stated in source as ongoing contribution; no timeline or source given.
  • GAIL built 1,627 toilet units and installed 1,076 solar LED street lights in 53 villages benefiting 1.28 lakh people in East and West Godavari districts. — Figures appear in source, attributed only to the company's own CSR account.
  • GAIL contributes two per cent of its net profit to CSR programmes. — Stated without citation; consistent with the source's overall framing.

विश्लेषकों की राय राय

AI आर्थिक विश्लेषक

राज्य के बजट के सामने 10 करोड़ रुपये बहुत छोटी रकम है — यहाँ आर्थिक महत्व आकार में नहीं, दिशा में है। हाइड्रोकार्बन और तेल–गैस क्षेत्र के लिए वेल्डिंग, पाइपिंग फिटर, मेंटेनेंस और असेंबली मैकेनिक जैसे ट्रेडों में 2,000 युवाओं को प्रशिक्षण देना, कौशल को सामान्य प्रमाणपत्रों के बजाय सीधे उद्योग की पहचानी गई माँग से जोड़ता है। खर्च सरकारी खजाने का नहीं, कंपनी के शुद्ध लाभ के दो प्रतिशत से बने सीएसआर कोष का है; लाभ युवाओं को और परोक्ष रूप से उस उद्योग को भी, जिसे सस्ते में कुशल श्रमशक्ति मिलती है।

  • कौशल प्रशिक्षण के लिए धन राज्य के खजाने पर बोझ डाले बिना आया — सरकार के लिए यह एक तरह का 'बजट से बाहर' संसाधन है।
  • क्षेत्र-विशेष से जुड़ा प्रशिक्षण आमतौर पर व्यापक, बिना जुड़ाव वाली कौशल योजनाओं की तुलना में रोजगार में बेहतर बदलता है।
  • वेल्डिंग और पाइपिंग जैसे कौशल की माँग देश में और खाड़ी देशों के श्रम बाजारों में भी है — यानी स्थानीय नौकरियों के अलावा गतिशीलता और रेमिटेंस की संभावना।
  • कंपनी के लिए यह केवल दान नहीं, समझदारी भरा स्वहित भी है: कार्यस्थलों के आसपास कुशल श्रमिकों की उपलब्धता और स्थानीय सद्भाव, दोनों व्यावसायिक पूँजी हैं।
  • 2,000 उम्मीदवार राज्य की रोजगार चुनौती के सामने छोटी संख्या है — इसे एक पायलट मॉडल मानें, समग्र आर्थिक हस्तक्षेप नहीं।

किस पर नज़र रखें — प्लेसमेंट के आँकड़ों पर नजर रखें — कितने प्रशिक्षितों को वास्तव में नौकरी मिली और किस वेतन पर, क्योंकि किसी भी कौशल कार्यक्रम की असली परीक्षा यही है, चेक का आकार नहीं।

यह खबर केवल राशि सौंपे जाने की पुष्टि करती है; प्रशिक्षण की समय-सीमा, प्रति उम्मीदवार लागत, प्लेसमेंट की गारंटी या अपेक्षित वेतन स्तर इसमें स्थापित नहीं हैं।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 2 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

गेल (इंडिया) लिमिटेड, एक सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी, अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश में कौशल विकास और आजीविका सृजन में योगदान कर रही है। 24 अप्रैल 2016 को नई दिल्ली के आंध्र भवन में गेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बी सी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को 10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा, जो आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) को दिया गया। यह राशि हाइड्रोकार्बन तथा तेल एवं गैस क्षेत्र में 2,000 अभ्यर्थियों के व्यावसायिक प्रशिक्षण पर खर्च होगी। गेल अपने शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत सीएसआर कार्यक्रमों पर खर्च करता है।

