डॉलर के साथ वैकल्पिक भुगतान प्रणालियाँ उभर रही हैं: फ्रादकोव
वैश्विक भुगतान में डॉलर की हिस्सेदारी अब भी 40 से 50 प्रतिशत के बीच है, लेकिन वैकल्पिक प्रणालियाँ उभर रही हैं, ए7 के प्रतिनिधि फ्रादकोव ने आरबीसी से कहा। आर्टेमिस एनालिटिक्स के हवाले से उन्होंने बताया कि 2025 में स्टेबलकॉइन लेनदेन 33 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचेगा, जबकि वीजा का 16.7 ट्रिलियन और मास्टरकार्ड का 10.6 ट्रिलियन डॉलर है। कुल स्टेबलकॉइन पूंजीकरण 312 अरब डॉलर है, जिसमें करीब 99 प्रतिशत डॉलर से जुड़ा है। रूबल आधारित ए7ए5 का पूंजीकरण लगभग 57 करोड़ डॉलर है।
स्रोत
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- The dollar's share in global payments fluctuates between 40% and 50%. — Figure appears in source, stated by Fradkov without specific attribution.
- Stablecoin transaction volume is expected to reach $33 trillion in 2025, up 72% year-on-year, against Visa's $16.7 trillion and Mastercard's $10.6 trillion. — Attributed in source to Artemis Analytics; comparison figures unattributed.
- Total stablecoin market capitalisation is $312 billion, with about 98-99% dollar-linked. — 98% figure attributed to BIS in the interviewer's question; the 99% variant is Fradkov's estimate.
- A7A5, the ruble-pegged stablecoin, has a capitalisation of about $570 million and turnover of nearly $140 billion since inception. — Self-reported by the company executive; no independent source given.
- A7 has paid 25.5 billion rubles in taxes since starting operations. — Self-reported by Fradkov; no documentation cited in source.
विश्लेषकों की राय राय
भू-राजनीति को अलग रखें तो यह कहानी भुगतान ढांचे की अर्थव्यवस्था की है — सीमा-पार पैसे पर 'टोल' कौन वसूलता है, और क्या उस टोल को सस्ता किया जा सकता है। फ्राडकोव के ही आंकड़े उनके तर्क को असहज बनाते हैं: उनके हवाले से 2025 में स्टेबलकॉइन लेनदेन 33 ट्रिलियन डॉलर, जो वीसा और मास्टरकार्ड से कहीं बड़ा है, लेकिन 312 अरब डॉलर के स्टेबलकॉइन बाजार का करीब 99% डॉलर से जुड़ा है — यानी 'विकल्प' भी बड़े हिस्से में डॉलर की जमानत पर चलता है। रूबल से जुड़े A7A5 का मूल्य 57 करोड़ डॉलर बताया गया है, जो इस पैमाने के आगे नगण्य है और दिखाता है कि लागत और तरलता की समस्या अभी हल नहीं हुई।
- व्यावसायिक आकर्षण स्प्रेड में है: कई दिनों की धीमी सेटलमेंट और मोटा कमीशन भुगतानकर्ता के लिए लागत और मौजूदा ढांचे के मालिकों के लिए आय है — नया रेल इसी मार्जिन को छीनना चाहता है।
- 0.3% कमीशन और जीएसटी/वैट वाला मॉडल कम-मार्जिन और वॉल्यूम पर निर्भर है; यह बड़े पैमाने पर ही चल सकता है, और कहानी के अनुसार निवेश की पूरी वसूली अभी नहीं हुई।
- डॉलर पर निर्भरता खत्म नहीं, बस नए खोल में है: यदि लगभग सारा स्टेबलकॉइन मूल्य डॉलर दावों और अमेरिकी ट्रेजरी में है, तो अमेरिकी मौद्रिक परिस्थितियों और जारीकर्ता की ब्लॉक करने की शक्ति पर जोखिम बना रहता है।
