गावस्कर ने बीसीसीआई से सीएसी का दायरा बढ़ाने को कहा
सुनील गावस्कर ने सुझाव दिया है कि बीसीसीआई अपनी क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का दायरा मुख्य कोच और चयनकर्ताओं के चुनाव से आगे बढ़ाकर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम तथा भारतीय क्रिकेट से जुड़े सभी मामलों तक करे। मिड-डे में लिखे कॉलम में उन्होंने सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग के नाम सुझाए, साथ ही महिला क्रिकेट के लिए भी ऐसी समिति की मांग की। 2022 में बनी सीएसी में अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षणा नाइक हैं; इसकी वर्तमान स्थिति अस्पष्ट है।
स्रोत
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- Gavaskar wants the CAC's mandate expanded to cover domestic and international scheduling and all matters of Indian cricket. — Directly quoted from Gavaskar's column in Mid-Day, as stated in the source.
- The current CAC, named in 2022, comprises Ashok Malhotra, Jatin Paranjape and Sulakshana Naik. — Figures and names appear in the source; no external document cited.
- It is unclear whether the CAC still exists or has been disbanded. — Presented by the source as uncertainty, with no source given.
- Gavaskar suggested Tendulkar, Dravid, Ganguly, Shastri, Kumble, Harbhajan and Sehwag as possible members. — Attributed to Gavaskar via direct quote in the source.
- East Zone, led by Ishan Kishan, won the Duleep Trophy final on a first-innings lead. — Stated in the source as context for Gavaskar's criticism; no scorecard detail given.
विश्लेषकों की राय राय
గవాస్కర్ సూచన కేవలం "పెద్ద పేర్లను కమిటీలో పెట్టండి" అనే ప్రతిపాదన కాదు — భారత క్రికెట్లో ఆట సంబంధిత నిర్ణయాలు తీసుకునే వ్యవస్థ సన్నబడిపోయిందన్న ఆవేదన అందులో ప్రధానం. దులీప్ ట్రోఫీ ఫైనల్లో తొలి ఇన్నింగ్స్ ఆధిక్యం ఆధారంగా టైటిల్ తేల్చే విధానంపై ఆయన అసంతృప్తి, ఇలాంటి దేశీయ నిబంధనలను సమీక్షించే క్రికెట్-కేంద్రిత వేదిక లేదన్న వాదనకు ఆధారంగా నిలుస్తోంది. కోచ్, సెలెక్టర్ల ఎంపికకే పరిమితమైన సీఏసీని షెడ్యూల్, ఫిక్స్చర్స్, ఎన్సీఏతో సమన్వయం వరకు విస్తరించాలన్నది ఆయన కోర్ పాయింట్.
- ప్రస్తుతం సీఏసీ పరిధి ఇరుకుగా ఉంది — కోచ్, సెలెక్టర్ల ఇంటర్వ్యూలు, ఎంపిక వరకే; క్యాలెండర్, దేశీయ ఫార్మాట్ నిబంధనలు దాని పరిధిలో లేవు.
- దులీప్ ట్రోఫీ ఫైనల్లో ఫలితం తేల్చే విధానంపై విమర్శ, దేశీయ క్రికెట్ నిబంధనలను ఆటగాళ్ల దృక్కోణం నుంచి సమీక్షించే యంత్రాంగం అవసరాన్ని ముందుకు తెస్తోంది.
- టెండూల్కర్, ద్రవిడ్, గంగూలీ, శాస్త్రి, కుంబ్లే, హర్భజన్, సెహ్వాగ్ లాంటి పేర్లు కమిటీకి బరువు తెచ్చే మాట నిజమే — కానీ ఈ స్థాయి ఆటగాళ్ల సమయ లభ్యత, ప్రయోజన వైరుధ్య నిబంధనలు ఆచరణలో పెద్ద అడ్డంకులు.
- మహిళల క్రికెట్కు ప్రత్యేక సలహా కమిటీ ప్రతిపాదన సాంకేతికంగా బలమైనది — ఆ విభాగం వేగంగా విస్తరిస్తున్న దశలో దానికే ప్రత్యేక షెడ్యూలింగ్, పైప్లైన్ దృష్టి అవసరం.
- 2022లో ఏర్పాటైన సీఏసీ ఇప్పుడు కొనసాగుతోందా లేదా అన్నదే అస్పష్టంగా ఉండటం, గవాస్కర్ చెప్పిన 'కమిటీల కొరత' వాదనకు బలం చేకూర్చే అంశం.
