9/11 के बाद कानून ने अमेरिकी राष्ट्रपति के युद्ध अधिकार बढ़ाए: विश्लेषण
फॉरेन पॉलिसी के विश्लेषण के अनुसार, 9/11 हमलों के कुछ दिन बाद दोनों दलों के समर्थन से पारित सैन्य बल प्रयोग प्राधिकरण (AUMF) ने राष्ट्रपति के युद्ध अधिकारों का विस्तार किया। सीनेट ने 14 सितंबर को इसे 98-0 से मंजूरी दी; प्रतिनिधि सभा में कैलिफोर्निया की डेमोक्रेट बारबरा ली ने अकेले विरोध में मत दिया और दस सदस्य मतदान से दूर रहे। राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 18 सितंबर को हस्ताक्षर किए। कांग्रेस ने इसे कभी रद्द नहीं किया; ओबामा, ट्रंप और बाइडेन ने भी इसका सहारा लिया।
स्रोत
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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- The Senate passed the AUMF 98-0 on Sept. 14, 2001, with Barbara Lee the sole dissenting vote in the House and 10 representatives abstaining. — Figures and names appear in the source; no external verification possible.
- Bush signed the AUMF into law on Sept. 18, 2001. — Date stated in source text.
- The AUMF authorised force against those who 'planned, authorized, committed, or aided' the attacks and countries harbouring terrorists. — Quoted statutory language given in source.
- Obama, Trump and Biden all relied on the 2001 AUMF for military operations, and Congress never repealed it. — Attributed to the author's analysis; no independent sourcing cited.
- Trump unilaterally committed the US to a months-long operation involving Iran that destabilised the Middle East. — Author's characterisation, presented without specific sourcing; treat as commentary.
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 10 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
11 सितंबर 2001 के अल-कायदा हमलों के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी कांग्रेस ने दोनों दलों के समर्थन से "सैन्य बल प्रयोग प्राधिकरण" (AUMF) पारित किया, जिसने राष्ट्रपति को कांग्रेस की अतिरिक्त मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई का व्यापक अधिकार दे दिया। फॉरेन पॉलिसी के विश्लेषण का तर्क है कि "साम्राज्यवादी राष्ट्रपति पद" स्वतः नहीं बना, बल्कि कांग्रेस ने कदम-दर-कदम अपने अधिकार सौंपे। अमेरिकी कांग्रेस ने 1942 के बाद औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा नहीं की, फिर भी राष्ट्रपति संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों, कांग्रेस के प्राधिकरणों या कार्यकारी शक्ति के आधार पर विदेशों में सेना भेजते रहे हैं। AUMF आज तक रद्द नहीं हुआ और चार राष्ट्रपतियों ने इसका सहारा लिया है।
मुख्य तथ्य
- सीनेट ने 14 सितंबर को AUMF को 98-0 के मत से पारित किया; उसी दिन बुश ने ग्राउंड ज़ीरो का ऐतिहासिक दौरा किया।
- प्रतिनिधि सभा में एकमात्र विरोधी मत कैलिफोर्निया की डेमोक्रेट बारबरा ली का था; दस अन्य सदस्य मतदान से दूर रहे।
- राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने 18 सितंबर को इस विधेयक पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बनाया।
- अंतिम कानून ने उन लोगों के विरुद्ध बल प्रयोग की अनुमति दी जिन्होंने हमलों की "योजना बनाई, अधिकृत किया, अंजाम दिया या मदद की", तथा आतंकियों को शरण देने वाले देशों के विरुद्ध भी।
- कानून में यह निर्दिष्ट नहीं था कि बल किसके विरुद्ध, कहाँ प्रयोग हो और प्राधिकरण कब समाप्त होगा।
