राजनीति कलबुर्गी

अनुच्छेद 371J में कांग्रेस नेताओं की भूमिका याद रखें: शिवकुमार

कल्याण कर्नाटक मुक्ति दिवस पर कलबुर्गी में आयोजित कल्याण कर्नाटक उत्सव को संबोधित करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने लोगों से अनुच्छेद 371J दिलाने में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और मनमोहन सिंह के योगदान को न भूलने की अपील की। उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन के लिए सोनिया गांधी ने 404 लोकसभा सदस्यों का समर्थन सुनिश्चित किया। 12 वर्षों में क्षेत्र को 25,000 करोड़ रुपये विशेष अनुदान मिला और 79,383 युवाओं को रोजगार मिला।

स्रोत

Mallikarjun Kharge (Congress President) · मूल ख़बर पढ़ें ↗

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डेस्क ने क्या जाँचा (5)
  • Sonia Gandhi ensured support of 404 Lok Sabha members for the constitutional amendment on Article 371J — Attributed to Shivakumar in the source; figure appears in source as his statement.
  • Region received about Rs 25,000 crore in special grants over 12 years, of which Rs 14,000 crore spent — Figures stated by Shivakumar in the source; no supporting document cited.
  • 41,103 works taken up, 32,985 completed, 8,118 under way; 79,383 youths employed — Internally consistent totals as given in source, attributed to the Chief Minister.
  • Recruitment under way for 72,000 posts, with 32,000 for people from the region — Attributed to Shivakumar; no departmental source given.
  • Rs 1,000 crore for 1,150 km of rural roads across 38 constituencies at Rs 120 crore each — Per-constituency figure of Rs 120 crore does not reconcile with the Rs 1,000 crore total as reported; source does not explain.

विश्लेषकों की राय राय

AI राजनीतिक विश्लेषक

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कल्याण कर्नाटक उत्सव के मंच को केवल विकास रिपोर्ट कार्ड नहीं, बल्कि कांग्रेस की दावेदारी के ऐलान की तरह इस्तेमाल किया। अनुच्छेद 371J का श्रेय सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह और मल्लिकार्जुन खड़गे को देकर वे एक क्षेत्रीय अस्मिता की उपलब्धि को पार्टी के खाते में दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं। खड़गे का बार-बार उल्लेख दोहरा संकेत है — उत्तर कर्नाटक के मतदाताओं के लिए, और पार्टी के भीतरी समीकरणों के लिए भी।

  • अनुदान, नौकरियों और रेल–स्वास्थ्य परियोजनाओं के आंकड़े गिनाना इस कथानक को गढ़ता है कि 371J के लाभों की एकमात्र संरक्षक कांग्रेस है।
  • खड़गे के गृह क्षेत्र कलबुर्गी में उनके योगदान को रेखांकित करना एआईसीसी अध्यक्ष के साथ सार्वजनिक तालमेल भी दर्शाता है।
  • भर्ती के आंकड़े और क्षेत्र के हिस्से को आगे रखना युवा, रोजगार चाहने वाले मतदाताओं पर सीधा निशाना है।
  • 38 विधानसभा क्षेत्रों में समान रूप से 120 करोड़ रुपये की घोषणा भीतरी संतुलन की रणनीति दिखाती है — हर विधायक के लिए दिखाने योग्य काम।
  • विपक्ष यह सवाल उठा सकता है कि 371J का वादा जमीन पर कितना पहुंचा; उसकी प्रतिक्रिया इस खबर में दर्ज नहीं है।

किस पर नज़र रखें — देखना यह होगा कि कलबुर्गी कैबिनेट के फैसले और 72,000 पदों की भर्ती कितनी तेजी से जमीन पर उतरती है — इसी से यह राजनीतिक कथानक टिकेगा या कमजोर पड़ेगा।

यह पूरी तरह मुख्यमंत्री द्वारा मंच से दिए गए आंकड़ों और दावों पर आधारित है; खबर न स्वतंत्र पुष्टि, न विपक्ष का जवाब और न पार्टी के भीतरी समीकरण स्थापित करती है।

गहराई से

शोध सारांश · 8 तथ्य · 3 तारीख़ें · परीक्षा के लिए

सार

पृष्ठभूमि

कर्नाटक का उत्तर-पूर्वी हिस्सा, जो पहले हैदराबाद-कर्नाटक कहलाता था और अब कल्याण कर्नाटक कहा जाता है, राज्य के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता है। इस क्षेत्र को संविधान के अनुच्छेद 371J के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण तथा विशेष विकास अनुदान की व्यवस्था मिली है। 17 सितंबर को कल्याण कर्नाटक मुक्ति दिवस मनाया जाता है, जिस अवसर पर कलबुर्गी में कल्याण कर्नाटक उत्सव आयोजित होता है। इसी मंच से मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अनुच्छेद 371J दिलाने में कांग्रेस नेताओं की भूमिका का स्मरण कराया और क्षेत्र के लिए किए गए कार्यों का ब्योरा दिया।