किस पर नज़र रखें — బీసీసీఐ నుంచి సీఏసీ స్థితిపై స్పష్టత వస్తుందా, దేశీయ ఫైనల్స్లో తొలి ఇన్నింగ్స్ ఆధిక్యం నిబంధనపై సమీక్ష జరుగుతుందా — ఈ రెండు సంకేతాలను గమనించాలి.
ఇది గవాస్కర్ కాలమ్లో వ్యక్తం చేసిన అభిప్రాయం మాత్రమే; బీసీసీఐ ఈ ప్రతిపాదనను పరిశీలిస్తోందని, ప్రస్తావించిన ఆటగాళ్లు అంగీకరించారని, లేదా సీఏసీ రద్దైందని ఈ కథనం ఏమీ నిర్ధారించలేదు.
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 4 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) परंपरागत रूप से मुख्य कोच और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं के चयन तथा इन पदों के लिए साक्षात्कार लेने तक सीमित रही है। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा है कि सीएसी का दायरा बढ़ाकर घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम (फिक्स्चर) और भारतीय क्रिकेट से जुड़े सभी मामलों तक किया जाए। यह सुझाव उनकी उस आलोचना के बाद आया है जिसमें उन्होंने दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के रवैये पर सवाल उठाया था, जहां ईशान किशन की टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब हासिल किया।
मुख्य तथ्य
- गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा कि बीसीसीआई में आज चयन समितियों और सीएसी के अलावा कोई समिति नहीं है।
- वर्तमान सीएसी की नियुक्तियां 2022 की हैं, जिसमें तीन सदस्य हैं — अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षणा नाइक।
- सीएसी की पारंपरिक जिम्मेदारी मुख्य कोच और राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का चयन तथा इन पदों के लिए साक्षात्कार लेना रही है।
- इस बात पर अनिश्चितता है कि सीएसी अपने वर्तमान स्वरूप में अब भी मौजूद है या भंग कर दी गई है।
- गावस्कर ने समिति के लिए सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग के नाम सुझाए।
- गावस्कर के मुताबिक समिति में बीसीसीआई अध्यक्ष और सचिव भी शामिल रहेंगे।
- उन्होंने कहा कि जब यह समिति कोच, कप्तान और एनसीए प्रमुख से संवाद करेगी तो उसका वजन 'बेहिसाब' (heft beyond measure) होगा।
- गावस्कर ने महिला क्रिकेट के लिए भी इसी तरह की सलाहकार समिति की मांग की; उन्होंने 1985 की चैम्पियनशिप जीत में भारत की कप्तानी की थी।
समयरेखा
- 1985गावस्कर की कप्तानी में भारत ने चैम्पियनशिप जीती (स्रोत में उल्लेख)।
- 2022अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षणा नाइक को तीन सदस्यीय सीएसी में नामित किया गया।
- दलीप ट्रॉफी फाइनल (तिथि स्रोत में नहीं)ईशान किशन की ईस्ट जोन टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब जीता; गावस्कर ने रवैये की आलोचना की।
- इसके बादगावस्कर ने मिड-डे कॉलम में सीएसी का दायरा बढ़ाने का सुझाव दिया।
किसका दाँव
- बीसीसीआई — सीएसी के स्वरूप, दायरे और समितियों की संख्या पर निर्णय लेने का अधिकार; प्रशासनिक जवाबदेही।
- क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) — इसका अस्तित्व और भूमिका अनिश्चित; प्रस्तावित विस्तार से जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
- अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे, सुलक्षणा नाइक — 2022 में नामित मौजूदा तीन सदस्य, जिनकी वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं।
- पूर्व दिग्गज खिलाड़ी (तेंदुलकर, द्रविड़, गांगुली, शास्त्री, कुंबले, हरभजन, सहवाग) — गावस्कर के सुझाव के अनुसार इनकी विशेषज्ञता समिति में उपयोग हो सकती है।
- भारतीय टीम का कोच, कप्तान और एनसीए प्रमुख — विस्तारित समिति से संवाद और उसके निर्णयों का असर उनके कामकाज पर।
- महिला क्रिकेट — गावस्कर ने समान सलाहकार ढांचे की मांग की, जिससे निर्णय-प्रक्रिया में अनुभव जुड़े।
- घरेलू क्रिकेट व दलीप ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट — पहली पारी की बढ़त वाला नियम कई सत्रों से आलोचना का विषय; फिक्स्चर तय करने का मुद्दा।
क्यों अहम है
