1916 में खरीदा इडाहो का खेत बना आधिकारिक सेंचुरी फार्म
अमेरिका के इडाहो राज्य के ग्रीनक्रीक में स्थित 361 एकड़ के शूमाकर फार्म को आधिकारिक रूप से इडाहो सेंचुरी फार्म का दर्जा मिला है। जोसेफ और फिलोमेना श्मिट ने 1916 में यह जमीन करीब 87.50 डॉलर प्रति एकड़ में खरीदी थी। 1942 में 120 एकड़ बेटी मैरी और उनके पति लियो को, तथा 1965 में एम्ब्रोस और मार्ज शूमाकर को मिली। परिवार ने 1982 में डेयरी बेच दी। अब यहां अल्फाल्फा, गेहूं, जौ, घास और कनोला उगाए जाते हैं।
स्रोत
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डेस्क जाँच · स्रोत से तुलना की
डेस्क ने क्या जाँचा (5)
- The 361-acre Schumacher Farm in Greencreek, Idaho, was established in 1916 at about $87.50 an acre. — Figures appear in the source, attributed to a Big Country News Connection report; not independently verifiable here.
- The farm has been officially recognised under Idaho's Century Farm and Ranch Program, run jointly by the Idaho State Department of Agriculture and the Idaho State Historical Society. — Attributed to the cited report dated September 21; programme description is internally consistent.
- Ownership passed from Joseph and Philomena Schmidt to daughter Mary and husband Leo in 1942 (120 acres), then to Ambrose and Marge Schumacher in 1965. — Dates and succession details are stated in the source; no independent documentation cited.
- The family dairy was among the first Grade A dairies on the Camas Prairie and was sold in 1982. — Claim is unattributed beyond the cited report; presented as reported fact.
- The farm now produces alfalfa, wheat, barley, grass and canola. — Crop list appears in the source; consistent with earlier description of the operation.
विश्लेषकों की राय राय
ऊपर से यह एक पारिवारिक विरासत की कहानी है, लेकिन सामरिक दृष्टि से यह खाद्य सुरक्षा को छूती है, जो हर देश में राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। सौ साल तक एक ही परिवार के हाथ में रही 361 एकड़ ज़मीन, जो डेयरी से अल्फाल्फा, गेहूं, जौ, घास और कनोला तक पहुंची — यह कृषि लचीलेपन का छोटा उदाहरण है। चूंकि कृषि भूमि का स्वामित्व, पीढ़ीगत हस्तांतरण और फसल विविधीकरण आज कई देशों में जीवंत नीतिगत बहस है, ऐसे सम्मान कार्यक्रम सांस्कृतिक श्रद्धांजलि के साथ एक मौन नीतिगत संकेत भी देते हैं।
- खाद्य उत्पादन क्षमता किसी भी राष्ट्र के लिए सामरिक संपत्ति है, और लगातार उत्पादन में बनी रहने वाली ज़मीन उस क्षमता की बुनियाद है।
- डेयरी से पशुपालन और फिर मिश्रित फसलों की ओर बदलाव यह दिखाता है कि किसी एक जिंस पर निर्भरता घटाने वाला विविधीकरण कैसा होता है।
- 1916 में लगभग 87.50 डॉलर प्रति एकड़ की कीमत बताती है कि सदी भर में कृषि भूमि के मूल्य और स्वामित्व ढांचे कितने बदल गए — यह आज कई देशों में संवेदनशील नीतिगत क्षेत्र है।
- 1942 और 1965 के हस्तांतरण दर्शाते हैं कि परिवार के भीतर व्यवस्थित उत्तराधिकार स्वयं दीर्घकालिक कृषि क्षमता का निर्धारक है।
- यह कार्यक्रम राज्य कृषि विभाग और राज्य ऐतिहासिक संस्था मिलकर चलाते हैं, जो संकेत देता है कि सरकारें ग्रामीण उत्पादन आधार के संरक्षण को दीर्घकालिक हित मानती हैं।
किस पर नज़र रखें — पीढ़ीगत उत्तराधिकार, फसल चयन और कृषि भूमि स्वामित्व नीति पर नज़र रखें — यही तय करेगा कि ऐसे पारिवारिक खेत दूसरी सदी में टिकते हैं या नहीं, और ऐसे सम्मान कार्यक्रम आगे बढ़ते हैं या नहीं।
