भारत की 12 सेमीकंडक्टर इकाइयों में छह गुजरात में: मंत्री

देश में स्थापित हो रही 12 सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों में से छह, 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना लागत के साथ, गुजरात में लगेंगी। यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए साक्षात्कार में दी। इनमें से तीन, जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया, निर्माण चरण में हैं। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ताइवान की पीएसएमसी के साथ ढोलेरा में 91,000 करोड़ रुपये से देश का पहला व्यावसायिक फैब बना रही है। डेटा सेंटर नीति के तहत 10.36 लाख करोड़ रुपये के 14 प्रस्ताव मिले हैं।

स्रोत

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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • Six of the 12 semiconductor manufacturing facilities being set up in India will be in Gujarat, with project cost over Rs 1.28 lakh crore. — Attributed to Minister Arjun Modhwadia in an interview to The Indian Express; figure appears in source.
  • Tata Electronics is investing Rs 91,000 crore in a semiconductor fabrication facility in Dholera with Taiwan's PSMC. — Stated by the minister in the source; no independent documentation cited.
  • Three of the Gujarat facilities, inaugurated by PM Modi, are already in the manufacturing stage. — Minister's claim as recorded in the interview; no date given.
  • The Viksit Gujarat Data Centre Policy 2026-29 targets 7.5 GW; 14 proposals worth over Rs 10.36 lakh crore and nearly 10 GW received. — Policy target and proposal figures attributed to the minister; source names Reliance, Torrent Power, Adani, Tata and Welspun as interested players.
  • Suchi Semicon (Surat) and Crystal Matrix (Dholera) facilities have been approved by the India Semiconductor Mission. — Attributed to the minister; approval details not otherwise sourced in the text.

विश्लेषकों की राय राय

AI ఆర్థిక విశ్లేషకులు · తెలుగు

సెమీకండక్టర్ రంగంలో గుజరాత్ "యాంకర్" రాష్ట్రంగా నిలదొక్కుకుంటున్న తీరును ఈ ఇంటర్వ్యూ చూపుతుంది — దేశంలోని 12 యూనిట్లలో ఆరు, రూ.1.28 లక్షల కోట్ల ప్రాజెక్ట్ వ్యయంతో. ఆర్థికంగా చూస్తే ఇక్కడ నిర్ణయాత్మక అంశం రాయితీలు మాత్రమే కాదు; పోర్టులు, ధోలేరా-సానంద్ ప్లగ్-అండ్-ప్లే కారిడార్లు, నమ్మకమైన విద్యుత్ మౌలిక వసతి — ఫ్యాబ్ యూనిట్లకు అత్యంత కీలకమైనవి ఇవే. అదే సమయంలో డేటా సెంటర్ విధానానికి రూ.10.36 లక్షల కోట్ల ప్రతిపాదనలు రావడం, కేటాయించగలిగిన సామర్థ్యం కంటే డిమాండ్ ఎక్కువగా ఉందని మంత్రి స్వయంగా చెప్పడం — ఇది పెట్టుబడి ఆసక్తికి సూచన, ఖరారైన మూలధనానికి కాదు.

  • ప్రకటిత ప్రాజెక్ట్ వ్యయం (రూ.1.28 లక్షల కోట్లు) అంటే ఖర్చు చేసిన మొత్తం కాదు; 12లో మూడు మాత్రమే ఉత్పత్తి దశలో ఉన్నాయని కథనమే చెబుతోంది, మిగిలినవి నిర్మాణ/ఆమోదన దశల్లో ఉన్నాయి.
  • టాటా ఎలక్ట్రానిక్స్-పీఎస్ఎంసీ రూ.91,000 కోట్ల ధోలేరా ఫ్యాబ్ ఒక్కటే ఈ ఆరు యూనిట్ల వ్యయంలో సింహభాగం — అంటే రాష్ట్రం ఒకే పెద్ద ప్రాజెక్టుపై గణనీయంగా ఆధారపడుతోంది.
  • ఉద్యోగాల పరంగా ఫ్యాబ్‌లు మూలధన-తీవ్రమైనవి, శ్రమ-తీవ్రమైనవి కావు; తైవాన్, చెన్నై, బెంగళూరులలో యువతకు శిక్షణ ఇస్తున్నామని మంత్రి చెప్పినట్టు, అసలు లబ్ధి నైపుణ్య పర్యావరణ వ్యవస్థ నుంచే వస్తుంది.
  • రాష్ట్రాల మధ్య రాయితీల పోటీ స్పష్టం — ఆంధ్రప్రదేశ్ తక్కువ వనరులతోనే ఎక్కువ రాయితీలు ఇస్తోందని మంత్రి అంగీకరించారు; ఇలాంటి పోటీలో పెట్టుబడి వస్తుంది కానీ దాని ఖర్చు పన్ను చెల్లింపుదారులపైనే పడుతుంది.
  • 7.5 GW లక్ష్యానికి 10 GW ప్రతిపాదనలు రావడం అవకాశం అయినా, విద్యుత్, భూమి, నీటి కేటాయింపులే అసలు అడ్డంకి — అందుకే 'కేసు-టు-కేసు' నిర్ణయాలంటూ మంత్రి జాగ్రత్తపడ్డారు.

