नई ग्रामीण रोजगार योजना में अगस्त में 9% गिरावट

केंद्र की नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-ग्राम जी के तहत अगस्त में सृजित मानव दिवस अगस्त 2025 के 12.12 करोड़ से घटकर इस वर्ष 11.03 करोड़ रह गए, यानी 9.01% की गिरावट। जुलाई में 48.01% गिरावट दर्ज हुई थी। जुलाई-अगस्त में कुल मानव दिवस 29.78 करोड़ से 20.21 करोड़ रह गए, 32.13% कम। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि योजना का आकलन करना जल्दबाजी है; 60 दिन के कृषि विराम का भी असर रहा। अब तक 6,40,779 नए कार्ड जारी हुए।

स्रोत

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • Persondays fell from 12.12 crore in August 2025 to 11.03 crore in August 2026, a 9.01% decline. — Figures appear in source; no explicit data source named beyond the scheme's reporting.
  • July 2026 saw a 48.01% decline in persondays, from 17.65 crore in July 2025 to 9.18 crore. — Figures appear in source and are internally consistent with the cumulative July-August fall of 32.13% (29.78 crore to 20.21 crore).
  • Officials say it is too early to judge the new scheme and that a 60-day pause in agricultural activity contributed to the dip. — Attributed to unnamed senior officials in the Union Rural Development Ministry.
  • 6,40,779 new Gramin Rozgar Guarantee cards issued; e-KYC completed for 15.89 crore workers, including 10.27 crore of 10.84 crore active workers. — Figures appear in source, attributed to the Ministry; percentage stated as approximately 95%.
  • MGNREGA implementation in West Bengal was stalled in December 2021 and funds frozen on March 9, 2022. — Dates stated in source without direct attribution; flagged as a factor that could widen the reported gap.

विश्लेषकों की राय राय

AI राजनीतिक विश्लेषक

नई योजना केवल नाम बदलने का मामला नहीं है — ग्रामीण रोज़गार गारंटी वर्षों से केंद्र और राज्यों के बीच सत्ता-संघर्ष का मुद्दा रही है, इसलिए यह राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है। जुलाई में 48% गिरावट के बाद अगस्त में गिरावट 9% पर सिमटना सरकार के लिए राहत का संकेत है, लेकिन जुलाई-अगस्त की कुल 32% कमी विपक्ष के लिए तैयार हथियार है। कृषि विराम और संक्रमण-काल की दलील तकनीकी रूप से तर्कसंगत हो सकती है, पर ग्रामीण मतदाता के लिए कसौटी आँकड़े नहीं, काम मिला या नहीं — यही है।

  • लगातार दो महीने गिरावट के बावजूद अगस्त में गिरावट कम होने को सरकार 'योजना पटरी पर आ रही है' के आख्यान के रूप में पेश कर सकती है।
  • विपक्ष के हमले का केंद्र संभवतः कुल 32.13% की कमी रहेगी, जिसे ग्रामीण गरीबों के काम के अधिकार में कटौती के रूप में पेश किया जा सकता है।
  • खबर के मुताबिक 2025 में पश्चिम बंगाल में कोई श्रम-दिवस दर्ज नहीं हुए, यानी वास्तविक अंतर और बड़ा हो सकता है — यह केंद्र-बंगाल फंड विवाद को फिर राजनीतिक बहस में ले आता है।
  • राज्यों को अपनी चरम कृषि अवधि अधिसूचित करने की छूट — अभी तक केवल 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने किया — कमज़ोर आँकड़ों की ज़िम्मेदारी केंद्र और राज्यों के बीच एक-दूसरे पर डालने की गुंजाइश देती है।
  • 6,40,779 नए कार्ड और सक्रिय श्रमिकों में 95% ई-केवाईसी जैसे आँकड़े सरकार प्रशासनिक क्षमता के सबूत के तौर पर दिखा सकती है, लेकिन पंजीकरण बढ़ना काम बढ़ने के बराबर नहीं है।

किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि कृषि विराम खत्म होने के बाद सितंबर-अक्टूबर के श्रम-दिवस आँकड़ों में गिरावट पलटती है या नहीं, और संसद तथा राज्यों के मंचों पर विपक्ष इन आँकड़ों को कितनी तीव्रता से उठाता है।