मुख्य तथ्य

  • 24 अप्रैल 2016 को नई दिल्ली के आंध्र भवन में गेल के सीएमडी बी सी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को 10 करोड़ रुपये का चेक सौंपा।
  • यह योगदान गेल की सीएसआर पहल के तहत एपीएसएसडीसी (आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम) को दिया गया।
  • परियोजना के तहत 2,000 अभ्यर्थियों को हाइड्रोकार्बन तथा तेल एवं गैस क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • चिह्नित ट्रेड: वेल्डिंग, इलेक्ट्रिकल ट्रेड, पाइपिंग फिटर, मेंटेनेंस मैकेनिक और असेंबली मैकेनिक में सर्टिफिकेट कार्यक्रम।
  • अवसर पर गेल के निदेशक (मानव संसाधन) एम रवींद्रन और कार्यकारी निदेशक (सीएसआर) वंदना चनाना भी उपस्थित थीं।
  • गेल कौशल योजना के तहत गेल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स में 317 लाभार्थी पंजीकृत हुए।
  • गेल ने पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी जिलों में 89 गांवों में आरओ प्लांट लगाए और स्वच्छ भारत विद्यालय अभियान के तहत 1,627 शौचालय इकाइयां बनाईं।
  • गेल ने 53 गांवों में 1,076 सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाईं, जिससे 1.28 लाख लाभार्थी लाभान्वित हुए; विजाग में केजी अस्पताल निर्माण के लिए भी 10 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।

समयरेखा

  1. पिछला वर्ष (स्रोत में वर्ष नहीं बताया गया)गेल ने पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में चार स्थानों पर कंक्रीट सड़क निर्माण, बोरवेल पंपिंग मेन व जनरेटर, एलईडी लाइट, स्कूल के कमरों व चारदीवारी का निर्माण किया।
  2. 24 अप्रैल 2016नई दिल्ली के आंध्र भवन में कौशल विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का चेक मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सौंपा गया।

किसका दाँव

  • गेल (इंडिया) लिमिटेड — सीएसआर दायित्व के तहत शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, पेयजल, स्वच्छता व पर्यावरण पर खर्च; कार्य केंद्रों के आसपास सामाजिक साख।
  • आंध्र प्रदेश सरकार / मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू — राज्य के युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और आजीविका सृजन हेतु वित्तीय संसाधन प्राप्त करना।
  • एपीएसएसडीसी — 10 करोड़ रुपये की राशि से 2,000 अभ्यर्थियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करना।
  • आंध्र प्रदेश के युवा/अभ्यर्थी — वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक व्यावसायिक प्रशिक्षण से तेल एवं गैस क्षेत्र में रोजगार-योग्यता बढ़ना।
  • पूर्वी व पश्चिमी गोदावरी जिलों के ग्रामीण समुदाय — आरओ प्लांट, शौचालय, सोलर स्ट्रीट लाइट, मोबाइल मेडिकल वैन जैसी सुविधाओं से सीधा लाभ।
  • ग्रामीण महिलाएं (मामिदिकुदुरु मंडल, पूर्वी गोदावरी) — नॉन-वुवन फैब्रिक कपड़े के थैले और स्क्रीन प्रिंटिंग के प्रशिक्षण से आय के अवसर।

क्यों अहम है

यह मामला दिखाता है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का सीएसआर व्यय राज्य सरकारों के कौशल विकास ढांचे के साथ जुड़कर क्षेत्र-विशिष्ट रोजगार-योग्यता बढ़ाने का साधन बन रहा है। तेल एवं गैस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में वेल्डिंग, पाइपिंग फिटर जैसे ट्रेडों का प्रशिक्षण उद्योग की मांग और युवाओं की बेरोजगारी के बीच की खाई पाटने का प्रयास है। साथ ही यह दिखाता है कि सीएसआर धन स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और सौर ऊर्जा जैसी बुनियादी सेवाओं तक भी पहुंच रहा है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • गेल (इंडिया) लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक: बी सी त्रिपाठी; निदेशक (मानव संसाधन): एम रवींद्रन।
  • एपीएसएसडीसी = आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम, जिसे 10 करोड़ रुपये का सीएसआर योगदान मिला।
  • गेल अपने शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत सीएसआर पर खर्च करता है।
  • प्रशिक्षण ट्रेड: वेल्डिंग, इलेक्ट्रिकल, पाइपिंग फिटर, मेंटेनेंस मैकेनिक, असेंबली मैकेनिक — कुल 2,000 अभ्यर्थी।
  • गेल की योजनाएं: गेल कौशल योजना (गेल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स) और गेल–उज्ज्वल (छात्रवृत्ति)।
  • स्वच्छ भारत विद्यालय अभियान के तहत गेल ने पूर्वी व पश्चिमी गोदावरी में 1,627 शौचालय इकाइयां बनाईं।