- तकनीक नहीं, तरलता ही असली अड़चन बताई गई है — विभिन्न मुद्राओं के लिक्विडिटी पूल और फंडिंग ही दुर्लभ संपत्ति हैं, और वहीं लागत तथा प्रतिपक्ष जोखिम केंद्रित होते हैं।
- मांग वास्तविक है: नाइजीरिया जैसे बड़े, तेज़ी से बढ़ते बाजारों में ऊंची भुगतान लागत सस्ते विकल्पों की असली भूख पैदा करती है, प्रतिबंधों के मकसद से स्वतंत्र रूप से भी।
किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि गैर-डॉलर सेटलमेंट और A7A5 जैसे साधन आर्थिक रूप से सार्थक पैमाने तक बढ़ते हैं या नहीं, और यूरोप में क्रिप्टो सेवाओं पर सख्त अनुपालन व प्रतिबंध तीसरे देशों के कारोबारियों के लिए इन रास्तों की प्रभावी लागत बढ़ाते हैं या नहीं।
यह कहानी मुख्यतः एक पक्षकार के कथन और तीसरे पक्ष के अनुमानों पर आधारित है; इसमें स्वतंत्र रूप से सत्यापित लेनदेन आंकड़े, लाभप्रदता, उपयोगकर्ताओं को वास्तविक बचत या इन व्यवस्थाओं की कानूनी स्थिति स्थापित नहीं होती।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 7 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
रूस पर 2022 में लगे वित्तीय प्रतिबंधों के बाद वहाँ सीमा-पार भुगतान के वैकल्पिक ढाँचे बनाने की कोशिश तेज़ हुई है। ए7 (A7) एक ऐसी सीमा-पार भुगतान प्रणाली है, जिसे रूसी बैंक पीएसबी (PSB) के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है और जिसने रूबल से जुड़ा स्टेबलकॉइन ए7ए5 जारी किया है। ए7 के प्रतिनिधि फ्रादकोव ने रूसी मीडिया आरबीसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि वैश्विक भुगतान में डॉलर की हिस्सेदारी अब भी 40–50 प्रतिशत है, लेकिन राष्ट्रीय व क्षेत्रीय विकल्प उभर रहे हैं। उनका तर्क है कि केवल मुद्रा बदलने से नहीं, बल्कि अपना भुगतान ढाँचा बनाने से ही तीसरे पक्ष की मंज़ूरी पर निर्भरता घटेगी।
मुख्य तथ्य
- वैश्विक भुगतान में डॉलर की हिस्सेदारी अब भी 40% से 50% के बीच झूलती है, फ्रादकोव के अनुसार।
- आर्टेमिस एनालिटिक्स के अनुसार 2025 में स्टेबलकॉइन लेनदेन 33 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान, जो सालाना 72% वृद्धि है; वीजा 16.7 ट्रिलियन और मास्टरकार्ड 10.6 ट्रिलियन डॉलर।
- स्विफ्ट (SWIFT) ढाँचे से जुड़े लेनदेन का प्रवाह लगभग 150 ट्रिलियन डॉलर आँका गया है।
- सभी स्टेबलकॉइन का कुल बाज़ार पूंजीकरण लगभग 312 अरब डॉलर; बीआईएस के अनुसार 98% (फ्रादकोव के अनुसार 99%) डॉलर से जुड़ा, सबसे लोकप्रिय यूएसडीटी।
- रूबल से जुड़ा ए7ए5 सबसे बड़ा गैर-डॉलर स्टेबलकॉइन, पूंजीकरण लगभग 57 करोड़ डॉलर; यूरो स्टेबलकॉइन 44 करोड़ डॉलर, ब्राज़ीली 5.2 करोड़ डॉलर।
- शुरुआत से अब तक ए7ए5 का कुल टर्नओवर लगभग 140 अरब डॉलर तक पहुँचा।
- रूसी केंद्रीय बैंक के अनुसार 2025 के अंत तक निर्यात आय में रूबल की हिस्सेदारी 53% से ऊपर और आयात भुगतान में लगभग 55% रहने की उम्मीद।
- ए7 ने परिचालन शुरू होने से अब तक 25.5 अरब रूबल कर चुकाया; इसका कमीशन 0.3% साथ में वैट।
समयरेखा
- 2022रूस पर लगे प्रतिबंध — फ्रादकोव के अनुसार वित्तीय प्रतिबंध सबसे कठोर साबित हुए और यही ए7 बनाने का 'ट्रिगर' बने।
- हाल के वर्षटेदर लिमिटेड द्वारा ईरान और रूस के धारकों की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियाँ ब्लॉक की गईं, कुछ मामलों में अमेरिकी प्रशासन के अनुरोध पर।
