नीट-पीजी 2026 का परिणाम घोषित, सामान्य कट-ऑफ 262
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने गुरुवार को नीट-पीजी 2026 का परिणाम घोषित किया। इस वर्ष दो चरणों में हुई परीक्षा में 2,65,960 अभ्यर्थी शामिल हुए। सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए अर्हता स्तर 50वां पर्सेंटाइल रहा, कट-ऑफ 720 में से 262 अंक। सामान्य पीडब्ल्यूबीडी के लिए 45वां पर्सेंटाइल और 244 अंक, तथा एससी, एसटी व ओबीसी के लिए 40वां पर्सेंटाइल और 226 अंक रहे। 2025 में 800 अंकों पर कट-ऑफ 276, 255 और 235 थे। स्कोरकार्ड और उत्तर कुंजी 1 अक्टूबर या उसके बाद उपलब्ध होंगे।
स्रोत
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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की
डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- 2,65,960 candidates appeared for NEET-PG 2026, held in two phases. — Figure appears in the source, attributed to NBEMS; internally consistent.
- General and EWS qualifying level was 50th percentile with cut-off 262 out of 720. — Stated in source; consistent with the listed category-wise cut-offs.
- PwBD (General) cut-off was 244 at 45th percentile; SC/ST/OBC cut-off 226 at 40th percentile. — Figures appear in the source as NBEMS criteria.
- In 2025 cut-offs were 276, 255 and 235 out of 800. — Source gives comparison figures; the change in total marks (800 to 720) is noted, so scores are not directly comparable.
- No question in either paper was found technically incorrect; scorecards and answer key available on or after Oct 1. — Attributed to NBEMS in the source; not independently verifiable.
विश्लेषकों की राय राय
नीट-पीजी 2026 के नतीजों में नीतिगत रूप से अहम बात घटा हुआ कटऑफ नहीं, बल्कि यह है कि अर्हता पर्सेंटाइल (50, 45, 40) पिछले साल जैसे ही बने हुए हैं। पेपर 800 की जगह 720 अंकों का होने से कटऑफ संख्याएँ कम दिखती हैं (जैसे 276 से 262), पर असल मानक — पर्सेंटाइल — नहीं बदला। कहानी यह नहीं बताती कि दो चरणों में हुई परीक्षा के कठिनाई-स्तर को बराबर कैसे किया गया, और यही असली प्रशासनिक परीक्षा है।
- पर्सेंटाइल आधारित अर्हता को बरकरार रखना नीतिगत निरंतरता का संकेत है और अभ्यर्थियों को अनुमान लगाने योग्य मानक देता है।
- कुल अंक 800 से 720 होने के बाद साल-दर-साल निरपेक्ष कटऑफ की तुलना करना भ्रामक है।
- एससी/एसटी/ओबीसी के लिए 40वाँ और पीडब्ल्यूबीडी के लिए 45वाँ पर्सेंटाइल — यह पहुँच की समानता और पीजी सीटें भरने के बीच पुराना नीतिगत संतुलन है।
- दो चरणों में परीक्षा कराना क्षमता और सुरक्षा की दिक्कतों का हल हो सकता है, पर निष्पक्षता का सवाल पारदर्शी स्कोर-समकरण से ही सुलझेगा।
- पहले नतीजे और उत्तर कुंजी व स्कोरकार्ड 1 अक्टूबर के बाद — यह क्रम अभ्यर्थियों की जाँच-परख की क्षमता को टालता है, जो पारदर्शिता की दृष्टि से चिंता का विषय है।
किस पर नज़र रखें — 1 अक्टूबर के बाद स्कोरकार्ड और उत्तर कुंजी का जारी होना, दोनों चरणों को तुलनीय बनाने पर एनबीईएमएस का कोई स्पष्टीकरण, और काउंसलिंग कितनी जल्दी शुरू होती है — इन पर नजर रखें।
