गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को 17 सितंबर को मंजूरी दी। सात घंटे से अधिक चली चर्चा के बाद मार्च में विधानसभा ने इसे ध्वनिमत से पारित किया था। उत्तराखंड के बाद गुजरात यूसीसी अपनाने वाला दूसरा राज्य है। संहिता विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों को कवर करती है। लिव-इन पंजीकरण न कराने पर तीन माह तक कैद या 10,000 रुपये जुर्माना। अनुसूचित जनजातियों को छूट है।