घोषणापत्र के अधूरे वादों पर उमर अब्दुल्ला सरकार की आलोचना
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के करीब दो साल के कार्यकाल पर विश्लेषकों और विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। 16 अक्टूबर 2024 को दूसरी बार शपथ लेने वाले अब्दुल्ला कहते रहे हैं कि 'दोहरे' शासन मॉडल में निर्णायक अधिकार उपराज्यपाल के पास हैं। जेकेएनसी के 2024 घोषणापत्र में 12 गारंटियां थीं, जिनमें एक लाख नौकरियां, 200 यूनिट मुफ्त बिजली और अनुच्छेद 370, 35ए तथा राज्य का दर्जा बहाल करना शामिल था। पार्टी का कहना है कि उसके पास तीन साल और हैं।