करीमनगर में सूखा, कपास किसानों को बारिश का इंतजार
करीमनगर जिले के कपास किसान पूर्वोत्तर मानसून की बारिश से फसल के सुधरने की आशा लगाए हैं, क्योंकि कुछ इलाकों में फसल मुरझाने लगी है। जिले में लगभग 46,000 एकड़ में कपास की बुवाई हुई है, जो धान के बाद दूसरी सबसे बड़ी फसल है। किसानों के अनुसार अल नीनो के कारण खरीफ की शुरुआत से ही कम बारिश हुई, अंकुरण देर से हुआ और वृद्धि प्रभावित हुई। लाल मिट्टी की फसल काली मिट्टी से खराब स्थिति में है। सूखा जारी रहने पर उपज 50 प्रतिशत घटने की आशंका है।