कहानी केवल इतना बताती है कि एक पारिवारिक खेत को विरासत दर्जा मिला; इसमें कोई सुरक्षा, रक्षा या नीतिगत निर्णय और राष्ट्रीय उत्पादन आंकड़े नहीं हैं, इसलिए यहां का सामरिक ढांचा सामान्य संदर्भ है, रिपोर्ट का दावा नहीं।
गहराई से
शोध सारांश · 8 तथ्य · 6 तारीख़ें · परीक्षा के लिएसार
पृष्ठभूमि
अमेरिका के इडाहो राज्य के ग्रीनक्रीक में स्थित 361 एकड़ का शूमाकर फार्म अब आधिकारिक रूप से "इडाहो सेंचुरी फार्म" घोषित हुआ है। यह मान्यता इडाहो के सेंचुरी फार्म एंड रैंच प्रोग्राम के तहत दी जाती है, जिसे इडाहो स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर और इडाहो स्टेट हिस्टोरिकल सोसाइटी मिलकर चलाते हैं। यह कार्यक्रम उन खेतों और पशुपालन फार्मों को सम्मानित करता है जो कम से कम 100 वर्षों से लगातार एक ही परिवार के स्वामित्व में रहे हैं। बिग कंट्री न्यूज़ कनेक्शन की 21 सितंबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार इस फार्म की जड़ें 1916 की एक जमीन खरीद तक जाती हैं।
मुख्य तथ्य
- ग्रीनक्रीक, इडाहो स्थित एम्ब्रोस और मार्ज शूमाकर फार्म 361 एकड़ का है और इसे आधिकारिक रूप से इडाहो सेंचुरी फार्म का दर्जा मिला है।
- फार्म की स्थापना 1916 में जोसेफ और फिलोमेना श्मिट ने की थी; जमीन की कीमत लगभग 87.50 डॉलर प्रति एकड़ थी।
- जोसेफ और फिलोमेना ने इसी फार्म पर छह बेटों और चार बेटियों का पालन-पोषण किया।
- 1942 में मूल संपत्ति के 120 एकड़ उनकी बेटी मैरी और उनके पति लियो को मिले, जिनके आठ बच्चे थे।
- 1942 के छह साल बाद इस दंपति ने डेयरी फार्मिंग शुरू की, जो कैमास प्रेयरी की पहली ग्रेड ए डेयरियों में से एक बनी।
- 1965 में एम्ब्रोस और मार्ज शूमाकर ने फार्म संभाला; उनके नौ बच्चे थे और उन्होंने 1982 में डेयरी बेचकर मवेशी पालन पर ध्यान दिया।
- फार्म पर फैलो डियर (हिरण), विशेष प्रजाति के तीतर और मोर भी पाले गए।
- शुरुआत में अल्फाल्फा, गेहूं और मवेशी मुख्य थे; आज यहां अल्फाल्फा, गेहूं, जौ, घास और कनोला उगाए जाते हैं।
समयरेखा
- 1916जोसेफ और फिलोमेना श्मिट ने लगभग 87.50 डॉलर प्रति एकड़ की दर से 361 एकड़ जमीन खरीदकर फार्म स्थापित किया।
- 1942मूल संपत्ति के 120 एकड़ बेटी मैरी और उनके पति लियो को हस्तांतरित हुए।
- 1948 (1942 के छह वर्ष बाद)मैरी और लियो ने डेयरी फार्मिंग शुरू की, जो कैमास प्रेयरी की पहली ग्रेड ए डेयरियों में से एक बनी।
- 1965एम्ब्रोस और मार्ज शूमाकर ने फार्म का स्वामित्व संभाला।
- 1982परिवार ने डेयरी बेच दी और मवेशी पालन की ओर रुख किया।
- 21 सितंबररिपोर्ट प्रकाशित, जिसमें फार्म को इडाहो सेंचुरी फार्म एंड रैंच प्रोग्राम का हिस्सा बताया गया।
किसका दाँव
- शूमाकर परिवार — सौ वर्षों से अधिक समय तक एक ही परिवार के स्वामित्व में 361 एकड़ भूमि बनाए रखने की पीढ़ीगत मेहनत को आधिकारिक मान्यता।
- इडाहो स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर — सेंचुरी फार्म एंड रैंच प्रोग्राम का सह-संचालक; पारिवारिक कृषि की निरंतरता को प्रोत्साहित करना।
- इडाहो स्टेट हिस्टोरिकल सोसाइटी — कार्यक्रम का सह-भागीदार; राज्य के कृषि इतिहास और विरासत का दस्तावेजीकरण व संरक्षण।
- कैमास प्रेयरी क्षेत्र के किसान/डेयरी उत्पादक — क्षेत्र में ग्रेड ए डेयरी और फसल-विविधीकरण की परंपरा से जुड़ी स्थानीय कृषि पहचान।
क्यों अहम है
यह कहानी दिखाती है कि बदलते बाजारों और कृषि पद्धतियों के बीच भी पारिवारिक खेती कैसे टिक सकती है — डेयरी से मवेशी और फिर कनोला-जौ जैसी फसलों तक विविधीकरण करते हुए। राज्य द्वारा ऐसी मान्यता देना कृषि विरासत के दस्तावेजीकरण और भूमि के पीढ़ीगत हस्तांतरण को सांस्कृतिक मूल्य देने का उदाहरण है, जो भारत जैसे कृषि-प्रधान देशों के लिए भी विचारणीय है।