मुख्य तथ्य

  • मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अनुसार सोनिया गांधी ने अनुच्छेद 371J से जुड़े संविधान संशोधन के लिए 404 लोकसभा सदस्यों का समर्थन सुनिश्चित किया।
  • पिछले 12 वर्षों में कल्याण कर्नाटक को लगभग 25,000 करोड़ रुपये विशेष अनुदान मिला, जिसमें से 14,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
  • कुल 41,103 कार्य शुरू किए गए, जिनमें 32,985 पूरे हो चुके हैं और 8,118 विभिन्न चरणों में हैं।
  • अनुच्छेद 371J के प्रावधानों के तहत अब तक 79,383 युवाओं को रोजगार मिला; सरकार 72,000 पदों पर भर्ती कर रही है, जिनमें 32,000 क्षेत्र के लोगों के लिए होंगे।
  • अनुच्छेद 371J के जरिये क्षेत्र के छात्रों को 10,000 से अधिक मेडिकल और 31,000 से अधिक इंजीनियरिंग प्रवेश अवसर दिए गए।
  • 1990 में पूर्व मुख्यमंत्री धरम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर हैदराबाद-कर्नाटक विकास बोर्ड की स्थापना हुई।
  • कल्याणपथ योजना के तहत 38 विधानसभा क्षेत्रों में 1,150 किमी ग्रामीण सड़कों के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये, प्रति क्षेत्र 120 करोड़ रुपये आवंटित।
  • कलबुर्गी में हुई विशेष कैबिनेट बैठक ने 11,770 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी; 350 KPS स्कूल बनाने का लक्ष्य।

समयरेखा

  1. 1990पूर्व मुख्यमंत्री धरम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर हैदराबाद-कर्नाटक विकास बोर्ड की स्थापना।
  2. पिछले 12 वर्ष (स्रोत में वर्ष नहीं)क्षेत्र को लगभग 25,000 करोड़ रुपये का विशेष अनुदान मिला, जिसमें 14,000 करोड़ रुपये खर्च।
  3. 17 सितंबर (गुरुवार)कल्याण कर्नाटक मुक्ति दिवस पर कलबुर्गी में कल्याण कर्नाटक उत्सव में मुख्यमंत्री शिवकुमार का संबोधन।

किसका दाँव

  • कल्याण कर्नाटक के लोग — शिक्षा और सरकारी नौकरियों में अनुच्छेद 371J के तहत विशेष अवसर तथा विशेष अनुदान से क्षेत्रीय विकास।
  • मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार व राज्य सरकार — क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता बताना और भर्ती, सड़क, स्वास्थ्य व शिक्षा परियोजनाओं का क्रियान्वयन।
  • कांग्रेस पार्टी – सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, मनमोहन सिंह — अनुच्छेद 371J लागू कराने का श्रेय; क्षेत्र में राजनीतिक साख।
  • क्षेत्र के युवा और छात्र — 72,000 पदों की भर्ती में 32,000 पद, तथा मेडिकल-इंजीनियरिंग प्रवेश के आरक्षित अवसर।
  • यादगीर, कोप्पल, बीदर के मरीज — सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना और 423 करोड़ रुपये से स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण।

क्यों अहम है

अनुच्छेद 371J संविधान द्वारा किसी क्षेत्र-विशेष के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए दिए गए विशेष प्रावधान का उदाहरण है, और शिक्षा व नौकरियों में स्थानीय आरक्षण के जरिये यह क्षेत्रीय असमानता घटाने का प्रयास करता है। शिवकुमार द्वारा दिए गए आंकड़े बताते हैं कि इस प्रावधान का असर भर्ती, प्रवेश और अनुदान के रूप में मापा जा रहा है। साथ ही यह भाषण दिखाता है कि विशेष दर्जे का श्रेय क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़ा मुद्दा है।