किस पर नज़र रखें — ప్రతిపాదనల్లో ఎంత భాగం హై-పవర్ కమిటీ ఆమోదం, భూమి-విద్యుత్ కేటాయింపు దాటి వాస్తవ మూలధన వ్యయంగా మారుతుందో — మంత్రి స్వయంగా రూ.6-7 లక్షల కోట్ల అంచనాకే పరిమితమయ్యారు — అది గమనించాల్సిన అంశం.

ఇది ఒక రాష్ట్ర మంత్రి ఇంటర్వ్యూ ఆధారంగా వచ్చిన కథనం; ఉత్పత్తి పరిమాణం, సృష్టించబడిన ఉద్యోగాలు, ఇచ్చిన రాయితీల విలువ, లేదా ఇప్పటివరకు ఖర్చైన మొత్తం గురించి ఇది ఏమీ నిర్ధారించలేదు.

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 6 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच गुजरात खुद को इस क्षेत्र के केंद्र के रूप में पेश कर रहा है। राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने द इंडियन एक्सप्रेस को दिए विशेष साक्षात्कार में बताया कि देश में बन रही 12 सेमीकंडक्टर इकाइयों में छह गुजरात में लगेंगी। उन्होंने कोविड के बाद ऑटोमोबाइल आपूर्ति ठप होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनौती को इस पहल की पृष्ठभूमि बताया। साक्षात्कार में डेटा सेंटर नीति, एआई इकोसिस्टम, शेरों के हमलों और बन्नी में चीतों की योजना पर भी चर्चा हुई।

मुख्य तथ्य

  • देश में स्थापित हो रही कुल 12 सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों में से छह गुजरात में होंगी, जिनकी परियोजना लागत 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
  • इनमें तीन इकाइयों का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया और वे पहले ही निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) चरण में हैं; चौथी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स है।
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स अकेले 91,000 करोड़ रुपये निवेश कर ढोलेरा में देश की पहली व्यावसायिक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई ताइवान की PSMC के साथ बना रही है।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने दो और इकाइयों को मंजूरी दी है — सूरत में सुची सेमीकॉन और ढोलेरा में क्रिस्टल मैट्रिक्स।
  • विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति 2026-29 का लक्ष्य 7.5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता है, जो हाइपरस्केल, कोलोकेशन और एआई-रेडी डेटा सेंटरों के लिए बनी है।
  • नीति के तहत 14 प्रस्ताव मिले हैं, कुल प्रस्तावित निवेश 10.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक और नियोजित क्षमता लगभग 10,000 मेगावाट (10 गीगावाट)।
  • मंत्री के अनुसार राज्य को कुल लगभग 6-7 लाख करोड़ रुपये निवेश की उम्मीद है; आवंटन उच्चाधिकार समिति केस-टू-केस आधार पर तय करेगी।
  • मंत्री ने कहा कि मोंट गिरनार को एसओपी के तहत साइलेंट ज़ोन अधिसूचित किया गया है और भीड़ नियंत्रण के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रवेश-निकास शुरू किया गया है।

