राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में तेलंगाना की रैंक में सुधार
एनसीईआरटी द्वारा कराए गए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024, जो पहले राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण था, में तेलंगाना की रैंक सुधरी है। राज्य कक्षा 3 और 6 में 26वें तथा कक्षा 9 में 17वें स्थान पर रहा, जबकि 2021 में कक्षा 3 में वह 36वें स्थान पर था। देश के 50 बेहतर प्रदर्शन वाले जिलों में जनगांव एकमात्र तेलंगाना जिला रहा, वहीं वनपर्ती, भद्राद्री कोठागुडेम और मुलुगु कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल रहे। सर्वेक्षण 4 दिसंबर 2024 को 33 जिलों के 3,342 स्कूलों में हुआ।
स्रोत
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- Telangana ranked 26th in grade 3 and grade 6 and 17th in grade 9, against 36th for grade 3 in 2021. — Figures appear in the source, attributed to the PARAKH Rashtriya Sarvekshan report.
- Jangaon was the only Telangana district among the 50 high performing districts; Wanaparthy, Bhadradri Kothagudem and Mulugu were among the 50 low performing districts. — Stated in the source as report findings; no separate documentation cited.
- Over 21 lakh students in 781 districts across 28 States and eight UTs were assessed; Telangana's assessment covered 3,342 schools in 33 districts on December 4, 2024. — Numbers and date appear in the source text as survey details.
- Telangana has exited the bottom-10 performing States for all classes, with a 10 percentage point improvement in class 3 language and mathematics. — Directly quoted from School Education director E. Naveen Nicholas's statement.
- Teacher promotions, transfers, capacity building, monitoring and Foundational Literacy and Numeracy work contributed to the improvement. — Attributed to unnamed School Education Department officials.
विश्लेषकों की राय राय
कक्षा 3 में 36वें से 26वें स्थान पर आना तेलंगाना के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक वास्तविक संकेत है, लेकिन यह सबसे निचले समूह से निकलकर बीच के समूह में पहुँचना है — मंज़िल नहीं। विभाग की अपनी व्याख्या — शिक्षकों की पदोन्नति और स्थानांतरण से उचित तैनाती, शिक्षक क्षमता निर्माण, कड़ी निगरानी और बुनियादी साक्षरता व संख्याज्ञान पहल — ध्यान खींचती है, क्योंकि ये नए खर्च की घोषणाएँ नहीं बल्कि प्रशासनिक सुधार हैं, और अधिगम परिणामों में सुधार आमतौर पर यहीं से आता है। ज़िलों की तस्वीर — देश के 50 सर्वश्रेष्ठ ज़िलों में केवल जनगామ और 50 कमज़ोर ज़िलों में तीन ज़िले — बताती है कि राज्य का औसत भीतर की बड़ी असमानता को ढक रहा है।
- सबसे बड़ी बढ़त बुनियादी स्तर पर है — कक्षा 3 की भाषा और गणित में 10 प्रतिशत अंकों का बताया गया सुधार — जहाँ उपचारात्मक नीति सबसे सस्ती होती है और उसका असर आगे तक बढ़ता है।
- सभी कक्षाओं में निचले-10 राज्यों के समूह से बाहर आना ज़मीनी स्तर उठाने का सार्थक परिणाम है, पर टॉप-10 में जगह न होना दिखाता है कि यह बराबरी की कोशिश है, नेतृत्व नहीं।
- कक्षा 3 के मुख्य विषयों में राज्य प्रबंधन वाले सरकारी स्कूलों का निजी और केंद्रीय स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन इस आम धारणा को चुनौती देता है कि सरकारी स्कूल ही कमज़ोर कड़ी हैं — हालाँकि खबर में छात्र संरचना या नमूने का ब्यौरा नहीं है।
- एक बेहतर और तीन कमज़ोर ज़िलों का यह अंतर भारत की जानी-पहचानी क्रियान्वयन समस्या दिखाता है: नीति पूरे राज्य में है, पर वितरण क्षमता नहीं — इसलिए अगला प्रयास एकरूप नहीं, ज़िला-केंद्रित होना चाहिए।
- तुलना स्वभाव से अपूर्ण है — 2021 में कक्षा 3, 5 और 8 का आकलन हुआ था, जबकि 2024 में कक्षा 3, 6 और 9 का, इसलिए इस रुझान को दिशा-संकेत मानना चाहिए, समान आधार पर अंकतालिका नहीं।
