बेटे की एक बात याद कर भावुक हुए राघुबीर यादव

'पंचायत' अभिनेता राघुबीर यादव ने सीएनएन न्यूज18 शोशा को दिए विशेष साक्षात्कार में परवरिश पर बात की। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले छोटी बात पर उन्होंने पहली बार बेटे को डांटा, जिसके बाद बेटे ने कहा, 'बाबा, मैं अपने बच्चों के साथ कभी ऐसा नहीं करूंगा जैसा आपने मेरे साथ किया।' यादव ने कहा कि इस बात से वे शर्म से डूब गए। उन्होंने बताया कि पिता से उन्हें बहुत मार पड़ी थी और उन्होंने वैसा न करने का फैसला किया था। हरीश व्यास निर्देशित उनकी फिल्म 'ओम का हरि' 18 सितंबर 2026 को रिलीज होगी।

स्रोत

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डेस्क ने क्या जाँचा (4)
  • Raghubir Yadav said his son told him, 'Baba, I will never treat my children the way you treated me.' — Direct quote attributed to Yadav in an exclusive interview with CNN News18 Showsha.
  • Yadav said he was beaten a lot by his father and decided not to repeat it with his children. — Personal recollection attributed to Yadav; not externally verifiable.
  • His film Om Ka Hari is directed by Harish Vyas and also stars Anshuman Jha, Soni Razdan, Ayesha Kapur and Samta Sudiksha. — Cast and director details appear in the source without separate attribution.
  • Om Ka Hari is scheduled to release in theatres on September 18, 2026. — Release date stated in the source; subject to change.

विश्लेषकों की राय राय

AI వినోద రంగ విశ్లేషకులు · తెలుగు

ఇది కేవలం ఒక నటుడి వ్యక్తిగత జ్ఞాపకం కాదు — విడుదలకు సిద్ధమవుతున్న 'ఓం కా హరి' కథాంశంతో నేరుగా కలిసిపోయే ప్రచార పరమైన బలమైన మాట. తండ్రి-కొడుకుల మధ్య పాతుకుపోయిన కోపం, చెప్పలేని ప్రేమ అనే సినిమా కేంద్ర భావాన్ని రఘుబీర్ యాదవ్ తన నిజ జీవిత అనుభవం ద్వారా ప్రేక్షకులకు ముందుగానే పరిచయం చేస్తున్నారు. 'పంచాయత్' ద్వారా OTT ప్రేక్షకుల్లో ఆయనకు దక్కిన విస్తృత గుర్తింపు నేపథ్యంలో, ఇలాంటి నిజాయితీగా వినిపించే మాటలు చిన్న బడ్జెట్ సినిమాకు అవసరమైన మౌఖిక ప్రచారాన్ని (word-of-mouth) సృష్టించే అవకాశం ఉంది.

  • 'పంచాయత్' తర్వాత రఘుబీర్ యాదవ్‌కు లభించిన కుటుంబ ప్రేక్షక ఆదరణ, పెంపకం లాంటి భావోద్వేగ అంశాలపై ఆయన మాటలకు ఎక్కువ చేరువను ఇస్తుంది.
  • సినిమా కథ (గుండెపోటు తర్వాత ఆరు రోజులే మిగిలాయని నమ్మే జ్యోతిష్కుడు, దూరమైన కొడుకుతో వారణాసి ప్రయాణం) నటుడి వ్యక్తిగత అనుభవంతో కలిసినప్పుడు, పాత్రపై విశ్వసనీయత పెరుగుతుంది.
  • అన్షుమాన్ ఝా, సోని రాజ్‌దాన్, ఆయేషా కపూర్, సమతా సుదీక్షా వంటి నటీనటుల కలయిక ఇది స్టార్-ఆధారిత కాకుండా కంటెంట్-ఆధారిత సినిమా అని సూచిస్తుంది.
  • 2026 సెప్టెంబర్ 18 థియేటర్ విడుదల అంటే ఇలాంటి చిన్న సినిమాకు ఓపెనింగ్ కంటే స్థిరమైన ప్రేక్షక మాట, ఫెస్టివల్/రివ్యూ మద్దతే ప్రధాన ఆధారం.
  • శిక్షించే పెంపకం నుంచి సున్నితమైన పెంపకం వైపు తరాల మార్పు గురించి మాట్లాడటం ప్రస్తుత ప్రేక్షక సంభాషణలతో కలిసిపోయే అంశం, అయితే ఇది ప్రచార వ్యూహమా, స్వచ్ఛంద ఆత్మావలోకనమా అనేది కథనం చెప్పలేదు.

किस पर नज़र रखें — విడుదలకు ముందు ట్రైలర్, పాటలు ఈ తండ్రి-కొడుకు భావోద్వేగాన్ని ఎంత బలంగా ముందుకు తెస్తాయి, ఆ ప్రచారం థియేటర్ ఆదరణగా మారుతుందా అనేది గమనించాల్సిన అంశం.