समयरेखा

  1. 1980 का दशकआईटी क्षेत्र के उभरने के समय गुजरात का ध्यान वस्त्र, रसायन और फार्मास्युटिकल्स पर रहा; आईटी इकोसिस्टम नहीं बना और कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र, महाराष्ट्र, गुरुग्राम, दिल्ली आगे निकल गए।
  2. कोविड महामारी कालइकोसिस्टम ध्वस्त हुआ, कारों से स्कूटरों तक ऑटोमोबाइल आपूर्ति ठप; प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर निर्माण की चुनौती रखी।
  3. पिछला दिसंबरपारंपरिक सत्ता संस्थाओं को नकारने वाले संगठन 'एसी भारत सरकार' पर बनासकांठा के एक गाँव में सरकारी अधिकारियों पर हमले का आरोप।
  4. 7 जुलाईभावनगर जिले के गरजिया गाँव में कालू भरवाड पर शेर ने हमला किया; वीडियो में वे शेर की अयाल सहलाते दिखे और शेर ने उन्हें छोड़ दिया।
  5. हाल की घटनाएँअमरेली के धारी तालुका के चतुरी गाँव में बच्चे को शेरनी ने उठाया; गिरनार में छेड़े जाने पर शेर का बच्चे पर हमला; धारी में सेल्फी लेने पर शेर का युवक पर हमला।
  6. आगामीतीन साल के अंतराल के बाद वाइब्रेंट गुजरात समिट; मुख्यमंत्री की अमेरिका-कनाडा यात्रा, एनवीडिया का दौरा।

किसका दाँव

  • गुजरात सरकार / मंत्री अर्जुन मोढवाडिया — सेमीकंडक्टर व एआई इकोसिस्टम में नेतृत्व, निवेश आकर्षण तथा वन्यजीव-मानव संघर्ष प्रबंधन की जिम्मेदारी।
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की PSMC — ढोलेरा में 91,000 करोड़ रुपये की देश की पहली व्यावसायिक सेमीकंडक्टर फैब का निर्माण।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन — इकाइयों को मंजूरी देने वाली संस्था — सूरत की सुची सेमीकॉन और ढोलेरा की क्रिस्टल मैट्रिक्स को स्वीकृति।
  • रिलायंस, टोरेंट पावर, अदाणी, टाटा, वेलस्पन कॉर्प — डेटा सेंटर नीति के तहत प्रस्ताव देने वाले प्रमुख उद्योग समूह; क्षमता आवंटन पर निर्भर निवेश।
  • प्रशिक्षित युवा, जनजातीय समुदाय के लोग — ताइवान, चेन्नई और बेंगलुरु में प्रशिक्षण के बाद राज्य में रोजगार।
  • अन्य राज्य (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, चेन्नई) — प्रोत्साहन की होड़ — मंत्री के अनुसार आंध्र के पास कम पैसा है पर वह ज्यादा प्रोत्साहन दे रहा है।
  • गिर/गिरनार क्षेत्र के लोग, मालधारी और शेर — मानव-शेर संघर्ष, ट्रैकरों की संख्या बढ़ाना, साइलेंट ज़ोन नियम और सह-अस्तित्व।
  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) — बन्नी में चीता छोड़ने का निर्णय; प्रे-बेस और घास के मैदान का विकास इसकी निगरानी में।

क्यों अहम है

सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर अगली पीढ़ी के डिजिटल व एआई ढांचे की रीढ़ हैं, और कोविड के दौरान चिप की कमी ने भारत के ऑटोमोबाइल जैसे उद्योगों की आपूर्ति-शृंखला की कमजोरी उजागर कर दी थी। गुजरात में 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक की छह इकाइयाँ तथा 10.36 लाख करोड़ रुपये के डेटा सेंटर प्रस्ताव दिखाते हैं कि राज्यों के बीच हाई-टेक निवेश की प्रतिस्पर्धा तेज है। साथ ही यह साक्षात्कार बताता है कि औद्योगिक विस्तार के समानांतर हरित ऊर्जा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे पर्यावरणीय प्रश्न भी नीति के केंद्र में हैं।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • देश की 12 सेमीकंडक्टर इकाइयों में 6 गुजरात में; परियोजना लागत 1.28 लाख करोड़ रुपये से अधिक।
  • टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स + ताइवान की PSMC: ढोलेरा में 91,000 करोड़ रुपये से देश की पहली व्यावसायिक सेमीकंडक्टर फैब।
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन द्वारा स्वीकृत: सुची सेमीकॉन (सूरत) और क्रिस्टल मैट्रिक्स (ढोलेरा)।
  • विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति 2026-29: लक्ष्य 7.5 GW; प्राप्त 14 प्रस्ताव, 10.36 लाख करोड़ रुपये, ~10 GW।
  • ढोलेरा और साणंद: प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक कॉरिडोर जो सेमीकंडक्टर निवेश के लिए लाभकारी बताए गए।
  • बन्नी में चीता पुनर्वास पर निर्णय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) करेगा; गांडो बावल (Prosopis juliflora) हटाकर घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं।