यह खबर यह स्थापित नहीं करती कि गिरावट की वजह नीतिगत बदलाव, संक्रमण की दिक्कतें या फसल-चक्र है, और इसमें किसी दल की प्रतिक्रिया या ग्रामीण मतदाताओं की राय का कोई प्रमाण नहीं है।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 6 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह नई ग्रामीण रोजगार योजना 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-ग्राम जी लागू की है। यह योजना जुलाई 2026 से क्रियान्वित हुई और इसके पहले दो महीनों के आँकड़ों की तुलना मनरेगा के 2025 के आँकड़ों से की जा रही है। दूसरे महीने अगस्त में रोजगार सृजन में कुछ सुधार दिखा, लेकिन साल-दर-साल तुलना में गिरावट बनी रही। मंत्रालय का कहना है कि योजना के प्रदर्शन पर राय बनाना अभी जल्दबाजी होगी।

मुख्य तथ्य

  • अगस्त में सृजित मानव दिवस अगस्त 2025 के 12.12 करोड़ से घटकर 11.03 करोड़ रह गए — 9.01% की गिरावट।
  • पहले महीने जुलाई में मानव दिवस जुलाई 2025 के 17.65 करोड़ से घटकर जुलाई 2026 में 9.18 करोड़ रह गए — 48.01% की गिरावट।
  • जुलाई-अगस्त 2026 में कुल मानव दिवस 29.78 करोड़ से घटकर 20.21 करोड़ — 32.13% की कमी।
  • पश्चिम बंगाल में 2025 में कोई मानव दिवस सृजित नहीं हुआ, इसलिए वास्तविक अंतर और अधिक हो सकता है।
  • पश्चिम बंगाल में मनरेगा का क्रियान्वयन दिसंबर 2021 में रुका; केंद्र ने 9 मार्च 2022 को सभी वित्तीय हस्तांतरण औपचारिक रूप से रोक दिए।
  • अब तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 6,40,779 नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी हुए।
  • 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनी-अपनी कृषि चरम अवधि (peak agricultural period) अधिसूचित की है।
  • 15.89 करोड़ श्रमिकों की e-KYC पूरी; 10.84 करोड़ सक्रिय श्रमिकों में से 10.27 करोड़ यानी लगभग 95%।

समयरेखा

  1. दिसंबर 2021पश्चिम बंगाल में मनरेगा का क्रियान्वयन रुका।
  2. 9 मार्च 2022केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को मनरेगा के तहत सभी वित्तीय हस्तांतरण औपचारिक रूप से रोक दिए।
  3. जुलाई 2025 / अगस्त 2025मनरेगा के तहत क्रमशः 17.65 करोड़ और 12.12 करोड़ मानव दिवस सृजित।
  4. जुलाई 2026वीबी-ग्राम जी के क्रियान्वयन का पहला महीना; 9.18 करोड़ मानव दिवस, 48.01% गिरावट।
  5. अगस्त 2026दूसरे महीने में 11.03 करोड़ मानव दिवस; साल-दर-साल 9.01% गिरावट।
  6. 15 सितंबर 2026रिपोर्ट प्रकाशित; मंत्रालय ने कहा प्रदर्शन आँकना जल्दबाजी।

किसका दाँव

  • ग्रामीण गरीब श्रमिक — मानव दिवसों में गिरावट का सीधा अर्थ मजदूरी वाले काम के अवसरों में कमी।
  • केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय — नई योजना का क्रियान्वयन, e-KYC और श्रमिकों के प्रवासन (migration) की जिम्मेदारी।
  • राज्य सरकारें व केंद्रशासित प्रदेश — स्थानीय कृषि कैलेंडर के अनुसार चरम कृषि अवधि अधिसूचित करना और कार्ड जारी करना।
  • पश्चिम बंगाल — दिसंबर 2021 से मनरेगा रुका और मार्च 2022 से धनराशि जमी हुई; तुलनात्मक आँकड़ों पर असर।
  • मनरेगा जॉब कार्डधारक — सरकार के अनुसार पुराने जॉब कार्ड से भी काम मिलता रहेगा; e-KYC लंबित होने पर भी रोजगार माँगने का अधिकार बरकरार।

