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ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर अमेरिका को स्थायी नियंत्रण: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समझौते की घोषणा की, जिससे उनके अनुसार आर्कटिक द्वीप की सुरक्षा पर अमेरिका को स्थायी नियंत्रण मिलेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की लिखित मंजूरी के बिना कोई विरोधी देश वहां सैन्य अड्डा नहीं बना सकेगा या संवेदनशील निवेश नहीं कर सकेगा। ट्रंप ने इसे 'अनंत अवधि' का समझौता बताया और कहा कि अमेरिका पर कोई खर्च नहीं आएगा। डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हस्ताक्षर होंगे। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने इसे नाटो और यूरोप के लिए अच्छा कहा।

स्रोत

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डेस्क जाँच · कुछ दावे ध्यान से पढ़ें

डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • The US has entered an agreement with Denmark and Greenland giving it permanent control over security in Greenland. — Directly quoted from Trump's announcement; no independent text of the agreement cited in the source.
  • The agreement will involve no cost to the United States. — Attributed to Trump only; no supporting detail or costing in source.
  • No US adversary can have a base, military presence or make sensitive investments in Greenland without express written US approval. — Trump's characterisation of the terms; not confirmed by Danish or Greenlandic statements in the source.
  • Denmark and Greenland expect to sign the deal on the sidelines of the UN General Assembly. — Attributed to a joint statement by Greenland and Denmark; indicates deal is not yet signed.
  • Danish PM Mette Frederiksen called the deal good for NATO and Europe and said it strengthens common security in the Arctic and North Atlantic. — Direct quotes attributed to Frederiksen in the source.

विश्लेषकों की राय राय

AI रणनीतिक मामलों के विश्लेषक

यदि समझौते का मसौदा ट्रंप के वर्णन से मेल खाता है, तो यह दशकों में आर्कटिक सुरक्षा का सबसे बड़ा फेरबदल है — एक लंबे चले संप्रभुता विवाद को वाशिंगटन के लिए ऐसे वीटो में बदल देना, जिससे ग्रीनलैंड में प्रतिद्वंद्वी देशों के अड्डे और 'संवेदनशील निवेश' रोके जा सकें। दोनों पक्षों की भाषा अलग है: ट्रंप इसे 'स्थायी नियंत्रण' और पिछले राष्ट्रपतियों की विफलता के बाद मिली जीत बताते हैं, जबकि कोपेनहेगन इसे नाटो और यूरोप के लिए लाभ तथा आर्कटिक-उत्तरी अटलांटिक में साझा सुरक्षा की मजबूती कहता है। दोनों बातें साथ सही हो सकती हैं — अमेरिका को उत्तर अमेरिका और रूस के बीच सबसे छोटे हवाई व मिसाइल मार्ग पर रणनीतिक रोक मिलती है, और डेनमार्क औपचारिक संप्रभुता बचाते हुए वह बोझ साझा कर लेता है जो वह अकेले नहीं उठा सकता था।

  • ग्रीनलैंड GIUK गैप और ध्रुवीय हवाई मार्गों पर स्थित है, इसलिए प्रतिद्वंद्वी सैन्य उपस्थिति पर अमेरिकी वीटो मुख्यतः रूस और चीन की पहुंच रोकने से जुड़ा है, भूभाग हासिल करने से नहीं।
  • 'संवेदनशील निवेश' वाली शर्त असली केंद्रबिंदु है — यह खनन, बंदरगाहों और बुनियादी ढांचे तक सुरक्षा जांच फैलाती है, यानी वही रास्ते जिनसे बाहरी शक्तियां आर्कटिक में पैर जमाती हैं।
  • 'स्थायी नियंत्रण' और फ्रेडरिक्सन के 'नाटो व यूरोप के लिए अच्छा' के बीच का अंतर एक सोची-समझी अस्पष्टता है, जिसकी परीक्षा हस्ताक्षरित मसौदा नूक और यूरोपीय राजधानियों में पढ़े जाने पर होगी।
  • अमेरिका पहले से मौजूदा रक्षा व्यवस्था के तहत पिटुफिक स्पेस बेस चलाता है, इसलिए इसे पूरी तरह नई उपस्थिति की बजाय स्थापित भूमिका के बड़े विस्तार के रूप में देखना ठीक होगा।
  • अन्य आर्कटिक देश और चीन अपनी रणनीति दोबारा तौलेंगे — सुदूर उत्तर के सैन्यीकरण पर तीखे बयान संभव हैं, और देखना होगा कि यह अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले अन्य छोटे सहयोगियों के लिए मिसाल बनता है या चेतावनी।

किस पर नज़र रखें — संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर हस्ताक्षरित वास्तविक मसौदे पर नजर रखें — खासकर वीटो किसके पास है, 'संवेदनशील निवेश' की परिभाषा क्या है, और 'अनंत काल' की भाषा के बावजूद कोई समीक्षा या निकास प्रावधान है या नहीं।