UPSC नज़रिया
प्रीलिम्स संकेत
- इडाहो सेंचुरी फार्म एंड रैंच प्रोग्राम: इडाहो स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर और इडाहो स्टेट हिस्टोरिकल सोसाइटी का संयुक्त प्रयास।
- मान्यता की शर्त: फार्म/रैंच कम से कम 100 वर्षों तक लगातार एक ही परिवार के स्वामित्व में रहा हो।
- शूमाकर फार्म: ग्रीनक्रीक, इडाहो; क्षेत्रफल 361 एकड़; स्थापना 1916; खरीद मूल्य लगभग 87.50 डॉलर प्रति एकड़।
- कैमास प्रेयरी में एक पहली ग्रेड ए डेयरी मैरी और लियो द्वारा शुरू की गई थी।
- वर्तमान फसलें: अल्फाल्फा, गेहूं, जौ, घास और कनोला।
- स्वामित्व हस्तांतरण के वर्ष: 1942 (120 एकड़ मैरी-लियो को), 1965 (एम्ब्रोस-मार्ज शूमाकर को), 1982 (डेयरी बिक्री)।
मेन्स दृष्टिकोण
इडाहो के शूमाकर फार्म को सेंचुरी फार्म का दर्जा मिलना पारिवारिक कृषि की दीर्घकालिक स्थायित्व-क्षमता का एक ठोस उदाहरण है। 1916 में 87.50 डॉलर प्रति एकड़ पर खरीदी गई 361 एकड़ भूमि तीन से अधिक पीढ़ियों तक एक ही परिवार में रही, और इस दौरान उत्पादन-मॉडल बदलता रहा — शुरुआती अल्फाल्फा, गेहूं और मवेशी से 1940 के दशक में ग्रेड ए डेयरी, 1982 में डेयरी बेचकर मवेशी पालन, और आज जौ, घास व कनोला जैसी विविध फसलें; बीच में फैलो डियर, तीतर और मोर जैसे गैर-परंपरागत प्रयोग भी हुए। इससे स्पष्ट होता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव, तकनीकी बदलाव और पीढ़ीगत विचारों के बीच अनुकूलन (adaptation) ही खेत को जीवित रखने की कुंजी है, जबकि भूमि स्थिर स्थिरांक बनी रहती है। नीतिगत दृष्टि से, इडाहो स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर और इडाहो स्टेट हिस्टोरिकल सोसाइटी का संयुक्त कार्यक्रम दिखाता है कि कृषि विभाग और इतिहास संस्थान मिलकर खेती को केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दे सकते हैं। आगे का रास्ता ऐसी मान्यता को दस्तावेजीकरण, फसल-विविधीकरण और पीढ़ीगत उत्तराधिकार-नियोजन से जोड़ने में है; स्रोत में इससे आगे की नीतिगत जानकारी नहीं दी गई है।
मुख्य शब्द
- सेंचुरी फार्म एंड रैंच प्रोग्राम
- इडाहो का कार्यक्रम जो कम से कम 100 वर्षों तक लगातार एक ही परिवार के स्वामित्व वाले खेतों/रैंचों को मान्यता देता है।
- इडाहो स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर
- इडाहो राज्य का कृषि विभाग, जो इस सेंचुरी फार्म कार्यक्रम का सह-संचालक है।
- इडाहो स्टेट हिस्टोरिकल सोसाइटी
- राज्य की ऐतिहासिक संस्था, जो कृषि विरासत की मान्यता में कृषि विभाग के साथ भागीदार है।
- ग्रेड ए डेयरी
- डेयरी की एक श्रेणी; मैरी और लियो की डेयरी कैमास प्रेयरी की पहली ग्रेड ए डेयरियों में से एक थी।
- अल्फाल्फा
- चारा फसल, जो फार्म की स्थापना के समय से आज तक उगाई जा रही है।
- कनोला
- तिलहन फसल, जो आज शूमाकर फार्म पर गेहूं, जौ और घास के साथ उगाई जाती है।
अभ्यास प्रश्न
- इडाहो के शूमाकर फार्म के उदाहरण से समझाइए कि पारिवारिक खेतों का दीर्घकालिक अस्तित्व फसल-विविधीकरण और अनुकूलन पर कैसे निर्भर करता है।
- कृषि विभाग और ऐतिहासिक संस्था के संयुक्त प्रयास से 'सेंचुरी फार्म' जैसी मान्यता देने के क्या उद्देश्य और संभावित लाभ हो सकते हैं? चर्चा कीजिए।
- शूमाकर फार्म की समयरेखा (1916, 1942, 1965, 1982) के आधार पर पीढ़ीगत भूमि हस्तांतरण और उत्पादन-मॉडल में बदलाव को स्पष्ट कीजिए।
सिर्फ़ मूल ख़बर के आधार पर — आँकड़े और तारीख़ें स्रोत की हैं, अनुमान नहीं।