సినిమా బడ్జెట్, వ్యాపార అంచనాలు, రఘుబీర్ యాదవ్ కొడుకు వివరాలు లేదా ఆయన కుటుంబ స్పందన గురించి ఈ కథనం ఏమీ నిర్ధారించలేదు; ఇది ఒక ఇంటర్వ్యూలో ఆయన చెప్పిన మాటల ఆధారంగా మాత్రమే.

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 4 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

'पंचायत' वेब सीरीज से घर-घर पहचाने जाने वाले अभिनेता राघुबीर यादव ने सीएनएन न्यूज18 शोशा को दिए विशेष साक्षात्कार में परवरिश (पेरेंटिंग) पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वे उस पीढ़ी में बड़े हुए जहाँ माता-पिता अपना गुस्सा और कुंठा बच्चों पर निकालते थे, और उन्होंने तय किया था कि वे अपने बच्चों के साथ ऐसा नहीं करेंगे। हाल में एक छोटी बात पर बेटे को डांटने के बाद बेटे की एक टिप्पणी ने उन्हें अपनी परवरिश के तरीके पर फिर सोचने को मजबूर कर दिया। यही विषय संयोग से उनकी आने वाली फिल्म 'ओम का हरि' से भी जुड़ता है, जो पिता-पुत्र के तनावपूर्ण रिश्ते पर आधारित है।

मुख्य तथ्य

  • राघुबीर यादव ने सीएनएन न्यूज18 शोशा को दिए विशेष साक्षात्कार में परवरिश और अपने बचपन के अनुभवों पर बात की।
  • उन्होंने कहा कि पहले के दौर में पिता बाहर के झगड़े, काम न होने या पैसे न आने की खीज बच्चों पर निकालते थे।
  • कुछ दिन पहले उन्होंने पहली और एकमात्र बार बेटे को किसी छोटी बात पर डांटा, मारपीट का सवाल ही नहीं था।
  • बेटे ने कहा, 'बाबा, मैं अपने बच्चों के साथ कभी ऐसा नहीं करूंगा जैसा आपने मेरे साथ किया' — इस पर यादव 'शर्म से डूब' गए।
  • यादव ने बताया कि उन्हें अपने पिता से बहुत मार पड़ी थी, इसलिए बच्चों से उन्हें बहुत मोहब्बत है और वे उन्हें डांट नहीं पाते।
  • उनका मानना है कि आज के बच्चों को बहुत कुछ बहुत जल्दी मिल रहा है, जबकि उनकी पीढ़ी चीज़ों के लिए खोजती और इंतज़ार करती रहती थी।
  • आने वाली फिल्म 'ओम का हरि' में वे हरि प्रसाद नामक कस्बाई ज्योतिषी की भूमिका में हैं, जो हार्ट अटैक के बाद मानता है कि उसके पास छह दिन बचे हैं।
  • हरीश व्यास निर्देशित 'ओम का हरि' 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी; इसमें अंशुमन झा, सोनी राजदान, आयशा कपूर और समता सुदीक्षा भी हैं।

समयरेखा

  1. यादव का बचपन (वर्ष स्रोत में नहीं)पिता से बहुत मार पड़ी; तब तय किया कि अपने बच्चों के साथ वैसा व्यवहार नहीं करेंगे।
  2. साक्षात्कार से कुछ दिन पहलेछोटी बात पर बेटे को पहली बार डांटा; बेटे ने कहा कि वह अपने बच्चों के साथ ऐसा नहीं करेगा।
  3. 14 सितंबर 2026, 15:10 ISTसीएनएन न्यूज18 शोशा पर यह विशेष साक्षात्कार आधारित रिपोर्ट पहली बार प्रकाशित।
  4. 18 सितंबर 2026हरीश व्यास निर्देशित फिल्म 'ओम का हरि' सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

किसका दाँव

  • राघुबीर यादव — अभिनेता जिन्होंने बचपन की मार का चक्र न दोहराने का फैसला किया; बेटे की टिप्पणी से आत्ममंथन में पड़े।
  • यादव के बेटे/बच्चे — एक ऐसी परवरिश के प्राप्तकर्ता जिसमें मारपीट नहीं, पर एक बार की डांट भी उन्हें चुभी।
  • सीएनएन न्यूज18 शोशा — यह विशेष साक्षात्कार करने वाला मंच, जिसने बातचीत सार्वजनिक की।
  • 'ओम का हरि' की टीम — निर्देशक हरीश व्यास, अंशुमन झा, सोनी राजदान, आयशा कपूर, समता सुदीक्षा — 18 सितंबर 2026 को रिलीज हो रही फिल्म, जिसका विषय बिगड़े पिता-पुत्र रिश्ते हैं।
  • अभिभावक और बच्चे (आम समाज) — दंड-आधारित परवरिश से संवाद-आधारित परवरिश की ओर बदलाव की बहस से सीधे प्रभावित।

