कांग्रेस गठबंधन पर सेल्वपेरुंथगई और प्रवीण चक्रवर्ती में तीखी नोकझोंक
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस को उसी दल से गठबंधन करना चाहिए जो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार करे, अन्यथा टीवीके नीत गठबंधन में बने रहने का कारण क्या है। कांग्रेस राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती ने पलटवार करते हुए पूछा कि वह आज कौन हैं, और कहा कि गठबंधन मजबूत है, कोई समस्या नहीं। बाद में सेल्वपेरुंथगई ने उन पर "कुलीन मानसिकता" दिखाने का आरोप लगाया।
स्रोत
The Hindu — National · मूल ख़बर पढ़ें ↗
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- Selvaperunthagai said alliance partners should accept Rahul Gandhi as the PM candidate, else questioned staying in the TVK-led alliance. — Direct quote attributed to the former TNCC president at a Wednesday press meet.
- Praveen Chakravarty asked 'Who is he today? He could have been anyone in the past.' — Quote attributed to the Congress Rajya Sabha member speaking to reporters at the airport.
- Chakravarty said the alliance is strong and cited a recent meeting on naming the TVK-led alliance attended by the Chief Minister. — Attributed quote; the meeting is not independently corroborated in the source.
- Selvaperunthagai accused Chakravarty of an 'elitist mindset' in an evening statement. — Attributed to a written statement quoted in the source.
- Selvaperunthagai claimed remarks critical of PM Modi, Amit Shah and the BJP are being removed from Assembly records. — Allegation made by him in the form of a question to the Chief Minister; no supporting evidence or official response in the source.
विश्लेषकों की राय राय
ऊपर से यह दो नेताओं की आपसी तकरार लगती है, लेकिन असली सवाल यह है कि तमिलनाडु में कांग्रेस की मोलभाव की ताकत कितनी है। टीवीके की अगुवाई वाले गठबंधन में छोटे साझेदार की भूमिका में रहते हुए राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार मानने की मांग उठाकर सेल्वपेरुंथगई कार्यकर्ताओं की भावना और पार्टी के स्वाभिमान को आगे रख रहे हैं; प्रवीण चक्रवर्ती का जवाब गठबंधन की स्थिरता बचाने वाली आधिकारिक लाइन दिखाता है। "आज वे कौन हैं" वाला तंज और "कुलीन मानसिकता" वाला पलटवार — दोनों मिलकर राज्य के जमीनी नेताओं बनाम दिल्ली-केंद्रित नेतृत्व के पुराने टकराव को उजागर करते हैं।
- मांग एक ऐसे पूर्व टीपीसीसी अध्यक्ष से आई है जो अब पद पर नहीं हैं, इसलिए नेतृत्व इसे आधिकारिक पार्टी रुख न मानकर खारिज कर सकता है — पर यह कार्यकर्ताओं के एक हिस्से की भावना का संकेत है।
- सीट बंटवारे की बातचीत से पहले सार्वजनिक रूप से बड़ी मांग रखना कमजोर साझेदार की मोलभाव की कीमत बढ़ाने की जानी-पहचानी रणनीति है।
- चक्रवर्ती का यह कहना कि गठबंधन मजबूत है और कोई दिक्कत नहीं, बड़े साझेदार से रिश्ते न बिगड़ने देने की सोची-समझी सावधानी दिखाता है।
- "कुलीन मानसिकता" का आरोप राजनीतिक रूप से तीखा है, क्योंकि यह कांग्रेस के भीतर मनोनीत नेताओं बनाम जमीनी कार्यकर्ताओं के विभाजन को छूता है।
- विधानसभा रिकॉर्ड से मोदी, अमित शाह और भाजपा पर की गई आलोचनात्मक टिप्पणियां हटाए जाने का सवाल उठाना बड़े साझेदार की भाजपा-विरोधी दृढ़ता पर संदेह खड़ा करने की कोशिश है।
किस पर नज़र रखें — देखना होगा कि कांग्रेस का केंद्रीय या राज्य नेतृत्व इन बयानों पर औपचारिक रूप से क्या कहता है और टीवीके की प्रतिक्रिया क्या रहती है — तथा सीट बंटवारे की बातचीत शुरू होने पर ये स्वर तेज होते हैं या थमते हैं।
यह खबर यह स्थापित नहीं करती कि कांग्रेस आलाकमान सेल्वपेरुंथगई के रुख के साथ है, गठबंधन में वास्तव में कोई दरार है, या टीवीके इस मुद्दे को कैसे देखती है।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 4 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
तमिलनाडु में कांग्रेस और टीवीके (तमिलगा वेट्री कषगम) नीत गठबंधन के भीतर सार्वजनिक मतभेद सामने आया है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने कहा कि कांग्रेस को उसी दल के साथ गठबंधन में रहना चाहिए जो राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार करे। स्रोत के अनुसार सी. जोसेफ विजय मुख्यमंत्री हैं और वे टीवीके नीत गठबंधन के मुखिया हैं। कांग्रेस राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती ने इन टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन मजबूत है।
मुख्य तथ्य
- तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने बुधवार को प्रेस मीट में कहा कि गठबंधन सहयोगियों को राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार करना चाहिए।
- सेल्वपेरुंथगई ने पूछा — "यदि वे स्वीकार नहीं करते, तो हम [टीवीके नीत] गठबंधन में क्यों रहें?"
