विश्लेषण: नागरिक बहुलतावाद से अमेरिका बहाल करे मानवाधिकार विश्वसनीयता
फॉरेन पॉलिसी में प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, 80 वर्षों तक मानवाधिकारों का रक्षक बताने वाले अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में अपनी विश्वसनीयता खो दी है। इसमें यूएसएआईडी को समाप्त करना, लोकतंत्र कार्यक्रमों से अरबों डॉलर की वापसी और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर हमलों का उल्लेख है। लेखक का कहना है कि भावी सरकारें जातीय व धार्मिक भिन्नताओं का सम्मान करने वाले नागरिक बहुलतावाद को विदेश नीति एजेंडा बनाएं तथा मार्च 2011 में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा स्वीकृत अमेरिका-ओआईसी प्रस्ताव और इस्तांबुल प्रक्रिया को पुनर्जीवित करें।