क्यों अहम है

एक लोकप्रिय अभिनेता का यह स्वीकार करना कि एक बार की डांट भी बच्चे पर छाप छोड़ सकती है, शारीरिक और भावनात्मक दंड को 'सामान्य' मानने वाली सोच पर सवाल उठाता है। यह किस्सा दिखाता है कि पीढ़ियों से चली आ रही परवरिश की आदतें सचेत कोशिश के बावजूद लौट सकती हैं। मनोरंजन जगत से आई यह निजी बात बाल अधिकारों और सकारात्मक परवरिश की व्यापक सार्वजनिक बहस को आम भाषा में पहुँचाती है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • राघुबीर यादव 'पंचायत' वेब सीरीज के अभिनेता हैं; साक्षात्कार सीएनएन न्यूज18 शोशा को दिया गया।
  • फिल्म 'ओम का हरि' के निर्देशक हरीश व्यास; रिलीज तिथि 18 सितंबर 2026।
  • 'ओम का हरि' की अन्य कास्ट: अंशुमन झा, सोनी राजदान, आयशा कपूर, समता सुदीक्षा।
  • फिल्म का कथानक: कस्बाई ज्योतिषी हरि प्रसाद, हार्ट अटैक के बाद छह दिन बचे मानकर बेटे ओम के साथ वाराणसी की यात्रा।
  • यादव के बेटे का कथन: 'बाबा, मैं अपने बच्चों के साथ कभी ऐसा नहीं करूंगा जैसा आपने मेरे साथ किया।'
  • रिपोर्ट का पहला प्रकाशन: 14 सितंबर 2026, 15:10 IST।

मेन्स दृष्टिकोण

राघुबीर यादव का यह साक्षात्कार परवरिश में पीढ़ीगत बदलाव का एक जीवंत केस स्टडी है: एक ऐसा दौर, जहाँ पिता की आर्थिक और सामाजिक कुंठाएँ बच्चों पर मार बनकर उतरती थीं, और आज का दौर, जहाँ मारपीट अकल्पनीय मानी जाती है और एक बार की डांट भी बच्चा 'अन्याय' के रूप में दर्ज कर लेता है। कारणों में आर्थिक दबाव, पितृसत्तात्मक अनुशासन-संस्कृति और भावनात्मक साक्षरता का अभाव रहे; बदलाव के कारक हैं छोटे परिवार, बच्चों तक सूचना और संसाधनों की तेज़ पहुँच (जैसा यादव कहते हैं—'बच्चों को बहुत कुछ बहुत जल्दी मिल रहा है') तथा बाल अधिकारों के प्रति बढ़ी संवेदनशीलता। निहितार्थ यह है कि केवल 'न मारने' का संकल्प पर्याप्त नहीं; अंतर-पीढ़ीगत आघात सूक्ष्म रूपों—स्वर, तुलना, अपेक्षा—में लौट सकता है। आगे का रास्ता स्रोत में नीतिगत रूप से नहीं बताया गया, पर यादव का उदाहरण संकेत देता है कि आत्म-निरीक्षण, बच्चे को स्पष्टीकरण देना और उसकी प्रतिक्रिया को गंभीरता से सुनना ही चक्र तोड़ने की व्यावहारिक शुरुआत है। लोकप्रिय संस्कृति—जैसे 'ओम का हरि' की पिता-पुत्र यात्रा—ऐसे संवाद को मुख्यधारा में लाने का माध्यम बन सकती है।

मुख्य शब्द

पंचायत
वेब सीरीज जिससे राघुबीर यादव को व्यापक लोकप्रियता मिली; स्रोत में उनकी पहचान इसी से दी गई है।
ओम का हरि
हरीश व्यास निर्देशित फिल्म, 18 सितंबर 2026 को रिलीज; पिता-पुत्र के बिगड़े रिश्ते पर केंद्रित।
हरि प्रसाद
फिल्म में यादव का किरदार—कस्बाई ज्योतिषी, जो हार्ट अटैक के बाद मानता है कि छह दिन बचे हैं।
सीएनएन न्यूज18 शोशा
मनोरंजन मंच जिसे यादव ने यह विशेष साक्षात्कार दिया।
अंतर-पीढ़ीगत परवरिश चक्र
माता-पिता के व्यवहार के पैटर्न का अगली पीढ़ी में दोहराव; यादव ने इसे तोड़ने का सचेत प्रयास बताया।

अभ्यास प्रश्न

  1. राघुबीर यादव के अनुभव के आलोक में समझाइए कि दंड-आधारित परवरिश से संवाद-आधारित परवरिश की ओर बदलाव के सामाजिक-आर्थिक कारण क्या रहे हैं।
  2. क्या लोकप्रिय सिनेमा और सेलिब्रिटी साक्षात्कार बाल अधिकारों तथा भावनात्मक स्वास्थ्य पर जनजागरण के प्रभावी माध्यम हैं? तर्कसहित उत्तर दें।
  3. 'अंतर-पीढ़ीगत आघात केवल हिंसा से नहीं, स्वर और अपेक्षा से भी हस्तांतरित होता है।' इस कथन का परीक्षण कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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