मेन्स दृष्टिकोण

कोविड-19 के दौरान वैश्विक चिप आपूर्ति टूटने से भारत के ऑटोमोबाइल सहित विनिर्माण क्षेत्रों पर असर पड़ा, जिसके बाद घरेलू सेमीकंडक्टर क्षमता निर्माण नीतिगत प्राथमिकता बनी। मंत्री के अनुसार असली चुनौती एंकर कंपनियों को लाना नहीं, बल्कि ऐसा इकोसिस्टम बनाना था जिसमें वे निवेश कर फल-फूल सकें — इसके लिए प्रोत्साहन, ताइवान/चेन्नई/बेंगलुरु में कौशल प्रशिक्षण, बंदरगाह-राजमार्ग-हवाई अड्डा संपर्क, ढोलेरा-साणंद के प्लग-एंड-प्ले कॉरिडोर और विश्वसनीय बिजली ढांचा गुजरात के पक्ष में गए। इसका दूसरा पहलू राज्यों के बीच प्रोत्साहन-प्रतिस्पर्धा है: मंत्री मानते हैं कि आंध्र प्रदेश कम संसाधनों के बावजूद ज्यादा प्रोत्साहन दे रहा है, और आंध्र, तेलंगाना व चेन्नई केस-टू-केस आधार पर प्रस्ताव निपटा रहे हैं जबकि गुजरात नीति-आधारित रास्ता अपना रहा है। तीसरा मुद्दा सीमित संसाधन का है — डेटा सेंटर प्रस्ताव आवंटन-योग्य क्षमता से अधिक आ चुके हैं, इसलिए उच्चाधिकार समिति द्वारा पारदर्शी, हरित ऊर्जा आधारित आवंटन और 1980 के दशक में आईटी अवसर चूकने के अनुभव से सीखते हुए कौशल व इकोसिस्टम पर निरंतर निवेश आगे की राह है; साथ ही तीव्र औद्योगीकरण के बीच वन्यजीव क्षेत्रों में ट्रैकर, एसओपी और जन-संवेदीकरण जैसे उपाय संतुलन के लिए आवश्यक हैं।

मुख्य शब्द

सेमीकंडक्टर फैब (फैब्रिकेशन यूनिट)
वह संयंत्र जहाँ सिलिकॉन वेफर पर चिप बनाई जाती है; ढोलेरा में टाटा-PSMC की इकाई देश की पहली व्यावसायिक फैब बताई गई है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन
सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी देने वाली संस्था; इसने सुची सेमीकॉन (सूरत) और क्रिस्टल मैट्रिक्स (ढोलेरा) को स्वीकृति दी।
PSMC
पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन, ताइवान की कंपनी जो टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ ढोलेरा फैब में भागीदार है।
विकसित गुजरात डेटा सेंटर नीति 2026-29
7.5 GW डेटा सेंटर क्षमता का लक्ष्य रखने वाली राज्य नीति, जो हाइपरस्केल, कोलोकेशन और एआई-रेडी डेटा सेंटर आकर्षित करने हेतु बनी है।
प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक कॉरिडोर
पहले से तैयार बुनियादी ढांचे वाले औद्योगिक क्षेत्र, जैसे ढोलेरा और साणंद, जहाँ कंपनियाँ तुरंत परिचालन शुरू कर सकती हैं।
साइलेंट ज़ोन (मोंट गिरनार)
एसओपी के तहत अधिसूचित क्षेत्र जहाँ नारेबाजी और डीजे संगीत प्रतिबंधित है; उल्लंघन पर जुर्माना।

अभ्यास प्रश्न

  1. गुजरात में सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर निवेश की सफलता के कारकों का परीक्षण कीजिए। क्या 'इकोसिस्टम निर्माण' का यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है?
  2. राज्यों के बीच प्रोत्साहन आधारित प्रतिस्पर्धा (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु बनाम गुजरात) हाई-टेक निवेश आकर्षित करने में कितनी टिकाऊ है? तर्कसहित उत्तर दें।
  3. डेटा सेंटरों की ऊर्जा मांग और वन्यजीव-मानव संघर्ष — तेज औद्योगीकरण के दौर में पर्यावरणीय संतुलन कैसे साधा जाए? गुजरात के उदाहरण से चर्चा कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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