मेन्स दृष्टिकोण

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) को अब परोपकार से आगे बढ़कर विकासात्मक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है, और गेल का आंध्र प्रदेश को 10 करोड़ रुपये का योगदान इसका उदाहरण है। इसका कारण स्पष्ट है — तेल एवं गैस क्षेत्र को वेल्डिंग, पाइपिंग फिटर, मेंटेनेंस व असेंबली मैकेनिक जैसे कुशल तकनीकी कर्मियों की आवश्यकता है, जबकि राज्य के युवाओं के पास उद्योग-प्रासंगिक प्रमाणित प्रशिक्षण की कमी है; एपीएसएसडीसी जैसे राज्य निगम के माध्यम से धन देने से कार्यान्वयन क्षमता और कंपनी की क्षेत्रीय विशेषज्ञता जुड़ जाती है। इसके निहितार्थ दोहरे हैं: 2,000 अभ्यर्थियों की रोजगार-योग्यता बढ़ने के साथ-साथ कंपनी को अपने कार्य केंद्रों के आसपास सामाजिक स्वीकार्यता मिलती है, जैसा गेल के आरओ प्लांट, शौचालय, सोलर एलईडी स्ट्रीट लाइट, मोबाइल मेडिकल वैन और ग्रामीण महिला प्रशिक्षण जैसे कार्यों में दिखता है। आगे की राह में प्रशिक्षण के बाद वास्तविक नियोजन (प्लेसमेंट) की निगरानी, प्रशिक्षण की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन और सीएसआर व्यय को राज्य की प्राथमिकताओं के साथ पारदर्शी रूप से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा — हालांकि स्रोत में प्लेसमेंट संबंधी आंकड़े नहीं दिए गए हैं।

मुख्य शब्द

सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व)
कंपनी द्वारा लाभ का एक हिस्सा सामाजिक कार्यों पर खर्च करना; गेल अपने शुद्ध लाभ का दो प्रतिशत इस पर खर्च करता है।
एपीएसएसडीसी
आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम, जिसे गेल का 10 करोड़ रुपये का कौशल विकास योगदान सौंपा गया।
गेल कौशल योजना
गेल की कौशल प्रशिक्षण योजना, जिसके तहत गेल इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स में 317 लाभार्थी पंजीकृत हुए।
गेल – उज्ज्वल
गेल की पहल जिसके तहत वंचित व मेधावी छात्रों को हर वर्ष छात्रवृत्ति और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण दिए जाते हैं।
स्वच्छ भारत विद्यालय अभियान
विद्यालयों में स्वच्छता सुविधाओं का कार्यक्रम, जिसके तहत गेल ने 1,627 शौचालय इकाइयां बनाईं।
हाइड्रोकार्बन क्षेत्र
तेल एवं गैस से जुड़ा उद्योग क्षेत्र, जिसके लिए वेल्डिंग व पाइपिंग फिटर जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अभ्यास प्रश्न

  1. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का सीएसआर व्यय राज्य सरकारों के कौशल विकास प्रयासों का पूरक कैसे बन सकता है? गेल–आंध्र प्रदेश साझेदारी के उदाहरण से समझाइए।
  2. उद्योग-विशिष्ट व्यावसायिक प्रशिक्षण (जैसे तेल एवं गैस क्षेत्र में वेल्डिंग, पाइपिंग फिटर) युवाओं की रोजगार-योग्यता बढ़ाने में कितना कारगर है? चुनौतियों की चर्चा करें।
  3. क्या कंपनियों का सीएसआर धन पेयजल, स्वच्छता व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाओं में लगाना सरकारी उत्तरदायित्व का विकल्प बन सकता है? तर्कसहित उत्तर दें।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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