शिक्षा वेल्लोर

देशों की प्रगति के लिए विज्ञान-प्रौद्योगिकी अनिवार्य: वीआईटी चांसलर

अधिक युवा आबादी वाले विकासशील देशों की प्रगति के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनिवार्य हैं, ऐसा वीआईटी के संस्थापक और चांसलर जी. विश्वनाथन ने कहा। वेल्लोर परिसर में तीन दिवसीय टेक्नो मैनेजमेंट उत्सव 'ग्रेविटास 26' के समापन दिवस पर उन्होंने कहा कि 193 देशों में केवल 75 विकसित श्रेणी में हैं। भारत में 18-23 वर्ष के 15 करोड़ से अधिक लोग हैं, पर लगभग 30 प्रतिशत को ही उच्च शिक्षा उपलब्ध है और करीब 4 प्रतिशत को सरकारी छात्रवृत्ति मिलती है। उत्सव के 227 से अधिक आयोजनों में 39,049 पंजीकरण हुए।

स्रोत

The Hindu — National · मूल ख़बर पढ़ें ↗

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • Of 193 countries, only 75 are classified as developed, mainly due to progress in science and technology. — Attributed directly to G. Viswanathan in a quoted presidential address; not independently verified.
  • India has more than 15 crore persons in the 18-23 age group, of whom around 30% have access to higher education. — Figure appears in the source, attributed to the Chancellor; no data source named.
  • Around four percent of students were able to get government scholarships for higher studies. — Quoted statement by the Chancellor; no supporting data cited.
  • Gravitas 2026 recorded 39,049 registrations across over 227 events at VIT's Vellore campus. — Organiser-supplied figure reported in source; internally consistent.
  • A special session by boAt co-founder Aman Gupta was held; Cognizant's Atul Sahgal and others were present. — Names and designations appear in the source as attendee list; consistent.

विश्लेषकों की राय राय

AI नीति विश्लेषक

यह भाषण एक कैंपस उत्सव के मंच से दिया गया, लेकिन यह उच्च शिक्षा नीति की एक असली दरार पर उंगली रखता है — पहुँच और वहनीयता के बीच का फासला। बताए गए आंकड़े — 18-23 आयु वर्ग में 15 करोड़ से अधिक लोग, इनमें करीब 30 प्रतिशत को उच्च शिक्षा की पहुँच और मात्र 4 प्रतिशत को सरकारी छात्रवृत्ति — इस तर्क को बल देते हैं कि नीति का जोर सीटें बढ़ाने पर रहा है, उन्हें वहनीय बनाने पर नहीं। साथ ही, निजी छात्रवृत्ति और इंटर्नशिप का सुझाव एक निजी विश्वविद्यालय के चांसलर से आया है, इसलिए हितों का पहलू भी ध्यान में रखना चाहिए।

  • दाखिला मिलना और फीस चुका पाना दो अलग समस्याएँ हैं; 30 प्रतिशत पहुँच और 4 प्रतिशत छात्रवृत्ति के आंकड़े दो भिन्न नीतिगत कमियों की ओर इशारा करते हैं।
  • आर्थिक बोझ मुख्यतः माता-पिता पर पड़ने की बात गरीब और मध्यवर्गीय छात्रों के लिए लक्षित सहायता की जरूरत को मजबूत करती है।
  • निजी कंपनियों और संस्थानों से छात्रवृत्ति की अपेक्षा व्यावहारिक है, पर यह सार्वजनिक वित्तपोषण का विकल्प नहीं — स्वैच्छिक कॉर्पोरेट मदद आमतौर पर अस्थिर और कुछ ही क्षेत्रों तक सीमित रहती है।
  • 193 देशों में केवल 75 के विकसित होने की वजह विज्ञान-प्रौद्योगिकी में प्रगति बताना शिक्षा खर्च को कल्याण की जगह दीर्घकालिक आर्थिक नीति के रूप में देखने का तर्क है।
  • 227 से अधिक आयोजनों में 39,049 पंजीकरण छात्रों की रुचि दिखाते हैं, लेकिन उत्सव में भागीदारी अपने आप में कौशल या रोजगार-क्षमता का पैमाना नहीं है।

किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि क्या छात्रवृत्ति के दायरे, शिक्षा ऋण की सुगमता या उद्योग-आधारित इंटर्नशिप को लेकर सरकारी या संस्थागत स्तर पर कोई ठोस कदम सामने आता है।

खबर में उद्धृत आंकड़ों का स्रोत, पद्धति या संदर्भ वर्ष स्पष्ट नहीं है, और यह एक शिक्षाविद् की राय है — कोई सरकारी नीति घोषणा या नई योजना नहीं।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 3 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