- हाल में (तारीख स्रोत में नहीं)नाइजीरिया में ए7 का कार्यालय औपचारिक रूप से खोला गया।
- हाल में (तारीख स्रोत में नहीं)रूसी स्टेट ड्यूमा ने 'डिजिटल करेंसी एंड डिजिटल राइट्स' कानून दूसरी और तीसरी रीडिंग में पारित किया।
- हाल का यूरोपीय संघ प्रतिबंध पैकेजरूसी क्रिप्टो सेवाओं पर क्षेत्रीय प्रतिबंध; फ्रादकोव का दावा कि इससे ए7 के कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ा।
- 2025 (अनुमान)स्टेबलकॉइन लेनदेन 33 ट्रिलियन डॉलर; रूबल की निर्यात आय में हिस्सेदारी 53% से अधिक अनुमानित।
- 2050 तक (पूर्वानुमान)अफ्रीका की आबादी 2.5 अरब तक बढ़ने का अनुमान; नाइजीरिया 15–20 वर्षों में 40 करोड़ तक।
किसका दाँव
- ए7 और पीएसबी (रूस) — सीमा-पार भुगतान का नया ढाँचा और ए7ए5 स्टेबलकॉइन; लक्ष्य बाज़ार का 10% हिस्सा, मुख्य चुनौती लिक्विडिटी तक पहुँच।
- अमेरिका और डॉलर आधारित वित्तीय ढाँचा — भुगतान नियंत्रण की 'सॉफ्ट पावर'; स्टेबलकॉइन का 99% डॉलर से जुड़ा होने से अमेरिकी ऋण बाज़ार पर निर्भरता बनी रहती है।
- टेदर लिमिटेड (यूएसडीटी जारीकर्ता) — ऑफशोर पंजीकृत निजी कंपनी, अमेरिकी ट्रेजरी की बड़ी धारक; जारी टोकन पर पूर्ण नियंत्रण और उन्हें ब्लॉक करने की क्षमता।
- वीजा और मास्टरकार्ड — पारंपरिक कार्ड नेटवर्क, जिनका 2025 का लेनदेन (16.7 और 10.6 ट्रिलियन डॉलर) स्टेबलकॉइन प्रवाह से कम बताया गया।
- ग्लोबल साउथ — अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, एशिया (नाइजीरिया, इंडोनेशिया, ब्राज़ील) — अपने भुगतान समाधान और राष्ट्रीय परिसंपत्तियों से जुड़े स्टेबलकॉइन; भुगतान अड़चन व्यापार की बाधा बन सकती है।
- यूरोपीय संघ — रूसी क्रिप्टो सेवाओं पर क्षेत्रीय प्रतिबंध और तीसरे देशों तक इसे बढ़ाने (द्वितीयक प्रतिबंध) की संभावना।
- चीन की सीआईपीएस प्रणाली — युआन आधारित प्रणाली; फ्रादकोव के अनुसार यह प्रतिस्पर्धी भी है और अवसरों के पारस्परिक उपयोग का साझेदार भी।
क्यों अहम है
भुगतान प्रणालियाँ अब केवल तकनीकी पाइपलाइन नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक दबाव का औज़ार बन गई हैं — डॉलर की 40–50% हिस्सेदारी और स्टेबलकॉइन का 99% डॉलर से जुड़ाव दिखाता है कि मुद्रा बदलने पर भी निर्भरता बनी रहती है। भारत जैसे व्यापार-निर्भर देशों के लिए यह प्रासंगिक है, क्योंकि प्रतिबंध, कंप्लायंस और लिक्विडिटी नियंत्रण किसी भी समय व्यापार प्रवाह रोक सकते हैं। साथ ही डिजिटल टोकन आधारित भुगतान के उभार से नियमन, कराधान और वित्तीय संप्रभुता के नए प्रश्न खड़े होते हैं।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- स्टेबलकॉइन: किसी मुद्रा या परिसंपत्ति से मूल्य जुड़ा क्रिप्टो टोकन; कुल पूंजीकरण लगभग 312 अरब डॉलर, ~99% डॉलर से जुड़ा (बीआईएस अनुमान 98%)।
- यूएसडीटी सबसे लोकप्रिय स्टेबलकॉइन, जारीकर्ता टेदर लिमिटेड — ऑफशोर पंजीकृत, अमेरिकी ट्रेजरी की बड़ी धारक।
- ए7ए5 — रूबल से जुड़ा स्टेबलकॉइन, सबसे बड़ा गैर-डॉलर स्टेबलकॉइन, पूंजीकरण ~57 करोड़ डॉलर, टर्नओवर ~140 अरब डॉलर।
- स्विफ्ट ढाँचे से जुड़े लेनदेन प्रवाह का अनुमान ~150 ट्रिलियन डॉलर; 2025 में स्टेबलकॉइन लेनदेन ~33 ट्रिलियन डॉलर (72% वार्षिक वृद्धि)।