- AUMF का पहला बड़ा प्रयोग अक्टूबर 2001 में अफगानिस्तान पर बमबारी और तालिबान शासन को गिराने के लिए हुआ।
- बुश प्रशासन ने AUMF के आधार पर ग्वांतानामो बे में बंदी, सैन्य आयोग और NSA के व्यापक निगरानी कार्यक्रम उचित ठहराए।
- ओबामा ने यमन और सोमालिया में ड्रोन हमलों तथा 2014 में इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध कार्रवाई हेतु इसी कानून का सहारा लिया; ट्रंप और बाइडेन ने भी।
समयरेखा
- 1942अमेरिकी कांग्रेस द्वारा अंतिम बार औपचारिक युद्ध घोषणा।
- 1964गल्फ ऑफ टोंकिन प्रस्ताव — राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन को वियतनाम में बल प्रयोग का अधिकार।
- 1973युद्ध शक्ति प्रस्ताव (War Powers Resolution) — वियतनाम के बाद राष्ट्रपति की सैन्य शक्ति सीमित करने का प्रयास।
- 1993वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बम विस्फोट, जिसे क्लिंटन प्रशासन ने मुख्यतः घरेलू कानून-प्रवर्तन व आपराधिक न्याय के जरिए निपटाया।
- 11 सितंबर 2001अल-कायदा के हमले; वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन के हिस्से नष्ट।
- 14 सितंबर 2001सीनेट ने AUMF 98-0 से पारित किया; सदन में बारबरा ली का एकमात्र विरोधी मत।
- 18 सितंबर 2001बुश ने AUMF पर हस्ताक्षर किए; ऑफिस ऑफ लीगल काउंसल के जॉन यू का मेमो पूर्व-आघात हमलों की शक्ति का दावा।
- अक्टूबर 2001अफगानिस्तान पर बमबारी शुरू — AUMF का पहला बड़ा प्रयोग।
- 2014ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के विरुद्ध कार्रवाई के लिए AUMF का हवाला दिया।
- 2026स्रोत के अनुसार अब भी राष्ट्रपति 9/11 से पूर्व की तुलना में कहीं व्यापक सैन्य शक्तियाँ रखते हैं।
किसका दाँव
- अमेरिकी राष्ट्रपति (बुश, ओबामा, ट्रंप, बाइडेन) — कांग्रेस की नई मंजूरी के बिना विदेशों में सैन्य कार्रवाई और आतंकवाद-निरोधी अभियानों का व्यापक अधिकार।
- अमेरिकी कांग्रेस — युद्ध घोषित करने का संवैधानिक अधिकार; AUMF रद्द या सुधार न करने से यह शक्ति क्षीण हुई।
- बारबरा ली (डेमोक्रेट, कैलिफोर्निया) — सदन में एकमात्र विरोधी मत; चेताया कि यह भविष्य के राष्ट्रपतियों के लिए खतरनाक पूर्वोदाहरण बनेगा।
- जॉन मैककेन व जॉन केरी — कानून की भाषा को कुछ संकुचित करने में भूमिका; मैककेन को गल्फ ऑफ टोंकिन के उदाहरण के कारण चिंता बनी रही।
- आतंकवाद के संदिग्ध बंदी — ग्वांतानामो बे में बंदी और सैन्य आयोगों के जरिए मुकदमे; हेबियस कॉर्पस जैसी संवैधानिक सुरक्षा से वंचना का तर्क।
- अमेरिकी नागरिक/नागरिक स्वतंत्रताएँ — NSA के व्यापक निगरानी कार्यक्रम और सुरक्षा के नाम पर संवैधानिक सुरक्षा-कवचों का क्षरण।
- अफगानिस्तान, इराक, यमन, सोमालिया, ईरान — AUMF या उससे जुड़े तर्कों के आधार पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लक्ष्य बने क्षेत्र।
क्यों अहम है
AUMF दिखाता है कि संकट के क्षणों में विधायिका द्वारा दी गई व्यापक, समय-सीमा रहित शक्ति दशकों तक स्थायी युद्ध-स्थिति में बदल सकती है और शक्ति-संतुलन को स्थायी रूप से बिगाड़ सकती है। स्रोत के अनुसार इसी कानून के सहारे ड्रोन हमले, बंदी शिविर, सैन्य आयोग और व्यापक निगरानी जैसे कदम उठाए गए, जिनका 9/11 से संबंध कई बार अत्यंत कमजोर था। यह किसी भी लोकतंत्र के लिए प्रासंगिक सबक है जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कार्यपालिका को असाधारण अधिकार दिए जाते हैं।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- AUMF (2001): 9/11 के बाद पारित; सीनेट में 14 सितंबर 2001 को 98-0 मत; बुश के हस्ताक्षर 18 सितंबर 2001।