वेल्लोर स्थित वीआईटी (VIT) ने अपने परिसर में तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट उत्सव 'ग्रेविटास 26' का आयोजन किया। समापन दिवस पर अध्यक्षीय भाषण देते हुए वीआईटी के संस्थापक एवं चांसलर जी. विश्वनाथन ने कहा कि जिन देशों की आबादी में युवाओं का बहुमत है, उनकी प्रगति के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनिवार्य हैं। उन्होंने भारत की विशाल युवा आबादी और उच्च शिक्षा तक सीमित पहुँच के बीच के अंतर को रेखांकित किया तथा छात्रवृत्ति व इंटर्नशिप के जरिये निजी क्षेत्र की भागीदारी की मांग की।

मुख्य तथ्य

  • जी. विश्वनाथन के अनुसार 193 देशों में से केवल 75 ही विकसित देशों की श्रेणी में आते हैं।
  • उनका कहना है कि यह स्थिति पिछली कुछ शताब्दियों में इन देशों की विज्ञान-प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण बनी, जो सबको शिक्षा विशेषकर उच्च शिक्षा देकर ही संभव हुई।
  • भारत में 18-23 वर्ष आयु वर्ग में 15 करोड़ से अधिक लोग हैं।
  • विशाल युवा आबादी के बावजूद लगभग 30 प्रतिशत को ही उच्च शिक्षा तक पहुँच उपलब्ध है।
  • चांसलर के अनुसार लगभग 4 प्रतिशत छात्र ही उच्च शिक्षा के लिए सरकारी छात्रवृत्ति प्राप्त कर पाते हैं।
  • ग्रेविटास 2026 में 227 से अधिक आयोजनों के लिए 39,049 पंजीकरण दर्ज हुए।
  • समापन दिवस पर boAt के सह-संस्थापक अमन गुप्ता का विशेष सत्र आयोजित हुआ।
  • कार्यक्रम में कॉग्निजेंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व ग्लोबल हेड (टैलेंट एक्विजिशन) अतुल सहगल, डिजी के संस्थापक-सीईओ हेमंत सहल तथा वीआईटी उपाध्यक्ष शंकर विश्वनाथन व शेखर विश्वनाथन उपस्थित थे।

समयरेखा

  1. तीन दिवसीय आयोजनवीआईटी वेल्लोर परिसर में टेक्नो-मैनेजमेंट उत्सव 'ग्रेविटास 26' का आयोजन; 227 से अधिक आयोजन।
  2. रविवार (समापन दिवस)चांसलर जी. विश्वनाथन का अध्यक्षीय भाषण, विजेताओं को पुरस्कार वितरण और अमन गुप्ता का विशेष सत्र।
  3. 20 सितंबर 2026, रात 11:03 बजे ISTसमाचार रिपोर्ट प्रकाशित।

किसका दाँव

  • जी. विश्वनाथन, संस्थापक व चांसलर, वीआईटी — विज्ञान-प्रौद्योगिकी आधारित उच्च शिक्षा के विस्तार और युवा आबादी की क्षमता के दोहन की पैरवी।
  • भारत का 18-23 आयु वर्ग (15 करोड़ से अधिक) — उच्च शिक्षा तक पहुँच केवल लगभग 30 प्रतिशत; अवसर और कौशल का प्रश्न।
  • गरीब व मध्यम वर्ग के छात्र-अभिभावक — शिक्षा का वित्तीय बोझ मुख्यतः अभिभावक उठाते हैं; केवल ~4 प्रतिशत को सरकारी छात्रवृत्ति।
  • निजी कंपनियाँ व संस्थान — चांसलर के अनुसार उन्हें छात्रवृत्ति और इंटर्नशिप के रूप में छात्रों की मदद करनी चाहिए।
  • वीआईटी और उसके छात्र — 39,049 पंजीकरण वाले उत्सव से उभरते इंजीनियरों के कौशल व तकनीकी दक्षता को निखारना।
  • उद्योग जगत के वक्ता (boAt, कॉग्निजेंट, डिजी) — उद्योग-शिक्षा संपर्क, प्रतिभा चयन और उद्यमशीलता को प्रोत्साहन।