यह खबर यह स्थापित नहीं करती कि दोनों चरणों के अंकों का सामान्यीकरण कैसे हुआ, कितने अभ्यर्थी कटऑफ पार कर पाए, या उनके सामने कितनी पीजी सीटें उपलब्ध हैं।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 4 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने गुरुवार को नीट-पीजी 2026 का परिणाम घोषित किया। यह परीक्षा एमडी, एमएस, डीएनबी, डीआरएनबी डायरेक्ट 6-वर्षीय पाठ्यक्रमों तथा पीजी मेडिकल डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 2026-27 सत्र के दाखिले के लिए 30 अगस्त को आयोजित की गई थी। इस वर्ष परीक्षा दो चरणों में हुई और कुल 2,65,960 अभ्यर्थी शामिल हुए। परिणाम में अभ्यर्थियों के रॉ स्कोर और समग्र नीट-पीजी रैंक शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- नीट-पीजी 2026 में 2,65,960 अभ्यर्थी शामिल हुए; परीक्षा इस वर्ष दो चरणों में आयोजित की गई।
- सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए अर्हता स्तर 50वां पर्सेंटाइल; कट-ऑफ 720 में से 262 अंक।
- सामान्य पीडब्ल्यूबीडी के लिए 45वां पर्सेंटाइल और 244 अंक।
- एससी, एसटी और ओबीसी (इन श्रेणियों के पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थियों सहित) के लिए 40वां पर्सेंटाइल और 226 अंक।
- 2025 में पर्सेंटाइल मानदंड समान (50वां, 45वां, 40वां) थे, लेकिन कट-ऑफ 800 अंकों पर 276, 255 और 235 अंक थे।
- परीक्षा 30 अगस्त को एमडी, एमएस, डीएनबी, डीआरएनबी डायरेक्ट 6-वर्षीय और पीजी मेडिकल डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (2026-27) के प्रवेश हेतु हुई।
- स्कोरकार्ड एनबीईएमएस वेबसाइट से 1 अक्टूबर या उसके बाद डाउनलोड किए जा सकेंगे; उत्तर कुंजी भी 1 अक्टूबर या उसके बाद प्रकाशित होगी।
- एनबीईएमएस के अनुसार दोनों पेपरों के प्रत्येक प्रश्न की विशेषज्ञ संकाय सदस्यों द्वारा समीक्षा हुई और कोई प्रश्न तकनीकी रूप से गलत नहीं पाया गया।
समयरेखा
- 2025नीट-पीजी में अर्हता पर्सेंटाइल 50वां, 45वां और 40वां रहे; 800 अंकों की परीक्षा में कट-ऑफ 276, 255 और 235 अंक।
- 30 अगस्तनीट-पीजी 2026 का आयोजन; एमडी, एमएस, डीएनबी, डीआरएनबी डायरेक्ट 6-वर्षीय व पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (2026-27) के प्रवेश हेतु।
- गुरुवार (परिणाम दिवस)एनबीईएमएस ने नीट-पीजी 2026 का परिणाम घोषित किया, जिसमें रॉ स्कोर और समग्र रैंक शामिल।
- 1 अक्टूबर या उसके बादएनबीईएमएस वेबसाइट पर स्कोरकार्ड डाउनलोड और उत्तर कुंजी प्रकाशन।
किसका दाँव
- एनबीईएमएस (नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज) — परीक्षा संचालन, परिणाम, रैंकिंग, उत्तर कुंजी और स्कोरकार्ड जारी करने की जिम्मेदारी।
- 2,65,960 परीक्षार्थी — पीजी मेडिकल सीटों पर प्रवेश के लिए अर्हता, रॉ स्कोर और समग्र रैंक पर भविष्य निर्भर।
- सामान्य व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थी — 50वां पर्सेंटाइल, 720 में से 262 अंक की कट-ऑफ पार करना आवश्यक।
- एससी, एसटी, ओबीसी तथा पीडब्ल्यूबीडी अभ्यर्थी — क्रमशः 40वां पर्सेंटाइल/226 अंक और सामान्य पीडब्ल्यूबीडी के लिए 45वां पर्सेंटाइल/244 अंक की छूट।
- मेडिकल कॉलेज व पीजी संस्थान — 2026-27 सत्र में एमडी, एमएस, डीएनबी, डीआरएनबी व पीजी डिप्लोमा सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया।
क्यों अहम है
नीट-पीजी देश में स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा का एकल प्रवेश द्वार है, इसलिए कट-ऑफ और रैंक सीधे तय करते हैं कि कौन विशेषज्ञ डॉक्टर बनने की दौड़ में रहेगा। इस वर्ष परीक्षा 800 के बजाय 720 अंकों की रही, जिससे अंकों में कट-ऑफ पिछले वर्ष से भिन्न दिखती है, जबकि पर्सेंटाइल मानदंड अपरिवर्तित हैं। दो चरणों में आयोजन और सभी प्रश्नों की विशेषज्ञ समीक्षा का दावा परीक्षा की पारदर्शिता व समानता पर बहस से जुड़ा है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- नीट-पीजी का संचालन एनबीईएमएस (नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज) करता है।