यह खबर मुख्यतः ट्रंप के अपने विवरण पर आधारित है; समझौते का पाठ सार्वजनिक नहीं है, ग्रीनलैंड का विस्तृत रुख स्पष्ट नहीं है, डेनिश और ग्रीनलैंडिक कानून के तहत 'स्थायी' समझौते की वैधता परखी नहीं गई है, और अमेरिका पर कोई खर्च न आने का दावा स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं है।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 3 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

ग्रीनलैंड डेनमार्क राज्य (किंगडम ऑफ डेनमार्क) के भीतर एक स्वायत्त क्षेत्र है और आर्कटिक में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थिति में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार इस द्वीप पर अमेरिकी नियंत्रण की मांग के बाद यह बड़े कूटनीतिक विवाद का केंद्र बन गया था, जिसे डेनमार्क और ग्रीनलैंड पहले खारिज करते रहे। ट्रंप ने अपनी मांग के पीछे अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा आर्कटिक में बढ़ती रूसी और चीनी गतिविधियों का हवाला दिया है। शुक्रवार को ट्रंप ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ एक समझौते की घोषणा की, जिसके अनुसार ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर अमेरिका को 'स्थायी नियंत्रण' मिलेगा।

मुख्य तथ्य

  • ट्रंप ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका ने डेनमार्क राज्य और ग्रीनलैंड के साथ समझौता किया है, जो ग्रीनलैंड में सुरक्षा व अन्य सभी जरूरतों पर अमेरिका को स्थायी नियंत्रण देता है।
  • ट्रंप के अनुसार अब कोई भी अमेरिकी विरोधी देश अमेरिका की स्पष्ट लिखित मंजूरी के बिना ग्रीनलैंड में सैन्य अड्डा, सैन्य उपस्थिति या संवेदनशील निवेश नहीं कर सकेगा।
  • ट्रंप ने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका पर कोई खर्च नहीं आएगा!"
  • ट्रंप ने इसे 'अनंत अवधि' (Infinite Life) समझौता बताया और कहा कि इसका कोई अंत नहीं है।
  • ट्रंप ने कहा कि ग्रीनलैंड के उपयुक्त हिस्से में बड़ी सैन्य उपस्थिति विकसित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी और इसमें ग्रीनलैंड के लोगों के साथ काम किया जाएगा।
  • ट्रंप ने कहा कि 100 वर्षों से अधिक समय से राष्ट्रपति ग्रीनलैंड के रणनीतिक महत्व को जानते थे, लेकिन कोई कुछ नहीं कर सका।
  • ग्रीनलैंड और डेनमार्क ने बयान जारी कर कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर इस समझौते पर हस्ताक्षर की अपेक्षा करते हैं।
  • डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने इसे "नाटो और यूरोप के लिए अच्छा" कहा और कहा कि यह आर्कटिक तथा उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में साझा सुरक्षा मजबूत करता है।

समयरेखा

  1. पिछले समय में (तारीख स्रोत में नहीं)ट्रंप ने बार-बार मांग की कि अमेरिका रणनीतिक रूप से स्थित आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड का नियंत्रण ले; डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने इन मांगों को खारिज किया।
  2. शुक्रवार (स्रोत में पूरी तिथि नहीं)ट्रंप ने डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समझौते की घोषणा की, जिसमें बड़ी अमेरिकी सैन्य उपस्थिति विकसित करने की योजना भी शामिल है।
  3. आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरानग्रीनलैंड और डेनमार्क के अनुसार महासभा के इतर समझौते पर हस्ताक्षर की अपेक्षा।

किसका दाँव

  • अमेरिका (राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) — ग्रीनलैंड की सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण, विरोधियों को रोकने की शक्ति और द्वीप पर बड़ी सैन्य उपस्थिति; ट्रंप के अनुसार कोई लागत नहीं।
  • डेनमार्क राज्य (प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन) — संप्रभुता संबंधी चिंता के बीच समझौते को नाटो और यूरोप के लिए लाभकारी तथा आर्कटिक-उत्तरी अटलांटिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला बताया।
  • ग्रीनलैंड (डेनमार्क के भीतर स्वायत्त क्षेत्र) — अपनी भूमि पर विदेशी सैन्य विस्तार और निवेश पर वीटो जैसी व्यवस्था; ट्रंप के अनुसार विकास व निर्माण में ग्रीनलैंड के लोगों के साथ काम होगा।
  • नाटो और अमेरिकी सहयोगी — ट्रंप और फ्रेडरिक्सन दोनों के अनुसार आर्कटिक व उत्तरी अटलांटिक में साझा सुरक्षा पर प्रभाव।
  • रूस और चीन — आर्कटिक में उनकी बढ़ती गतिविधि को ट्रंप ने अपने दबाव का कारण बताया; नई व्यवस्था में उनके अड्डों व संवेदनशील निवेश पर रोक।