क्यों अहम है

ग्रामीण रोजगार गारंटी देश का सबसे बड़ा मजदूरी-रोजगार सुरक्षा जाल है, इसलिए नई योजना में संक्रमण के दौरान मानव दिवसों में गिरावट सीधे ग्रामीण गरीबों की आय को छूती है। जुलाई-अगस्त में 32.13% की संयुक्त कमी बताती है कि प्रशासनिक बदलाव, e-KYC और चरम कृषि अवधि के प्रावधान मिलकर काम की उपलब्धता को प्रभावित कर सकते हैं। यह आँकड़ा नई व्यवस्था की डिजाइन और क्रियान्वयन क्षमता की पहली कसौटी है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • वीबी-ग्राम जी का पूरा नाम: विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)।
  • अगस्त 2026 में मानव दिवस 11.03 करोड़, अगस्त 2025 में 12.12 करोड़ — 9.01% गिरावट।
  • जुलाई-अगस्त 2026 में संयुक्त गिरावट 32.13% (29.78 करोड़ से 20.21 करोड़)।
  • पश्चिम बंगाल को मनरेगा निधि 9 मार्च 2022 से रोकी गई; क्रियान्वयन दिसंबर 2021 से ठप।
  • अब तक 6,40,779 नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी; 16 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों ने चरम कृषि अवधि अधिसूचित की।
  • 10.84 करोड़ सक्रिय श्रमिकों में से 10.27 करोड़ (लगभग 95%) की e-KYC पूरी।

मेन्स दृष्टिकोण

मनरेगा से वीबी-ग्राम जी में संक्रमण के पहले दो महीनों के आँकड़े दिखाते हैं कि रोजगार सृजन साल-दर-साल घटा है — जुलाई में 48.01%, अगस्त में 9.01% और दोनों महीनों को मिलाकर 32.13%। सरकार इसके तीन कारण बताती है: योजना का प्रारंभिक चरण, नए अधिनियम के तहत 60 दिन की कृषि विराम अवधि, और e-KYC सहित प्रशासनिक पुनर्गठन; साथ ही यह भी कि सभी मनरेगा पंजीकृत श्रमिक स्वतः नई योजना में स्थानांतरित हो चुके हैं और लंबित e-KYC रोजगार माँगने में बाधा नहीं है। दूसरी ओर, तुलना का आधार भी अपूर्ण है क्योंकि 2025 में पश्चिम बंगाल में शून्य मानव दिवस थे, जिसका अर्थ है वास्तविक गिरावट और गहरी हो सकती है। चरम कृषि अवधि की लचीली अधिसूचना का तर्क यह है कि रोजगार कार्यक्रम खेती से प्रतिस्पर्धा न करे, बल्कि उसका पूरक बने — पर केवल 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की अधिसूचना असमान क्रियान्वयन की ओर संकेत करती है। आगे का रास्ता: मासिक आँकड़ों की पारदर्शी निगरानी, e-KYC को माँग-आधारित रोजगार की शर्त न बनने देना, नए कार्ड जारी करने की गति बढ़ाना, और कृषि विराम अवधि के दौरान वैकल्पिक आय सहारे पर स्पष्टता।

मुख्य शब्द

वीबी-ग्राम जी (VB-GRAM G)
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) — केंद्र की नई ग्रामीण रोजगार योजना।
मनरेगा
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत चलने वाला पूर्ववर्ती ग्रामीण मजदूरी-रोजगार कार्यक्रम।
मानव दिवस (persondays)
सृजित रोजगार की माप — एक श्रमिक द्वारा एक दिन किया गया कार्य; योजना के प्रदर्शन का मुख्य संकेतक।
ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड
नई योजना के तहत जारी कार्ड, जिस पर श्रमिक रोजगार की माँग कर सकता है; अब तक 6,40,779 जारी।
चरम कृषि अवधि
60 दिन की वह अवधि जो राज्य स्थानीय फसल चक्र के अनुसार अधिसूचित करते हैं, जिसमें योजना का कार्य रुकता है।
e-KYC
श्रमिकों का इलेक्ट्रॉनिक पहचान सत्यापन; मंत्रालय के अनुसार लंबित e-KYC रोजगार पाने में बाधा नहीं।

अभ्यास प्रश्न

  1. वीबी-ग्राम जी के पहले दो महीनों के आँकड़ों के आलोक में परखें कि मनरेगा से नई योजना में संक्रमण ग्रामीण मजदूरी-रोजगार की गारंटी को कैसे प्रभावित कर रहा है।
  2. 'चरम कृषि अवधि' के दौरान रोजगार कार्यक्रम रोकने का प्रावधान कृषि श्रम बाजार के लिए पूरक है या ग्रामीण गरीबों की आय सुरक्षा में छेद? चर्चा करें।
  3. रोजगार गारंटी कार्यक्रमों में e-KYC जैसी डिजिटल शर्तें समावेशन बढ़ाती हैं या बहिष्करण का जोखिम पैदा करती हैं? आँकड़ों के साथ मूल्यांकन करें।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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