- नीट-पीजी 2026: कुल 2,65,960 अभ्यर्थी; परीक्षा 30 अगस्त को, दो चरणों में।
- अर्हता: सामान्य/ईडब्ल्यूएस – 50वां पर्सेंटाइल, 262/720; सामान्य पीडब्ल्यूबीडी – 45वां, 244; एससी/एसटी/ओबीसी – 40वां, 226।
- 2025 में कट-ऑफ 800 अंकों पर 276, 255 और 235 थे; पर्सेंटाइल मानदंड वही रहे।
- परीक्षा एमडी, एमएस, डीएनबी, डीआरएनबी डायरेक्ट 6-वर्षीय और पीजी मेडिकल डिप्लोमा पाठ्यक्रमों (2026-27) के लिए।
- स्कोरकार्ड व उत्तर कुंजी 1 अक्टूबर या उसके बाद एनबीईएमएस वेबसाइट पर।
मेन्स दृष्टिकोण
नीट-पीजी 2026 का परिणाम भारत में स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रवेश की दो बुनियादी विशेषताओं को उजागर करता है — केंद्रीकृत अर्हता मानदंड और श्रेणी-आधारित छूट। इस वर्ष पर्सेंटाइल मानदंड (सामान्य/ईडब्ल्यूएस 50वां, सामान्य पीडब्ल्यूबीडी 45वां, एससी/एसटी/ओबीसी 40वां) पिछले वर्ष जैसे ही रहे, पर अधिकतम अंक 800 से 720 होने के कारण कट-ऑफ अंक 276/255/235 से बदलकर 262/244/226 हो गए; इससे यह समझना जरूरी होता है कि पर्सेंटाइल सापेक्ष मापदंड है और कच्चे अंक सीधे तुलनीय नहीं होते। दो चरणों में परीक्षा आयोजित करने पर चरणों के बीच समान कठिनाई और सामान्यीकरण का प्रश्न उठता है, जिसका उत्तर बोर्ड ने प्रत्येक प्रश्न की विशेषज्ञ संकाय समीक्षा और तकनीकी रूप से कोई प्रश्न गलत न होने के दावे से देने का प्रयास किया है। पारदर्शिता की दिशा में आगे का रास्ता समय पर स्कोरकार्ड व उत्तर कुंजी जारी करना (1 अक्टूबर या उसके बाद), रॉ स्कोर एवं टाई-ब्रेकिंग मानदंडों का स्पष्ट प्रकटन, और काउंसलिंग कार्यक्रम की निश्चितता है, ताकि लगभग 2.66 लाख अभ्यर्थियों के लिए प्रक्रिया पूर्वानुमेय और विश्वसनीय बने।
मुख्य शब्द
- एनबीईएमएस
- नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज, जो नीट-पीजी आयोजित कर परिणाम, रैंक व उत्तर कुंजी जारी करता है।
- पर्सेंटाइल
- सापेक्ष प्रदर्शन मापदंड; जैसे 50वां पर्सेंटाइल का अर्थ परीक्षार्थियों के बीच निर्धारित मेरिट स्थिति से ऊपर होना।
- पीडब्ल्यूबीडी
- पर्सन्स विद बेंचमार्क डिसेबिलिटीज; सामान्य श्रेणी के ऐसे अभ्यर्थियों के लिए अर्हता 45वां पर्सेंटाइल/244 अंक रही।
- नीट-पीजी रैंक
- परीक्षा में प्राप्त वास्तविक अंकों और लागू टाई-ब्रेकिंग मानदंडों के आधार पर तय समग्र मेरिट स्थिति।
- डीएनबी / डीआरएनबी
- एनबीईएमएस से जुड़े स्नातकोत्तर व सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा पाठ्यक्रम, जिनमें डायरेक्ट 6-वर्षीय डीआरएनबी भी शामिल है।
- ईडब्ल्यूएस
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग; नीट-पीजी 2026 में इसकी अर्हता सामान्य श्रेणी के समान 50वां पर्सेंटाइल/262 अंक रही।
अभ्यास प्रश्न
- नीट-पीजी 2026 में पर्सेंटाइल मानदंड अपरिवर्तित रहने के बावजूद कट-ऑफ अंकों में बदलाव क्यों आया? पर्सेंटाइल और कच्चे अंकों के अंतर को स्पष्ट कीजिए।
- एक ही परीक्षा को दो चरणों में आयोजित करने से उत्पन्न समानता और सामान्यीकरण की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए, नीट-पीजी 2026 के संदर्भ में।
- स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रवेश में श्रेणी-आधारित अर्हता छूट (एससी/एसटी/ओबीसी – 40वां पर्सेंटाइल, पीडब्ल्यूबीडी – 45वां) का औचित्य और प्रभाव क्या है?
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।