UPSC नज़रिया

प्रीलिम्स संकेत

  • अनुच्छेद 371J कल्याण कर्नाटक (पूर्व हैदराबाद-कर्नाटक) क्षेत्र को विशेष संवैधानिक दर्जा तथा शिक्षा व रोजगार में लाभ देता है।
  • शिवकुमार के अनुसार संविधान संशोधन के लिए 404 लोकसभा सदस्यों का समर्थन जुटाया गया।
  • हैदराबाद-कर्नाटक विकास बोर्ड की स्थापना 1990 में, पूर्व मुख्यमंत्री धरम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर।
  • 17 सितंबर – कल्याण कर्नाटक मुक्ति दिवस; कलबुर्गी में कल्याण कर्नाटक उत्सव।
  • कल्याणपथ योजना: 38 विधानसभा क्षेत्रों में 1,150 किमी ग्रामीण सड़कें, ~1,000 करोड़ रुपये।
  • प्रजा सेवा अभियान: दूसरे और चौथे शनिवार को जिला, तालुक व होबली स्तर पर कार्यक्रम; 10,000 भारत जोड़ो युवा संघ बनाए जा रहे हैं।

मेन्स दृष्टिकोण

कल्याण कर्नाटक का मामला भारत में अंतर-राज्यीय क्षेत्रीय असंतुलन और उसके संवैधानिक समाधान का उदाहरण है। ऐतिहासिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र के लिए 1990 में हैदराबाद-कर्नाटक विकास बोर्ड बना और बाद में अनुच्छेद 371J के जरिये शिक्षा व सरकारी नौकरियों में विशेष अवसर तथा विशेष अनुदान की व्यवस्था दी गई। मुख्यमंत्री शिवकुमार के अनुसार इसका मूल उद्देश्य था कि प्रत्येक परिवार में कम से कम एक सरकारी कर्मचारी हो, हर गाँव में डॉक्टर और इंजीनियर हों; 12 वर्षों में 25,000 करोड़ रुपये के अनुदान, 41,103 कार्यों (32,985 पूर्ण), 79,383 युवाओं के रोजगार और 10,000 से अधिक मेडिकल व 31,000 से अधिक इंजीनियरिंग प्रवेश अवसर इस दिशा में प्रगति के संकेत हैं। हालांकि 25,000 करोड़ में से केवल 14,000 करोड़ खर्च होना और 8,118 कार्य अपूर्ण रहना क्रियान्वयन क्षमता की सीमा दर्शाता है। आगे का रास्ता विशेष अनुदान के समयबद्ध व्यय, स्वास्थ्य-शिक्षा ढाँचे (सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल, 350 KPS स्कूल), सड़क संपर्क (कल्याणपथ) और प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने वाले प्रजा सेवा जैसे कदमों के मापनीय परिणामों पर निर्भर करता है — जैसा शिवकुमार ने कहा, विकास की कसौटी अंतिम व्यक्ति का शांतिपूर्ण जीवन होनी चाहिए।

मुख्य शब्द

अनुच्छेद 371J
संविधान का प्रावधान जो कल्याण कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा तथा शिक्षा और रोजगार में विशेष लाभ देता है।
कल्याण कर्नाटक मुक्ति दिवस
17 सितंबर को मनाया जाने वाला दिवस, जिस पर कलबुर्गी में कल्याण कर्नाटक उत्सव आयोजित होता है।
हैदराबाद-कर्नाटक विकास बोर्ड
1990 में पूर्व मुख्यमंत्री धरम सिंह की रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्र के विकास हेतु गठित बोर्ड।
कल्याणपथ योजना
क्षेत्र की सड़कों के सुधार की योजना; 38 विधानसभा क्षेत्रों में 1,150 किमी ग्रामीण सड़कों हेतु ~1,000 करोड़ रुपये।
प्रजा सेवा अभियान
प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुँचाने का कार्यक्रम; दूसरे व चौथे शनिवार को जिला, तालुक और होबली स्तर पर आयोजन।
भारत जोड़ो युवा संघ
युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने तथा खेल, कला व संगीत में अवसर देने के लिए बनाए जा रहे 10,000 संघ।

अभ्यास प्रश्न

  1. अनुच्छेद 371J जैसे क्षेत्र-विशेष संवैधानिक प्रावधान क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने में कितने कारगर हैं? कल्याण कर्नाटक के आंकड़ों के आधार पर परीक्षण करें।
  2. विशेष विकास अनुदान के आवंटन और वास्तविक व्यय के बीच अंतर (25,000 करोड़ में से 14,000 करोड़ खर्च) के क्या कारण हो सकते हैं और इसे कैसे दूर किया जाए?
  3. शिक्षा और सरकारी नौकरियों में क्षेत्रीय आरक्षण से जुड़े लाभ और चुनौतियों की चर्चा कीजिए।

सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।

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