- कांग्रेस राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, "आज वह कौन हैं? वह अतीत में कोई भी रहे हो सकते हैं।"
- चक्रवर्ती ने कहा कि टीवीके नीत गठबंधन के नाम पर निर्णय की बैठक में, जिसमें वे शामिल थे, सभी हंस-बोल रहे थे और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी मौजूद थे।
- चक्रवर्ती के अनुसार "गठबंधन मजबूत है, कोई समस्या नहीं है" और कोई भ्रम नहीं है।
- उसी शाम सेल्वपेरुंथगई ने बयान जारी कर चक्रवर्ती पर "कुलीन मानसिकता" (elitist mindset) दिखाने का आरोप लगाया।
- सेल्वपेरुंथगई ने कहा कि मुख्यमंत्री एक बार खुले तौर पर कह सकते हैं कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।
- सेल्वपेरुंथगई ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री से पूछा जाए कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और भाजपा की आलोचना वाली टिप्पणियां विधानसभा के रिकॉर्ड से क्यों हटाई जा रही हैं।
समयरेखा
- बुधवार (प्रेस मीट)के. सेल्वपेरुंथगई ने कहा कि गठबंधन सहयोगी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार करें, वरना टीवीके नीत गठबंधन में रहने का कारण क्या।
- उसी दिन, हवाई अड्डे परप्रवीण चक्रवर्ती ने पलटवार किया — "आज वह कौन हैं?" — और कहा गठबंधन मजबूत है, कोई समस्या नहीं।
- उसी दिन शामसेल्वपेरुंथगई ने बयान जारी कर चक्रवर्ती पर "कुलीन मानसिकता" का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से स्पष्ट घोषणा की मांग की।
- 17 सितंबर 2026, 02:16 पूर्वाह्न ISTसमाचार रिपोर्ट प्रकाशित।
किसका दाँव
- के. सेल्वपेरुंथगई — तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष; गठबंधन की शर्त के रूप में राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार स्वीकार कराने की मांग कर रहे हैं।
- प्रवीण चक्रवर्ती — कांग्रेस राज्यसभा सदस्य; गठबंधन को मजबूत बताकर पार्टी की आधिकारिक स्थिति का बचाव कर रहे हैं।
- कांग्रेस पार्टी — तमिलनाडु में गठबंधन में अपनी सौदेबाजी की ताकत और राहुल गांधी के नेतृत्व के दावे को लेकर आंतरिक असहमति उजागर।
- टीवीके और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय — गठबंधन के मुखिया; उन पर राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार घोषित करने का दबाव डाला जा रहा है।
- राहुल गांधी — कांग्रेस नेता, जिनकी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी विवाद का केंद्रीय मुद्दा है।
- तमिलनाडु विधानसभा — सेल्वपेरुंथगई का आरोप कि मोदी, अमित शाह और भाजपा की आलोचना वाली टिप्पणियां रिकॉर्ड से हटाई जा रही हैं।
क्यों अहम है
गठबंधन राजनीति में नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर सार्वजनिक असहमति सहयोगियों के बीच भरोसे और सीट-साझेदारी की सौदेबाजी को प्रभावित करती है। यह विवाद दिखाता है कि क्षेत्रीय दल नीत गठबंधन में राष्ट्रीय पार्टी के नेतृत्व-दावे को कैसे संभाला जाए, यह अनसुलझा प्रश्न है। विधानसभा रिकॉर्ड से आलोचनात्मक टिप्पणियां हटाने का आरोप विधायी पारदर्शिता का प्रश्न भी उठाता है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- के. सेल्वपेरुंथगई — तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष।