किस पर नज़र रखें — देखना यह है कि राज्य वनपर्తి, भद्राद्रि कोత్తगूడెం और मुलुगु के लिए ज़िला-आधारित अलग योजना बनाता है या नहीं, और कक्षा 3 की यह बढ़त तीन साल बाद अगले सर्वे में कक्षा 6 और 9 तक टिकती है या नहीं।
यह खबर वास्तविक अंक, शीर्ष राज्यों से दूरी, या इस बात का कोई कारण-प्रमाण स्थापित नहीं करती कि सुधार बताए गए प्रशासनिक कदमों से ही आया — न कि परीक्षा डिज़ाइन और नमूने में बदलाव जैसे अन्य कारणों से।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 3 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण (पूर्व नाम राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण/NAS) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा हर तीन वर्ष में कराया जाने वाला देशव्यापी सर्वेक्षण है, जो कक्षा 3 (आधारभूत), कक्षा 6 (प्रारंभिक) और कक्षा 9 (मध्य स्तर) के विद्यार्थियों की अधिगम दक्षताओं का आकलन करता है। 2024 के सर्वेक्षण के नतीजों में तेलंगाना ने 2021 की तुलना में सुधार दिखाया है और सभी कक्षाओं में निचले 10 राज्यों के समूह से बाहर निकल आया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने इस सुधार को शिक्षक तैनाती, क्षमता निर्माण और आधारभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान (FLN) कार्यक्रमों से जोड़ा है।
मुख्य तथ्य
- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में तेलंगाना कक्षा 3 और कक्षा 6 में औसतन 26वें स्थान पर तथा कक्षा 9 में 17वें स्थान पर रहा।
- 2021 के आकलन में तेलंगाना कक्षा 3 में 36वें स्थान पर था; तब सर्वेक्षण कक्षा 3, 5 और 8 के लिए हुआ था।
- देश के '50 उच्च प्रदर्शन वाले जिलों' में तेलंगाना का एकमात्र जिला जनगांव शामिल रहा (कक्षा 3, 6 और 9 के आकलन में)।
- वनपर्ती, भद्राद्री कोठागुडेम और मुलुगु 50 कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में रहे।
- सर्वेक्षण में देशभर के 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों के 781 जिलों में 21 लाख से अधिक विद्यार्थियों का आकलन किया गया।
- तेलंगाना में आकलन 4 दिसंबर 2024 को 33 जिलों के 3,342 स्कूलों में हुआ।
- स्कूल शिक्षा निदेशक ई. नवीन निकोलस के अनुसार कक्षा 3 के भाषा और गणित अंकों में स्पष्ट 10% अंकों का सुधार हुआ।
- कक्षा 3 के मुख्य विषयों में राज्य प्रबंधन वाले सरकारी स्कूलों ने निजी और केंद्र सरकार के स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन किया।
समयरेखा
- 2021पिछला राष्ट्रीय सर्वेक्षण कक्षा 3, 5 और 8 के लिए; तेलंगाना कक्षा 3 में 36वें स्थान पर।
- 4 दिसंबर 2024तेलंगाना में 33 जिलों के 3,342 स्कूलों में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण का आकलन।
- 9 जुलाई 2025सर्वेक्षण परिणामों पर आधारित रिपोर्ट प्रकाशित; तेलंगाना की रैंक में सुधार सामने आया।
किसका दाँव
- एनसीईआरटी — परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण कराने वाली संस्था, जो हर तीन वर्ष में अधिगम दक्षताओं का राष्ट्रीय आकलन करती है।
- तेलंगाना स्कूल शिक्षा विभाग — रैंक सुधार का श्रेय शिक्षक पदोन्नति, स्थानांतरण, क्षमता निर्माण और निगरानी को; आगे बढ़त बनाए रखने की जिम्मेदारी।
- ई. नवीन निकोलस, निदेशक, स्कूल शिक्षा — आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि राज्य सभी कक्षाओं में निचले 10 राज्यों के समूह से बाहर आ गया है।
- सरकारी स्कूल के विद्यार्थी और शिक्षक — कक्षा 3 में राज्य प्रबंधन वाले सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी व केंद्रीय स्कूलों से बेहतर रहा।
- जनगांव जिला — तेलंगाना का एकमात्र जिला जो देश के 50 उच्च प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल।
- वनपर्ती, भद्राद्री कोठागुडेम, मुलुगु जिले — 50 कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में शामिल; लक्षित शैक्षिक सहायता की आवश्यकता।
क्यों अहम है