क्यों अहम है

आर्कटिक नई भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन रहा है, और ग्रीनलैंड की स्थिति उत्तरी अटलांटिक की सुरक्षा के लिए निर्णायक मानी जाती है। यह समझौता एक नाटो सहयोगी के स्वायत्त क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा भूमिका को नाटकीय रूप से विस्तारित करता है और सहयोगियों के बीच संप्रभुता तथा सुरक्षा-नियंत्रण के संतुलन पर सवाल खड़े करता है। बड़ी शक्तियों की आर्कटिक होड़ भारत जैसे आर्कटिक हितधारकों के लिए भी वैश्विक साझा क्षेत्रों के शासन का महत्वपूर्ण संकेत है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • ग्रीनलैंड डेनमार्क राज्य के भीतर एक स्वायत्त क्षेत्र है, स्वतंत्र देश नहीं।
  • पिटुफिक स्पेस बेस: ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान, डेनमार्क के साथ रक्षा व्यवस्थाओं के तहत।
  • ट्रंप ने समझौते को 'Infinite Life Agreement' यानी अनंत अवधि का समझौता कहा।
  • समझौते पर हस्ताक्षर संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर होने की अपेक्षा — ग्रीनलैंड व डेनमार्क का बयान।
  • डेनमार्क की प्रधानमंत्री: मेटे फ्रेडरिक्सन; उन्होंने इसे नाटो और यूरोप के लिए अच्छा बताया।
  • ट्रंप ने अपनी मांग के कारण बताए: अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्कटिक में बढ़ती रूसी-चीनी गतिविधि।

मेन्स दृष्टिकोण

ग्रीनलैंड पर अमेरिका-डेनमार्क-ग्रीनलैंड समझौता आर्कटिक के बढ़ते सामरिक महत्व और बड़ी शक्तियों की होड़ का परिणाम है: ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा तथा आर्कटिक में रूसी और चीनी गतिविधि का हवाला देकर द्वीप पर नियंत्रण की मांग दोहराई, जिसे डेनमार्क और ग्रीनलैंड पहले खारिज करते रहे। घोषित व्यवस्था के तहत अमेरिका को सुरक्षा पर 'स्थायी नियंत्रण', विरोधी देशों के सैन्य अड्डों व संवेदनशील निवेश पर लिखित मंजूरी की शक्ति, और द्वीप के उपयुक्त हिस्से में बड़ी सैन्य उपस्थिति विकसित करने की छूट मिलेगी—जबकि अमेरिका पहले से पिटुफिक स्पेस बेस रखता है। इसके निहितार्थ दोहरे हैं: एक ओर डेनमार्क की प्रधानमंत्री इसे नाटो, यूरोप तथा आर्कटिक-उत्तरी अटलांटिक की साझा सुरक्षा के लिए लाभकारी मानती हैं; दूसरी ओर एक स्वायत्त क्षेत्र की सुरक्षा पर बाहरी 'अनंत अवधि' नियंत्रण संप्रभुता, स्थानीय सहमति और सहयोगियों के भीतर शक्ति-असंतुलन के प्रश्न उठाता है। आगे का रास्ता संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर प्रस्तावित हस्ताक्षर, समझौते के वास्तविक पाठ की पारदर्शिता, ग्रीनलैंड की जनता के साथ विकास व निर्माण में वास्तविक भागीदारी, और नाटो ढांचे के भीतर समन्वित आर्कटिक सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

मुख्य शब्द

ग्रीनलैंड
आर्कटिक में स्थित द्वीप, जो डेनमार्क राज्य के भीतर एक स्वायत्त क्षेत्र है और अब अमेरिकी सुरक्षा समझौते के केंद्र में है।
पिटुफिक स्पेस बेस
ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान, जो डेनमार्क के साथ मौजूदा रक्षा व्यवस्थाओं के तहत संचालित है।
'अनंत अवधि' समझौता (Infinite Life Agreement)
ट्रंप द्वारा दिया गया विवरण कि समझौता स्थायी है और उसका कोई अंत नहीं है।
नाटो
पश्चिमी सैन्य गठबंधन, जिसके लिए डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने इस समझौते को अच्छा बताया।
संयुक्त राष्ट्र महासभा
संयुक्त राष्ट्र का मंच, जिसके इतर ग्रीनलैंड और डेनमार्क के अनुसार समझौते पर हस्ताक्षर अपेक्षित हैं।
संवेदनशील निवेश
स्रोत के अनुसार ऐसे निवेश जो ग्रीनलैंड में अमेरिकी विरोधी देश अमेरिका की लिखित मंजूरी के बिना नहीं कर सकेंगे।

अभ्यास प्रश्न

  1. आर्कटिक के बढ़ते सामरिक महत्व के संदर्भ में ग्रीनलैंड पर अमेरिका-डेनमार्क समझौते का परीक्षण कीजिए। यह नाटो सहयोगियों के बीच संप्रभुता और सुरक्षा के संतुलन को कैसे प्रभावित करता है?
  2. क्या किसी स्वायत्त क्षेत्र की सुरक्षा पर किसी बाहरी शक्ति का 'स्थायी नियंत्रण' अंतरराष्ट्रीय व्यवहार में टिकाऊ है? स्रोत में उल्लिखित तथ्यों के आधार पर तर्क दीजिए।
  3. आर्कटिक में रूस और चीन की बढ़ती गतिविधि किस प्रकार अमेरिका की ग्रीनलैंड नीति को आकार दे रही है? चर्चा कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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