- प्रवीण चक्रवर्ती — कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य।
- टीवीके नीत गठबंधन में कांग्रेस शामिल; स्रोत के अनुसार सी. जोसेफ विजय मुख्यमंत्री हैं।
- विवाद का मुद्दा: राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार स्वीकार करना।
- सेल्वपेरुंथगई का आरोप: चक्रवर्ती की "कुलीन मानसिकता"।
- रिपोर्ट प्रकाशन तिथि: 17 सितंबर 2026।
मेन्स दृष्टिकोण
तमिलनाडु में टीवीके नीत गठबंधन के भीतर कांग्रेस के दो नेताओं — पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई और राज्यसभा सदस्य प्रवीण चक्रवर्ती — के बीच सार्वजनिक टकराव भारतीय गठबंधन राजनीति की एक स्थायी दुविधा को सामने रखता है: क्षेत्रीय दल के नेतृत्व वाले गठबंधन में राष्ट्रीय पार्टी अपने नेता के प्रधानमंत्री पद के दावे को कैसे स्थापित करे। सेल्वपेरुंथगई का तर्क शर्त-आधारित है — सहयोगी राहुल गांधी को पीएम उम्मीदवार स्वीकार करें, अन्यथा गठबंधन में रहने का औचित्य नहीं; चक्रवर्ती का तर्क व्यवहारिक है — गठबंधन के नाम पर हुई बैठक में सौहार्द था, गठबंधन मजबूत है, कोई भ्रम नहीं। इसके निहितार्थ तीन हैं: पार्टी के भीतर अनुशासन और एक स्वर में बोलने की चुनौती; सहयोगी दल के साथ सौदेबाजी की ताकत का सार्वजनिक प्रदर्शन जो नुकसानदेह भी हो सकता है; और सेल्वपेरुंथगई द्वारा उठाया गया यह प्रश्न कि विधानसभा रिकॉर्ड से प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और भाजपा की आलोचना वाली टिप्पणियां क्यों हटाई जा रही हैं, जो विधायी पारदर्शिता से जुड़ा है। आगे का रास्ता स्रोत में नहीं बताया गया है; सामान्यतः ऐसे मतभेद आंतरिक मंचों और गठबंधन समन्वय बैठकों के जरिये सुलझाए जाते हैं, न कि प्रेस के माध्यम से।
मुख्य शब्द
- टीवीके नीत गठबंधन
- टीवीके के नेतृत्व वाला चुनावी गठबंधन जिसमें कांग्रेस शामिल है; स्रोत में इसके नाम पर निर्णय हेतु बैठक का उल्लेख।
- तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC)
- कांग्रेस की तमिलनाडु प्रदेश इकाई; सेल्वपेरुंथगई इसके पूर्व अध्यक्ष हैं।
- प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार
- गठबंधन द्वारा प्रधानमंत्री के लिए घोषित नेता; यहां कांग्रेस की मांग राहुल गांधी के लिए है।
- "कुलीन मानसिकता" (elitist mindset)
- सेल्वपेरुंथगई द्वारा प्रवीण चक्रवर्ती की टिप्पणियों पर लगाया गया आरोप।
- विधानसभा रिकॉर्ड से टिप्पणियां हटाना
- सदन की कार्यवाही के अभिलेख से कुछ कथन निकालना; सेल्वपेरुंथगई ने इस पर मुख्यमंत्री से सवाल उठाया।
अभ्यास प्रश्न
- क्षेत्रीय दल के नेतृत्व वाले गठबंधन में राष्ट्रीय पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावे को लेकर उत्पन्न तनाव का विश्लेषण कीजिए। तमिलनाडु के हाल के उदाहरण से समझाइए।
- गठबंधन धर्म और पार्टी अनुशासन के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए? सार्वजनिक बयानबाजी से गठबंधन की सौदेबाजी पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा कीजिए।
- विधानसभा की कार्यवाही के अभिलेख से टिप्पणियां हटाने की प्रक्रिया विधायी पारदर्शिता के लिए क्या प्रश्न खड़े करती है?
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