- सीआईपीएस — चीन की युआन आधारित सीमा-पार भुगतान प्रणाली, स्रोत में उल्लिखित।
- रूस का 'डिजिटल करेंसी एंड डिजिटल राइट्स' कानून स्टेट ड्यूमा में दूसरी और तीसरी रीडिंग में पारित।
मेन्स दृष्टिकोण
वैश्विक भुगतान ढाँचे का विकेंद्रीकरण अब आर्थिक से अधिक रणनीतिक प्रश्न है। कारण स्पष्ट हैं: कुछ ही खिलाड़ियों का अल्पाधिकार (ऑलिगोपॉली), दिनों तक चलने वाले भुगतान और भारी कमीशन, तथा 2022 जैसे प्रतिबंधों का अनुभव, जिसमें वित्तीय पाबंदियाँ लॉजिस्टिक पाबंदियों से भी कठोर साबित हुईं। फ्रादकोव का तर्क है कि राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान (रूस में रूबल की निर्यात आय में 53%+ हिस्सेदारी) पर्याप्त नहीं, क्योंकि विदेशी कंप्लायंस और लिक्विडिटी समाधान नियंत्रण बनाए रखते हैं; डिजिटल विकल्प भी तटस्थ नहीं, क्योंकि स्टेबलकॉइन का ~99% डॉलर से जुड़ा है और टेदर जैसे जारीकर्ता टोकन ब्लॉक कर सकते हैं — यानी 'वही कंप्लायंस, नए तकनीकी आवरण में'। निहितार्थ दोहरे हैं: एक ओर ग्लोबल साउथ (नाइजीरिया, इंडोनेशिया, ब्राज़ील) में राष्ट्रीय व क्षेत्रीय प्रणालियों की प्रतिस्पर्धा से टिकाऊपन और लागत में कमी संभव है; दूसरी ओर द्वितीयक प्रतिबंधों, प्रतिबंध-चोरी के आरोपों और नियामकीय अंतराल का जोखिम है। आगे का रास्ता स्रोत में संकेतित दिशा में है — पारदर्शी कराधान व रिपोर्टिंग, केवाईसी, जोखिम प्रबंधन और डिजिटल मुद्रा पर स्पष्ट कानून, साथ में पारंपरिक बैंकिंग और डिजिटल समाधानों का मिश्रण, यह मानते हुए कि स्टेबलकॉइन स्वयं अस्थायी औज़ार हो सकते हैं।
मुख्य शब्द
- ए7 (A7)
- रूसी सीमा-पार भुगतान प्रणाली, जो पीएसबी के साथ नया भुगतान ढाँचा विकसित कर रही है; 0.3% कमीशन और वैट पर आधारित आय।
- ए7ए5 (A7A5)
- ए7 द्वारा जारी रूबल-समर्थित स्टेबलकॉइन; सबसे बड़ा गैर-डॉलर स्टेबलकॉइन, पूंजीकरण ~57 करोड़ डॉलर।
- स्टेबलकॉइन
- मुद्रा या परिसंपत्ति से मूल्य जुड़ा डिजिटल टोकन; उदाहरण यूएसडीटी (डॉलर), ए7ए5 (रूबल)।
- स्विफ्ट (SWIFT)
- अंतरराष्ट्रीय भुगतान संदेश ढाँचा, जिससे जुड़े लेनदेन प्रवाह का अनुमान लगभग 150 ट्रिलियन डॉलर है।
- सीआईपीएस (CIPS)
- चीन की युआन आधारित भुगतान प्रणाली, जिसे फ्रादकोव प्रतिस्पर्धी और सहयोगी दोनों बताते हैं।
- द्वितीयक प्रतिबंध
- तीसरे देशों की संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाना, जो प्रतिबंधित पक्षों से लेनदेन करती हैं; ईयू के नए पैकेज में इसकी संभावना।
अभ्यास प्रश्न
- वैश्विक भुगतान में डॉलर का प्रभुत्व किस प्रकार 'सॉफ्ट पावर' का साधन बनता है? स्टेबलकॉइन के उभार ने इस निर्भरता को घटाया है या नए रूप में बनाए रखा है? परीक्षण कीजिए।
- भुगतान अधोसंरचना का 'राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर-क्षेत्रीय' समाधानों में विखंडन वैश्विक वित्तीय स्थिरता और ग्लोबल साउथ के व्यापार के लिए क्या अवसर व जोखिम पैदा करता है?
- स्टेबलकॉइन आधारित सीमा-पार भुगतान के नियमन में मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं? रूस के 'डिजिटल करेंसी एंड डिजिटल राइट्स' कानून के अनुभव के आलोक में चर्चा कीजिए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।