भारतीय क्रिकेट में नीतिगत सलाह देने वाली संस्थागत व्यवस्था सिकुड़कर चयन समितियों और सीएसी तक सीमित रह गई है, और सीएसी का अस्तित्व ही अनिश्चित है। गावस्कर का सुझाव इस खालीपन को भरने और घरेलू नियमों तथा कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर अनुभवी आवाजों को औपचारिक भूमिका देने की मांग है। महिला क्रिकेट के लिए समान समिति का प्रस्ताव खेल-प्रशासन में समानता के सवाल को भी उठाता है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- सीएसी = क्रिकेट सलाहकार समिति, बीसीसीआई की समिति जो मुख्य कोच व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का चयन करती है।
- मौजूदा सीएसी सदस्य (2022 में नियुक्त): अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे, सुलक्षणा नाइक — तीन सदस्यीय पैनल।
- गावस्कर का सुझाव मिड-डे अखबार में उनके कॉलम में प्रकाशित हुआ।
- दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन (कप्तान ईशान किशन) ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब जीता।
- एनसीए (राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी) प्रमुख से संवाद को गावस्कर ने प्रस्तावित समिति की भूमिका बताया।
- गावस्कर ने 1985 की चैम्पियनशिप जीत में भारत की कप्तानी की थी।
मेन्स दृष्टिकोण
बीसीसीआई जैसे विशाल खेल संगठन में नीति-निर्माण की सलाहकार संरचना का सिमटना प्रशासनिक चिंता का विषय है — गावस्कर के अनुसार आज चयन समितियों और सीएसी के अलावा कोई समिति नहीं बची है, और सीएसी की मौजूदा स्थिति भी अस्पष्ट है। इसका परिणाम यह है कि घरेलू क्रिकेट के विवादित नियम (जैसे पहली पारी की बढ़त पर खिताब का फैसला, जिसे कई सत्रों से आलोचना मिल रही है) और घरेलू-अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे मुद्दे किसी विशेषज्ञ मंच की समीक्षा से बाहर रह जाते हैं। गावस्कर का प्रस्तावित रास्ता है — सीएसी का दायरा कोच व चयनकर्ता चुनने से आगे बढ़ाकर फिक्स्चर और भारतीय क्रिकेट के सभी पहलुओं तक करना, इसमें तेंदुलकर, द्रविड़, गांगुली, शास्त्री, कुंबले, हरभजन, सहवाग जैसे अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों तथा बोर्ड के अध्यक्ष व सचिव को शामिल करना, और कोच, कप्तान व एनसीए प्रमुख के साथ नियमित संवाद स्थापित करना। साथ ही महिला क्रिकेट के लिए समानांतर समिति का सुझाव संस्थागत ढांचे में समानता की दिशा में कदम है; स्रोत में यह नहीं बताया गया कि बीसीसीआई ने इस पर कोई निर्णय लिया है या नहीं।
मुख्य शब्द
- सीएसी (क्रिकेट सलाहकार समिति)
- बीसीसीआई की समिति, जिसका काम मुख्य कोच व राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का चयन और उनके साक्षात्कार लेना रहा है।
- बीसीसीआई
- भारतीय क्रिकेट का संचालन करने वाला बोर्ड, जिसके अध्यक्ष व सचिव प्रस्तावित समिति में शामिल रहेंगे।
- एनसीए
- राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी; स्रोत के अनुसार प्रस्तावित समिति इसके प्रमुख से भी संवाद करेगी।
- दलीप ट्रॉफी
- भारत का घरेलू ज़ोनल टूर्नामेंट, जिसके फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी की बढ़त पर खिताब जीता।
- पहली पारी की बढ़त वाला नियम
- ड्रॉ स्थिति में पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब देने का नियम, जिसकी गावस्कर पहले भी आलोचना कर चुके हैं।
- फिक्स्चर
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों का कार्यक्रम, जिसे गावस्कर सीएसी के दायरे में लाना चाहते हैं।
अभ्यास प्रश्न
- बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की मौजूदा भूमिका क्या है और सुनील गावस्कर इसके विस्तार की मांग क्यों कर रहे हैं? चर्चा करें।
- भारतीय खेल प्रशासन में पूर्व खिलाड़ियों को औपचारिक सलाहकार भूमिका देने के लाभ और संभावित चुनौतियों का परीक्षण कीजिए।
- घरेलू क्रिकेट में 'पहली पारी की बढ़त' के आधार पर खिताब निर्णय पर उठे विवाद के आलोक में घरेलू ढांचे के सुधार की आवश्यकता पर टिप्पणी कीजिए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।