- प्रतिनिधि सभा में एकमात्र विरोधी मत — बारबरा ली (डेमोक्रेट, कैलिफोर्निया); दस सदस्य अनुपस्थित।
- अमेरिकी कांग्रेस ने 1942 के बाद औपचारिक युद्ध घोषणा नहीं की।
- गल्फ ऑफ टोंकिन प्रस्ताव, 1964 — वियतनाम में बल प्रयोग हेतु जॉनसन को अधिकार; युद्ध शक्ति प्रस्ताव, 1973 — राष्ट्रपति की शक्ति सीमित करने का प्रयास।
- AUMF के आधार पर ग्वांतानामो बे बंदी, सैन्य आयोग और NSA निगरानी को उचित ठहराया गया।
- ऑफिस ऑफ लीगल काउंसल के जॉन यू का मेमो: राष्ट्रपति के पास पूर्व-आघात (preemptive) हमलों की शक्ति।
मेन्स दृष्टिकोण
2001 का AUMF इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्रीय सुरक्षा संकट में विधायिका स्वयं कार्यपालिका के हाथ मजबूत करती है। 9/11 के बाद डेमोक्रेट सुरक्षा के मुद्दे पर कमजोर दिखने से डरते थे और रिपब्लिकन अपने राष्ट्रपति के साथ थे; बुश प्रशासन ने भविष्य के आतंकवाद को "रोकने और पूर्व-आघात" करने तक की भाषा चाही, जिसे मैककेन-केरी ने कुछ संकुचित किया, पर सीमाएँ लगभग भ्रामक रहीं क्योंकि कानून ने न लक्ष्य, न भूगोल, न समाप्ति-तिथि तय की। परिणाम: 1973 का युद्ध शक्ति प्रस्ताव लगभग अप्रासंगिक हो गया, और अफगानिस्तान से लेकर इराक, यमन, सोमालिया व इस्लामिक स्टेट तक की कार्रवाइयाँ इसी छत्र में आ गईं; ग्वांतानामो बंदी, सैन्य आयोग और NSA निगरानी ने नागरिक स्वतंत्रताओं पर असर डाला। स्रोत के अनुसार आगे का रास्ता AUMF को रद्द करना या ठोस रूप से सुधारना है, ताकि विदेश में बल प्रयोग से पहले विधायी मंजूरी अनिवार्य हो; लेकिन इसके लिए कांग्रेस को दलगत निष्ठा और जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति छोड़कर स्वयं अपनी शक्ति पुनः अर्जित करनी होगी — जैसा पेलोसी का कथन है, शक्ति कोई देता नहीं, उसे लेना पड़ता है।
मुख्य शब्द
- AUMF (Authorization for Use of Military Force), 2001
- 9/11 के बाद कांग्रेस द्वारा पारित कानून जिसने राष्ट्रपति को हमलों से जुड़े लोगों व शरण देने वाले देशों के विरुद्ध बल प्रयोग का व्यापक अधिकार दिया।
- युद्ध शक्ति प्रस्ताव, 1973 (War Powers Resolution)
- वियतनाम के बाद राष्ट्रपति की सैन्य बल प्रयोग की शक्ति सीमित करने वाला कानून, जिसे AUMF ने लगभग अप्रासंगिक बना दिया।
- गल्फ ऑफ टोंकिन प्रस्ताव, 1964
- राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन को वियतनाम में बल प्रयोग का अधिकार देने वाला प्रस्ताव; AUMF की तुलना में सीमित माना गया।
- ग्वांतानामो बे
- क्यूबा स्थित अमेरिकी बंदी शिविर, जिसे प्रशासन ने अमेरिकी संप्रभु क्षेत्र से बाहर बताकर हेबियस कॉर्पस जैसी सुरक्षा से परे माना।
- सैन्य आयोग (Military Commissions)
- आतंकवाद के संदिग्धों पर सामान्य न्याय व्यवस्था के बजाय मुकदमा चलाने के लिए AUMF के आधार पर गठित निकाय।
- साम्राज्यवादी राष्ट्रपति पद (Imperial Presidency)
- वह स्थिति जहाँ राष्ट्रपति सुरक्षा मामलों में विधायिका की न्यूनतम भागीदारी के साथ असाधारण शक्तियाँ प्रयोग करता है।
अभ्यास प्रश्न
- 9/11 के बाद पारित AUMF ने अमेरिका में कार्यपालिका और विधायिका के बीच शक्ति-संतुलन को कैसे बदला? उदाहरणों सहित परीक्षण करें।
- "संकट के समय दी गई असाधारण शक्तियाँ स्थायी बन जाती हैं" — AUMF के अनुभव के आलोक में इस कथन का मूल्यांकन कीजिए।
- राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक स्वतंत्रताओं के बीच संतुलन बनाने में विधायी निगरानी की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।