राष्ट्रीय स्तर के आकलन राज्यों की स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता का तुलनात्मक आईना होते हैं और नीति व संसाधन आवंटन को दिशा देते हैं। तेलंगाना का निचले 10 राज्यों के समूह से बाहर आना और कक्षा 3 में भाषा व गणित में 10% अंकों का सुधार यह दर्शाता है कि शिक्षक तैनाती तथा आधारभूत साक्षरता-संख्या ज्ञान पर केंद्रित हस्तक्षेप परिणाम दे सकते हैं। साथ ही चार जिलों का असमान प्रदर्शन बताता है कि राज्य के भीतर अधिगम अंतर बना हुआ है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण = पूर्व राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS); संचालन एनसीईआरटी द्वारा, हर तीन वर्ष में।
- 2024 सर्वेक्षण में आकलित कक्षाएँ: 3 (आधारभूत), 6 (प्रारंभिक), 9 (मध्य स्तर); 2021 में कक्षा 3, 5, 8।
- 2024 सर्वेक्षण का दायरा: 28 राज्य व 8 केंद्रशासित प्रदेश, 781 जिले, 21 लाख से अधिक विद्यार्थी।
- तेलंगाना: कक्षा 3 व 6 में 26वीं रैंक, कक्षा 9 में 17वीं; 2021 में कक्षा 3 में 36वीं।
- तेलंगाना में आकलन तिथि 4 दिसंबर 2024; 33 जिलों के 3,342 स्कूल।
- जनगांव — तेलंगाना का एकमात्र जिला 50 उच्च प्रदर्शन वाले जिलों में।
मेन्स दृष्टिकोण
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के परिणाम अधिगम-परिणाम आधारित शिक्षा मूल्यांकन के महत्व को रेखांकित करते हैं। तेलंगाना का कक्षा 3 में 36वें से 26वें स्थान पर आना और कक्षा 9 में 17वें स्थान पर रहना दिखाता है कि प्रशासनिक निर्णय — शिक्षकों की पदोन्नति व स्थानांतरण से उपयुक्त तैनाती, शिक्षक क्षमता निर्माण, नज़दीकी निगरानी तथा जिलों में आधारभूत साक्षरता व संख्या ज्ञान (FLN) और शैक्षणिक सहायता पहलों का क्रियान्वयन — मापनीय सुधार ला सकते हैं। उल्लेखनीय है कि कक्षा 3 के मुख्य विषयों में राज्य प्रबंधन वाले सरकारी स्कूलों ने निजी और केंद्र सरकार के स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन किया, जो सार्वजनिक स्कूल प्रणाली में निवेश के पक्ष में तर्क देता है। चुनौती दोहरी है: राज्य अब भी शीर्ष-10 में नहीं है, और वनपर्ती, भद्राद्री कोठागुडेम व मुलुगु जैसे जिले देश के 50 कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में हैं, जबकि जनगांव उच्च प्रदर्शन वालों में — यानी अंतर-जिला असमानता बरकरार है। आगे का रास्ता, स्रोत के अनुसार, बढ़त को टिकाऊ बनाने के लिए निरंतर प्रयास तथा बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को और मजबूत करना है, विशेषकर कक्षा 6 स्तर पर जहाँ शैक्षणिक पुनर्प्राप्ति के संकेत दिखे हैं।
मुख्य शब्द
- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण
- एनसीईआरटी द्वारा हर तीन वर्ष में कराया जाने वाला राष्ट्रीय अधिगम आकलन सर्वेक्षण; पहले इसे राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (NAS) कहा जाता था।
- एनसीईआरटी
- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, जो यह राष्ट्रीय सर्वेक्षण संचालित करती है।
- आधारभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN)
- प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणित की दक्षता पर केंद्रित पहल, जिसे जिलों में लागू किया गया।
- आधारभूत, प्रारंभिक व मध्य स्तर
- सर्वेक्षण में आकलित तीन चरण — क्रमशः कक्षा 3, कक्षा 6 और कक्षा 9।
- उच्च/कमजोर प्रदर्शन वाले 50 जिले
- सर्वेक्षण में देशभर के जिलों की सूची जिसमें सर्वश्रेष्ठ और सबसे कमजोर 50 जिले चिह्नित किए गए।
अभ्यास प्रश्न
- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण जैसे राष्ट्रीय अधिगम आकलन राज्यों की शिक्षा नीति को कैसे प्रभावित करते हैं? तेलंगाना के 2024 परिणामों के आलोक में चर्चा करें।
- तेलंगाना में कक्षा 3 के मुख्य विषयों में सरकारी स्कूलों का निजी स्कूलों से बेहतर प्रदर्शन किन कारकों से जुड़ा बताया गया है? परीक्षण कीजिए।
- एक ही राज्य के भीतर जनगांव के उच्च और मुलुगु जैसे जिलों के कमजोर प्रदर्शन के अंतर को कम करने के लिए क्या उपाय आवश्यक हैं?
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