क्यों अहम है

भारत की जनसांख्यिकीय लाभांश की बात तब ही सार्थक है जब विशाल युवा आबादी को उच्च शिक्षा और तकनीकी कौशल मिले; स्रोत के अनुसार 15 करोड़ से अधिक युवाओं में केवल लगभग 30 प्रतिशत की उच्च शिक्षा तक पहुँच है। छात्रवृत्ति की सीमित पहुँच (लगभग 4 प्रतिशत) शिक्षा के वित्तपोषण के भार को अभिभावकों पर डाल देती है, जिससे समानता का प्रश्न खड़ा होता है। इसीलिए निजी क्षेत्र की छात्रवृत्ति-इंटर्नशिप भागीदारी की मांग नीतिगत रूप से महत्वपूर्ण है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • ग्रेविटास 26: वीआईटी, वेल्लोर का तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट उत्सव; 227+ आयोजन, 39,049 पंजीकरण।
  • जी. विश्वनाथन – वीआईटी के संस्थापक एवं चांसलर।
  • स्रोत के अनुसार 193 देशों में केवल 75 विकसित श्रेणी में।
  • भारत में 18-23 आयु वर्ग की आबादी 15 करोड़ से अधिक; उच्च शिक्षा तक पहुँच ~30%।
  • उच्च शिक्षा के लिए सरकारी छात्रवृत्ति पाने वाले छात्र ~4%।
  • अमन गुप्ता – boAt के सह-संस्थापक; उत्सव में विशेष सत्र।

मेन्स दृष्टिकोण

स्रोत में उठाया गया मूल मुद्दा यह है कि विकासशील देशों की प्रगति का इंजन विज्ञान-प्रौद्योगिकी है, और उसका आधार सबके लिए उच्च शिक्षा है; 193 देशों में केवल 75 के विकसित होने को वक्ता सदियों की एस&टी प्रगति से जोड़ते हैं। भारत के संदर्भ में विरोधाभास स्पष्ट है—18-23 आयु वर्ग में 15 करोड़ से अधिक युवा, पर उच्च शिक्षा तक पहुँच लगभग 30 प्रतिशत और सरकारी छात्रवृत्ति केवल लगभग 4 प्रतिशत छात्रों तक। इसका निहितार्थ है कि शिक्षा का वित्तीय भार मुख्यतः अभिभावकों पर पड़ता है, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग के लिए पहुँच बाधित होती है और जनसांख्यिकीय लाभांश अधूरा रह जाता है। स्रोत में सुझाया गया मार्ग निजी कंपनियों व संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति और इंटर्नशिप के माध्यम से सहयोग, तथा ग्रेविटास जैसे तकनीकी उत्सवों के जरिये उभरते इंजीनियरों के कौशल और तकनीकी दक्षता को निखारना है; उद्योग जगत के वक्ताओं की उपस्थिति शिक्षा-उद्योग संपर्क की इसी दिशा को दर्शाती है।

मुख्य शब्द

वीआईटी (VIT)
वेल्लोर स्थित संस्थान, जिसके संस्थापक व चांसलर जी. विश्वनाथन हैं और जिसने ग्रेविटास 26 का आयोजन किया।
ग्रेविटास 26
वीआईटी परिसर में आयोजित तीन दिवसीय टेक्नो-मैनेजमेंट उत्सव; 227+ आयोजन और 39,049 पंजीकरण।
विकसित देश (Developed Country)
स्रोत के अनुसार 193 देशों में केवल 75 इस श्रेणी में वर्गीकृत हैं, मुख्यतः विज्ञान-प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण।
उच्च शिक्षा तक पहुँच
भारत के 18-23 आयु वर्ग में लगभग 30 प्रतिशत युवाओं को ही उच्च शिक्षा उपलब्ध होना।
सरकारी छात्रवृत्ति
उच्च अध्ययन के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता, जो स्रोत के अनुसार ~4 प्रतिशत छात्रों को मिलती है।
इंटर्नशिप
छात्रों को व्यावहारिक अनुभव देने वाली व्यवस्था, जिसे स्रोत में निजी क्षेत्र के सहयोग के रूप में सुझाया गया है।

अभ्यास प्रश्न

  1. भारत की युवा आबादी के आकार और उच्च शिक्षा तक उसकी सीमित पहुँच के बीच के अंतर के कारण और परिणाम बताइए। (250 शब्द)
  2. "विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकासशील देशों की प्रगति के लिए अनिवार्य हैं।" स्रोत में दिए आँकड़ों के आलोक में इस कथन का परीक्षण कीजिए।
  3. उच्च शिक्षा के वित्तपोषण में छात्रवृत्ति और इंटर्नशिप के माध्यम से निजी क्षेत्र की भूमिका किस प्रकार समानता बढ़ा सकती है? चर्चा कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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